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Rampur Bushahar News: कुंगलबाल्टी मेले में नाचते-गाते पहुंचे देवी-देवता और देवलू
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देव आगमन के साथ दो दिवसीय मेला शुरू
भाई-बहन का मिलन रहा आकर्षण, ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ननखड़ी तहसील के कुंगलबाल्टी में देव आगमन के साथ दो दिवसीय पारंपरिक मेला शुरू हुआ। देवी-देवता अपने देवलुओं संग नाचते-गाते मेला मैदान पहुंचे। मेले में भाई और बहन का ऐतिहासिक मिलन हुआ जो आकर्षण का केंद्र रहा। श्रद्धालुओं को देव मिलन के इस पावन अवसर का साक्षी बनने का अवसर मिला। माता सिंहासनी खमाडी ने मेले में पहुंचकर मेले का आगाज किया। देवता पलथान शोली भी अपनी बहन माता सिंहासनी खमाडी से मिलने के लिए मेले में पहुंचे। देव मिलन की इस धार्मिक एवं पारंपरिक रस्म को देखने के लिए क्षेत्र के अलावा दूर-दूर के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग कुंगलबाल्टी पहुंचे। ग्रामीणों और देवलुओं ने वाद्य-यंत्रों पर नाटी डाली। दो दिवसीय मेले में ग्रामीण सहित अन्य लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमेंगे। श्रद्धालुओं ने देवताओं के दर्शन कर उनके समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। शोली मंदिर कमेटी के अध्यक्ष दर्शन दास ठाकुर ने कहा कि पारंपरिक एवं ऐतिहासिक मेला धूमधाम से मनाया जा रहा है। मेले हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक हैं।
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भाई-बहन का मिलन रहा आकर्षण, ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ननखड़ी तहसील के कुंगलबाल्टी में देव आगमन के साथ दो दिवसीय पारंपरिक मेला शुरू हुआ। देवी-देवता अपने देवलुओं संग नाचते-गाते मेला मैदान पहुंचे। मेले में भाई और बहन का ऐतिहासिक मिलन हुआ जो आकर्षण का केंद्र रहा। श्रद्धालुओं को देव मिलन के इस पावन अवसर का साक्षी बनने का अवसर मिला। माता सिंहासनी खमाडी ने मेले में पहुंचकर मेले का आगाज किया। देवता पलथान शोली भी अपनी बहन माता सिंहासनी खमाडी से मिलने के लिए मेले में पहुंचे। देव मिलन की इस धार्मिक एवं पारंपरिक रस्म को देखने के लिए क्षेत्र के अलावा दूर-दूर के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग कुंगलबाल्टी पहुंचे। ग्रामीणों और देवलुओं ने वाद्य-यंत्रों पर नाटी डाली। दो दिवसीय मेले में ग्रामीण सहित अन्य लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमेंगे। श्रद्धालुओं ने देवताओं के दर्शन कर उनके समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। शोली मंदिर कमेटी के अध्यक्ष दर्शन दास ठाकुर ने कहा कि पारंपरिक एवं ऐतिहासिक मेला धूमधाम से मनाया जा रहा है। मेले हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक हैं।