रोहड़ू। सरकारी ठेकेदारों के करोड़ों रुपये ट्रेजरी में फंस गए हैं। ठेकेदारों के टोकन कटने के बावजूद भी बकाया बिलों का भुगतान नहीं हो सका है। अब ट्रेजरी में लंबित पड़े सभी टोकनों को वापस विभागों को भेजने की तैयारी है। लोक निर्माण विभाग वृत्त रोहड़ू, जुब्बल, कोटखाई और डोडरा क्वार की ट्रेजरियों में 39 करोड़ रुपये के टोकन भेजे गए थे। सइकी एलओसी (लेटर आफ क्रेडिट) भी लोक निर्माण विभाग के पास आई थी, लेकिन टोकन कटने के बावजूद 31 मार्च से पहले ठेकेदारों को बकाया बिलों की राशि का भुगतान नहीं हुआ। अब गुस्साए ठेकेदारों ने भी प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर दी है। ठेकेदारों ने चेताया है कि यदि शीघ्र ही बकाया पेमेंट का भुगतान नहीं हुआ, तो सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ठेकेदार एसोसिएशन रोहड़ू के अध्यक्ष विरेंद्र नेगी ने बताया कि ठेकेदारों को उम्मीद थी कि 31 मार्च को भुगतान होगा। विभाग की ओर से बिलों के भुगतान के लिए टोकन ट्रेजरी में 31 मार्च से पहले भेज दिए थे। एलओसी होने के बाद भी ठेकेदारों को बकाया बिलों की पेमेंट नहीं की गई, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। पिछले पैसे न मिलने के कारण ठेकेदार आगे मजदूरों, हार्ड वेयर, रेता बजरी वालों को भी पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द ठेकदारों को भुगतान करें अन्यथा उन्हें सड़क पर उतरने पर मजबूर होना होगा। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रमोद कुमार उप्रेती ने बताया कि 31 मार्च से पहले ट्रेजरी में भेजे गए जिन टोकनों का भुगतान नहीं हुआ है। वह सभी 31 मार्च के बाद मान्य नहीं होते हैं, इसलिए सभी टोकन ट्रेजरी से वापस आएंगे।