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Rampur Bushahar News: सेब बिक्री चेक बाउंस मामले में दोषी को एक साल की कैद
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अदालत ने दोषी को 14.70 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या-1 रोहड़ू ने सेब बिक्री से जुड़े चेक बाउंस मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 14.70 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह जुर्माना शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। जुर्माना न भरने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा-138 के तहत दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता भीषण सिंह ने 2021 के सेब सीजन में अपनी सेब की फसल 15 लाख रुपये में बेची थी। आरोपी सुशील ने 34,050 रुपये नकद दिए थे। शेष 14,65,950 रुपये के लिए 28 मार्च 2022 को एक चेक जारी किया। यह चेक बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। अदालत ने अभियुक्त की उपस्थिति सुनिश्चित करने के बाद उसे जमानत दी थी। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमे का दावा किया। धारा-138 के तहत प्रथम दृष्टया मामला पाए जाने पर आरोप तय किए गए। अभियुक्त ने आरोपों से इन्कार किया और बचाव में सबूत पेश करने की इच्छा जताई। हालांकि, पर्याप्त अवसर मिलने के बावजूद वह कोई सबूत पेश नहीं कर पाया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद फैसला सुनाया। अदालत ने पाया कि अभियुक्त शिकायतकर्ता के पक्ष में मौजूद वैधानिक अनुमानों को खारिज करने में विफल रहा। अदालत ने अभियुक्त को एक साल के साधारण कारावास और 14.70 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या-1 रोहड़ू ने सेब बिक्री से जुड़े चेक बाउंस मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 14.70 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह जुर्माना शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। जुर्माना न भरने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा-138 के तहत दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता भीषण सिंह ने 2021 के सेब सीजन में अपनी सेब की फसल 15 लाख रुपये में बेची थी। आरोपी सुशील ने 34,050 रुपये नकद दिए थे। शेष 14,65,950 रुपये के लिए 28 मार्च 2022 को एक चेक जारी किया। यह चेक बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। अदालत ने अभियुक्त की उपस्थिति सुनिश्चित करने के बाद उसे जमानत दी थी। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमे का दावा किया। धारा-138 के तहत प्रथम दृष्टया मामला पाए जाने पर आरोप तय किए गए। अभियुक्त ने आरोपों से इन्कार किया और बचाव में सबूत पेश करने की इच्छा जताई। हालांकि, पर्याप्त अवसर मिलने के बावजूद वह कोई सबूत पेश नहीं कर पाया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद फैसला सुनाया। अदालत ने पाया कि अभियुक्त शिकायतकर्ता के पक्ष में मौजूद वैधानिक अनुमानों को खारिज करने में विफल रहा। अदालत ने अभियुक्त को एक साल के साधारण कारावास और 14.70 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।