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Rampur Bushahar News: चेक बाउंस के मामले में दोषी को छह माह की सजा
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रामपुर की अदालत ने 99 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। चेक बाउंस के मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर की अदालत ने दोषी को छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 99 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी गंगा सिंह ने हिमाचल प्रदेश कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक की रामपुर बुशहर शाखा से अपनी भूमि का विकास करने के लिए 2.50 लाख का ऋण लिया था। वह अनुबंध की शर्तों के अनुसार महीने की सभी किस्तों को जमा नहीं कर पाया। बैंक ने ऋण के संबंध में अपनी देनदारी को खत्म करने का अनुरोध किया। इसके लिए गंगा सिंह ने 66 हजार रुपये का चेक जारी किया, जो बाउंस हो गया। बैंक ने आरोपी को लीगल नोटिस जारी किया, लेकिन फिर भी आरोपी ने भुगतान नहीं किया। इसके बाद बैंक ने मामले की शिकायत की। अदालत ने पहली नजर में मामला पाए जाने पर आरोपी को एनआई एक्ट की धारा-138 के तहत नोटिस भेजा। आरोपी ने खुद को बेकसूर बताया और ट्रायल का दावा किया। ट्रायल के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। दोषी को छह महीने की साधारण जेल की सजा सुनाई गई। इसके अलावा, दोषी को निर्देश दिया गया कि वह शिकायत करने वाले को 99 हजार रुपये का मुआवजा दे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। चेक बाउंस के मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर की अदालत ने दोषी को छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 99 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी गंगा सिंह ने हिमाचल प्रदेश कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक की रामपुर बुशहर शाखा से अपनी भूमि का विकास करने के लिए 2.50 लाख का ऋण लिया था। वह अनुबंध की शर्तों के अनुसार महीने की सभी किस्तों को जमा नहीं कर पाया। बैंक ने ऋण के संबंध में अपनी देनदारी को खत्म करने का अनुरोध किया। इसके लिए गंगा सिंह ने 66 हजार रुपये का चेक जारी किया, जो बाउंस हो गया। बैंक ने आरोपी को लीगल नोटिस जारी किया, लेकिन फिर भी आरोपी ने भुगतान नहीं किया। इसके बाद बैंक ने मामले की शिकायत की। अदालत ने पहली नजर में मामला पाए जाने पर आरोपी को एनआई एक्ट की धारा-138 के तहत नोटिस भेजा। आरोपी ने खुद को बेकसूर बताया और ट्रायल का दावा किया। ट्रायल के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। दोषी को छह महीने की साधारण जेल की सजा सुनाई गई। इसके अलावा, दोषी को निर्देश दिया गया कि वह शिकायत करने वाले को 99 हजार रुपये का मुआवजा दे।