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रामपुर में तीन माह से वेतन नहीं मिलने पर बिफरे मजदूर
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नगर परिषद रामपुर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते नप ठेकेदार मजदूर यूनियन
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण मजदूरों ने नप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को नगर परिषद रामपुर ठेका मजदूर यूनियन संबंधित सीटू ने नगर परिषद रामपुर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी, रणजीत ठाकुर, यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र और महासचिव ललिता ने कहा कि नगर परिषद के अंदर कार्य कर रहे सभी ठेका मजदूरों को लंबे समय से समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।
इसके विषय में बार-बार लिखित और मौखिक रुप से नगर परिषद प्रबंधन और ठेकेदार को अवगत करवाया गया है। मगर इस संबंध में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वेतन नहीं मिलने के कारण ठेका मजदूरों को महंगाई के दौर में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रामपुर नगर परिषद में ठेका मजदूरों पर किसी भी श्रम कानूनों को लागू नहीं किया जा रहा है। श्रम कानून के अनुसार हर माह की 7 तारीख से पहले वेतन मिलना चाहिए, जो नहीं मिल रहा है। अभी भी मार्च महीने का वेतन उन्हें नहीं मिला है और मांग को उठाने पर नौकरी से निकालने की धमकी ठेकेदार और नगर परिषद प्रबंधन दे रहा है।
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उन्होंने कहा कि नगर परिषद में काम कर रहे मजदूरों को न तो श्रम अधिकारी से सत्यापित कोई आईकार्ड मिला है, न ही वेतन स्लिप और रविवार की छुट्टी दी जा रही है। इसके साथ ही ईएसआई और ईपीएफ का रिकॉर्ड तक नहीं रखा गया है। कई मजदूरों को पिछले ठेकेदार ने 2019-2020 का ईपीएफ तक नहीं काटा गया है। कामगारों ने कहा कि महंगाई के दौर में उन्हें तीन महीने से वेतन न मिला है।
इस वजह से उनके लिए परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शन के के माध्यम से वक्ताओं ने कहा कि अगर तीन महीने का वेतन 7 अगस्त तक मजदूरों को नहीं मिला तो आने वाले समय में यूनियन आंदोलन को और तेज करेगी।
इसमें कूड़ा इकट्ठा करने का काम भी बंद किया जा सकता है। धरने में राजू राणा, मोती राम, मनिता, तारामणि, ललिता, रजनी, सोमारी, सीता, उस्तानी, शिवचरण, बीरमानिय, सोनिया, चिंता, नीलम और अनूप ने भाग लिया।
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इसके विषय में बार-बार लिखित और मौखिक रुप से नगर परिषद प्रबंधन और ठेकेदार को अवगत करवाया गया है। मगर इस संबंध में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वेतन नहीं मिलने के कारण ठेका मजदूरों को महंगाई के दौर में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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रामपुर नगर परिषद में ठेका मजदूरों पर किसी भी श्रम कानूनों को लागू नहीं किया जा रहा है। श्रम कानून के अनुसार हर माह की 7 तारीख से पहले वेतन मिलना चाहिए, जो नहीं मिल रहा है। अभी भी मार्च महीने का वेतन उन्हें नहीं मिला है और मांग को उठाने पर नौकरी से निकालने की धमकी ठेकेदार और नगर परिषद प्रबंधन दे रहा है।
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उन्होंने कहा कि नगर परिषद में काम कर रहे मजदूरों को न तो श्रम अधिकारी से सत्यापित कोई आईकार्ड मिला है, न ही वेतन स्लिप और रविवार की छुट्टी दी जा रही है। इसके साथ ही ईएसआई और ईपीएफ का रिकॉर्ड तक नहीं रखा गया है। कई मजदूरों को पिछले ठेकेदार ने 2019-2020 का ईपीएफ तक नहीं काटा गया है। कामगारों ने कहा कि महंगाई के दौर में उन्हें तीन महीने से वेतन न मिला है।
इस वजह से उनके लिए परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शन के के माध्यम से वक्ताओं ने कहा कि अगर तीन महीने का वेतन 7 अगस्त तक मजदूरों को नहीं मिला तो आने वाले समय में यूनियन आंदोलन को और तेज करेगी।
इसमें कूड़ा इकट्ठा करने का काम भी बंद किया जा सकता है। धरने में राजू राणा, मोती राम, मनिता, तारामणि, ललिता, रजनी, सोमारी, सीता, उस्तानी, शिवचरण, बीरमानिय, सोनिया, चिंता, नीलम और अनूप ने भाग लिया।