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Rampur Bushahar News: सड़क हादसे में घायल महिला को मिलेगा 2.50 लाख रुपये मुआवजा
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एमएसीटी रामपुर ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 164 के तहत सुनाया फैसला
चालक को एक माह में राशि जमा करने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण किन्नौर स्थित रामपुर बुशहर ने सड़क हादसे में घायल महिला को 2.50 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। अधिकरण ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 164 के तहत बिना गलती साबित किए मुआवजे का प्रावधान लागू करते हुए यह फैसला सुनाया। चालक एवं वाहन मालिक को एक माह के भीतर मुआवजा राशि जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला 1 अक्तूबर 2023 का है। राजकुमारी कार में एक अन्य महिला के साथ उरनी गांव से रामपुर की ओर जा रही थीं। पुरानी टापरी के पास हुए हादसे में राजकुमारी के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई थीं। उन्हें पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टापरी में उपचार दिया गया। इसके बाद एमजीएमएससी खनेरी और फिर आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। महिला ने उपचार पर पांच लाख रुपये से अधिक खर्च होने का दावा किया था।
राजकुमारी ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत 10 लाख रुपये मुआवजा, 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और एक लाख रुपये अंतरिम मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, अधिकरण ने पाया कि उपलब्ध साक्ष्यों से हादसे में चालक की लापरवाही साबित नहीं हो सकी। पुलिस की जनरल डायरी में भी महिला के हवाले से चालक की गलती से इन्कार किए जाने का उल्लेख था। इस कारण धारा 166 के तहत मुआवजे का दावा स्वीकार नहीं किया गया।
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अधिकरण ने चिकित्सा दस्तावेजों और महिला के बयान के आधार पर माना कि उसे सड़क हादसे में चोटें आई थीं। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 164 के तहत बिना गलती साबित किए मुआवजा देने के प्रावधान को लागू करते हुए अधिकरण ने महिला को 2.50 लाख रुपये देने के आदेश दिए।
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चालक को एक माह में राशि जमा करने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण किन्नौर स्थित रामपुर बुशहर ने सड़क हादसे में घायल महिला को 2.50 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। अधिकरण ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 164 के तहत बिना गलती साबित किए मुआवजे का प्रावधान लागू करते हुए यह फैसला सुनाया। चालक एवं वाहन मालिक को एक माह के भीतर मुआवजा राशि जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला 1 अक्तूबर 2023 का है। राजकुमारी कार में एक अन्य महिला के साथ उरनी गांव से रामपुर की ओर जा रही थीं। पुरानी टापरी के पास हुए हादसे में राजकुमारी के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई थीं। उन्हें पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टापरी में उपचार दिया गया। इसके बाद एमजीएमएससी खनेरी और फिर आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। महिला ने उपचार पर पांच लाख रुपये से अधिक खर्च होने का दावा किया था।
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राजकुमारी ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत 10 लाख रुपये मुआवजा, 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और एक लाख रुपये अंतरिम मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, अधिकरण ने पाया कि उपलब्ध साक्ष्यों से हादसे में चालक की लापरवाही साबित नहीं हो सकी। पुलिस की जनरल डायरी में भी महिला के हवाले से चालक की गलती से इन्कार किए जाने का उल्लेख था। इस कारण धारा 166 के तहत मुआवजे का दावा स्वीकार नहीं किया गया।
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अधिकरण ने चिकित्सा दस्तावेजों और महिला के बयान के आधार पर माना कि उसे सड़क हादसे में चोटें आई थीं। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 164 के तहत बिना गलती साबित किए मुआवजा देने के प्रावधान को लागू करते हुए अधिकरण ने महिला को 2.50 लाख रुपये देने के आदेश दिए।