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Rampur Bushahar News: किन्नौर के कुप्पा और लिप्पा में मची तबाही, तीन घरों पर गिरी चट्टाने, 38 लोग सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाए
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किन्नौर के कुप्पा और लिप्पा में मची तबाही, तीन घरों पर गिरी चट्टाने, 38 लोग सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाए
. सेब के बगीचों, शौचालय, गोशाला, आंगन, पानी की पाइपों को भी नुकसान
. लिप्पा की पेजर खड्ड में बाढ़ आने से घरों और गलियों में घुसा मलबा, पुल खतरे में
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला/रिकांगपिओ(किन्नौर)। किन्नौर में बुधवार रात से लगातार हो रही बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। पुह उपमंडल के लिप्पा और सांगला वैली के कुप्पा गांव में भारी नुकसान हुआ है। कुप्पा गांव की ऊपरी पहाड़ी कुखरिंग डोखंग पर वीरवार दोपहर को भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ से भारी भरकम चट्टाने गांव पर आ गिरीं। चट्टानों की चपेट में आकर दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए जबकि एक मकान पूरी तरह से तबाह हो गए। गनीमत रही कि भूस्खलन की आवाज सुनकर लोग पहले ही घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। प्रशासन ने 38 लोग सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाए हैं। चट्टानों की चपेट में आने से सेब के सात बगीचे, एक शौचालय, एक गोशाला, एक आंगन और पानी की पाइपों को भी नुकसान पहुंचा है। तहसीलदार सांगला हरदयाल सिंह के नेतृत्व में प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। चार परिवारों के 18 लोगों को हटाकर स्थानीय जीरा फार्म कुप्पा में शिफ्ट किया गया। वहां उनके खाने पीने की व्यवस्था भी की गई है। प्राकृतिक आपदा ने पुह उपमंडल के लिप्पा में भी कहर मचाया है। वीरवार को लिप्पा की पेजर खड्ड में पानी के साथ भारी मात्रा में मिट्टा और पत्थर का मलबा बाढ़ की तरह आया। मलबा खड्ड के किनारे घरों और गलियों में घुस गया। मलबा घुसने से इस घरों में रह रहे मजदूरों का सामान भी खराब हो गया। मलबे की चपेट में आने से लिप्पा खास गांव को जोड़ने वाला लोहे का करीब 100 मीटर लंबा पुल भी खतरे की जद में है। खतरे को देखते हुए एडीएम पूह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके का जायजा लिया। नायब तहसीलदार पुरुषोत्तम सिंह की अगुवाई में खड्ड किनारे किराये के मकान में रहने वाले 20 मजदूरों को पंचायत भवन में शिफ्ट किया है। इसके अलावा, वीरवार सुबह रिकांगपिओ से काजा मार्ग पर मलिंग नाला के पास भूस्खलन हुआ। भूस्खलन होने से मार्ग बंद हो गया। फिलहाल बीआरओ मलबे को हटाकर हाईवे को बहाल कर रहा है, लेकिन वहां लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई जगहों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। किन्नौर प्रशासन ने की अपील है कि लगातार बारिश के मद्देनजर पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित स्थानों से दूर रहें। अनावश्यक यात्रा से बचें।
इनसेट
सतलुज नदी उफान पर, कड़छम बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ा
लगातार हो रही बारिश ये सतलुज नदी भी उफान पर है। कड़छम बांध से वीरवार दोपहर 1:30 बजे अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। इससे नदी में पानी का बहाव और तेज हो गया। वर्तमान में सतलुज नदी में पानी का बहाव 343 क्यूबिक है। कड़छम बांध के रेडियल गेट से 100 क्यूबिक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। इस अतिरिक्त पानी के छोड़े जाने के बाद कड़छम बांध से कुल अनुमानित बहाव 526 क्यूबिक तक पहुंच गया है। इसमें रेडियल गेट से 443 क्यूबिक और सिल्ट फ्लशिंग गेट से 83 क्यूमेक पानी शामिल है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है। नदी किनारे सायरन बजा कर लोगों को सतर्क भी किया जा रहा है।
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. सेब के बगीचों, शौचालय, गोशाला, आंगन, पानी की पाइपों को भी नुकसान
. लिप्पा की पेजर खड्ड में बाढ़ आने से घरों और गलियों में घुसा मलबा, पुल खतरे में
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला/रिकांगपिओ(किन्नौर)। किन्नौर में बुधवार रात से लगातार हो रही बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। पुह उपमंडल के लिप्पा और सांगला वैली के कुप्पा गांव में भारी नुकसान हुआ है। कुप्पा गांव की ऊपरी पहाड़ी कुखरिंग डोखंग पर वीरवार दोपहर को भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ से भारी भरकम चट्टाने गांव पर आ गिरीं। चट्टानों की चपेट में आकर दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए जबकि एक मकान पूरी तरह से तबाह हो गए। गनीमत रही कि भूस्खलन की आवाज सुनकर लोग पहले ही घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। प्रशासन ने 38 लोग सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाए हैं। चट्टानों की चपेट में आने से सेब के सात बगीचे, एक शौचालय, एक गोशाला, एक आंगन और पानी की पाइपों को भी नुकसान पहुंचा है। तहसीलदार सांगला हरदयाल सिंह के नेतृत्व में प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। चार परिवारों के 18 लोगों को हटाकर स्थानीय जीरा फार्म कुप्पा में शिफ्ट किया गया। वहां उनके खाने पीने की व्यवस्था भी की गई है। प्राकृतिक आपदा ने पुह उपमंडल के लिप्पा में भी कहर मचाया है। वीरवार को लिप्पा की पेजर खड्ड में पानी के साथ भारी मात्रा में मिट्टा और पत्थर का मलबा बाढ़ की तरह आया। मलबा खड्ड के किनारे घरों और गलियों में घुस गया। मलबा घुसने से इस घरों में रह रहे मजदूरों का सामान भी खराब हो गया। मलबे की चपेट में आने से लिप्पा खास गांव को जोड़ने वाला लोहे का करीब 100 मीटर लंबा पुल भी खतरे की जद में है। खतरे को देखते हुए एडीएम पूह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके का जायजा लिया। नायब तहसीलदार पुरुषोत्तम सिंह की अगुवाई में खड्ड किनारे किराये के मकान में रहने वाले 20 मजदूरों को पंचायत भवन में शिफ्ट किया है। इसके अलावा, वीरवार सुबह रिकांगपिओ से काजा मार्ग पर मलिंग नाला के पास भूस्खलन हुआ। भूस्खलन होने से मार्ग बंद हो गया। फिलहाल बीआरओ मलबे को हटाकर हाईवे को बहाल कर रहा है, लेकिन वहां लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई जगहों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। किन्नौर प्रशासन ने की अपील है कि लगातार बारिश के मद्देनजर पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित स्थानों से दूर रहें। अनावश्यक यात्रा से बचें।
इनसेट
सतलुज नदी उफान पर, कड़छम बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ा
लगातार हो रही बारिश ये सतलुज नदी भी उफान पर है। कड़छम बांध से वीरवार दोपहर 1:30 बजे अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। इससे नदी में पानी का बहाव और तेज हो गया। वर्तमान में सतलुज नदी में पानी का बहाव 343 क्यूबिक है। कड़छम बांध के रेडियल गेट से 100 क्यूबिक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। इस अतिरिक्त पानी के छोड़े जाने के बाद कड़छम बांध से कुल अनुमानित बहाव 526 क्यूबिक तक पहुंच गया है। इसमें रेडियल गेट से 443 क्यूबिक और सिल्ट फ्लशिंग गेट से 83 क्यूमेक पानी शामिल है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है। नदी किनारे सायरन बजा कर लोगों को सतर्क भी किया जा रहा है।
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