आनी (कुल्लू)। किसान सभा हिमाचल प्रदेश और ऑल इंडिया किसान संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आनी में किसानों के आंदोलन के समर्थन में रोष रैली का आयोजन किया गया। सचिव गीता राम ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार चंद पूंजीपतियों और कारपोरेट घरानों की खातिर देश के अन्नदाताओं की मांगों को अनसुना कर रही है। किसान देश की रीढ़ की हड्डी है और यह सरकार इस हड्डी को ही तोड़ना चाहती है। देश में जबरदस्ती गरीबी और भुखमरी बढ़ाना चाहते हैं। देश के किसान इतनी कंपकंपाती ठंड में सड़क पर हैं और देश के तानाशाही राजा को फर्क नहीं पड़ता।
सीटू के संयोजक पद्म प्रभाकर ने कहा कि देश पहले ही गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है। दुनिया की आर्थिक मंदी से भारत में मंदी बहुत ज्यादा है वहीं दूसरी ओर नौकरियों को खत्म किया गया। कोरोना संकट में 14 करोड़ नौकरी चली गईं। उन्होंने कहा कि वह किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे। 11 दिसंबर को किसान सभा के साथ मिलकर सीटू आनी किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ आनी में प्रदर्शन करेगी। किसान सभा ने किसानोें से अपील की है कि किसान विरोधी काले कानून के खिलाफ अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। प्रदर्शन में गीताराम, बेली राम सूद, चुनी लाल, दिलीप, तारा, मिलाप, तेजराम आदि शामिल रहे।