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चार नए वार्ड तय करेंगे अध्यक्ष पद की राह
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रामपुर बुशहर। दस जनवरी को होने वाले चुनाव में इस बार रामपुर नगर परिषद के लिए सभी समीकरण बदल जाएंगे। नगर परिषद का पुनर्सीमांकन कर बने दो के चार वार्ड ही अध्यक्ष पद की राह तैयार करेंगे। इस बार नगर परिषद का अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित है।
गौरतलब है कि पूर्व में नगर परिषद रामपुर में अध्यक्ष पद की ताजपोशी में मुख्य बाजार के मतदाताओं की ही खास भूमिका रहती थी क्योंकि शहर में ही सबसे अधिक चार वार्ड थे। लेकिन अब नगर परिषद का पुनर्सीमांकन कर शहर के वार्डों को जोड़कर दो वार्ड और खनेरी, डकोलढ़ वार्ड का विघटन कर चार वार्ड बना दिए थे। इसके चलते अब नगर परिषद पर शहर की राजनीति पूर्व की भांति नहीं चल पाएगी। मूलभूत विकास से महरूम चूहाबाग, खनेरी, अपर और लोअर डकोलढ़ के मतदाता ही इस बार अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को कुर्सी दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। चुनाव में नगर परिषद के 4700 से अधिक मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। नामांकन प्रक्रिया से पहले उम्मीदवार मतदाताओं को रिझाने में जुट गए हैं।
ये रहेगा नगर परिषद चुनाव का रोस्टर
नगर परिषद का वार्ड एक पीप्टी मोहल्ला और वार्ड दो पद्म नगर अनुसूचित जाति, वार्ड तीन रघुनाथ, सत्यनारायण मोहल्ला अनुसूचित जाति महिला, वार्ड चार नरसिंह, महावीर मोहल्ला, महिला, वार्ड पांच अखाड़ा मंदिर अनारक्षित, वार्ड छह लोअर डकोलढ़ महिला, वार्ड सात अपर डकोलढ़ और वार्ड आठ चूहाबाग, रचोली अनारक्षित और वार्ड नौ खनेरी एसटी महिला के लिए आरक्षित रहेगा। नगर परिषद में कुछ ही वर्ष पहले डकोलढ़ और खनेरी क्षेत्र को जोड़ा गया था। इनका विघटन कर नए बने दो-दो वार्डों से पार्षद चुनकर नगर परिषद में पहुंचेंगे। ऐसे में अब नगर परिषद रामपुर में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। पूर्व में जहां नगर परिषद शहर तक ही सिमट कर रह जाता था वहीं अब साथ लगते वार्डों में भी विकास की नई राह देखने को मिलेगी।
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आरोप-प्रत्यारोपों में ही गुजर गए पांच साल
इससे पहले नगर परिषद रामपुर का अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था। कांग्रेस समर्थित नगर परिषद में नए बने वार्ड डकोलढ़ से चुनकर आई पार्षद को अध्यक्ष मनोनीत किया गया, लेकिन कुछ वर्ष बाद ही राजनीति का शिकार होकर उन्हें अध्यक्ष पद गंवाना पड़ा। काफी समय तक नगर परिषद बिना अध्यक्ष और कार्यकारी अधिकारी के चलता रहा। अंतिम समय में वार्ड तीन से अध्यक्ष चुनी गईं। ऐसे में पांच वर्षों तक नगर परिषद में केवल उठापठक ही चलती रही, जबकि विकास कार्यों को नाममात्र ही गति मिल पाई। अभी भी नगर परिषद रामपुर कई सुविधाओं से महरूम है, लेकिन अब आगामी अध्यक्ष और नप टीम क्या करेगी, इसका पता चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता लग पाएगा।
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गौरतलब है कि पूर्व में नगर परिषद रामपुर में अध्यक्ष पद की ताजपोशी में मुख्य बाजार के मतदाताओं की ही खास भूमिका रहती थी क्योंकि शहर में ही सबसे अधिक चार वार्ड थे। लेकिन अब नगर परिषद का पुनर्सीमांकन कर शहर के वार्डों को जोड़कर दो वार्ड और खनेरी, डकोलढ़ वार्ड का विघटन कर चार वार्ड बना दिए थे। इसके चलते अब नगर परिषद पर शहर की राजनीति पूर्व की भांति नहीं चल पाएगी। मूलभूत विकास से महरूम चूहाबाग, खनेरी, अपर और लोअर डकोलढ़ के मतदाता ही इस बार अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को कुर्सी दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। चुनाव में नगर परिषद के 4700 से अधिक मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। नामांकन प्रक्रिया से पहले उम्मीदवार मतदाताओं को रिझाने में जुट गए हैं।
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ये रहेगा नगर परिषद चुनाव का रोस्टर
नगर परिषद का वार्ड एक पीप्टी मोहल्ला और वार्ड दो पद्म नगर अनुसूचित जाति, वार्ड तीन रघुनाथ, सत्यनारायण मोहल्ला अनुसूचित जाति महिला, वार्ड चार नरसिंह, महावीर मोहल्ला, महिला, वार्ड पांच अखाड़ा मंदिर अनारक्षित, वार्ड छह लोअर डकोलढ़ महिला, वार्ड सात अपर डकोलढ़ और वार्ड आठ चूहाबाग, रचोली अनारक्षित और वार्ड नौ खनेरी एसटी महिला के लिए आरक्षित रहेगा। नगर परिषद में कुछ ही वर्ष पहले डकोलढ़ और खनेरी क्षेत्र को जोड़ा गया था। इनका विघटन कर नए बने दो-दो वार्डों से पार्षद चुनकर नगर परिषद में पहुंचेंगे। ऐसे में अब नगर परिषद रामपुर में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। पूर्व में जहां नगर परिषद शहर तक ही सिमट कर रह जाता था वहीं अब साथ लगते वार्डों में भी विकास की नई राह देखने को मिलेगी।
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आरोप-प्रत्यारोपों में ही गुजर गए पांच साल
इससे पहले नगर परिषद रामपुर का अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था। कांग्रेस समर्थित नगर परिषद में नए बने वार्ड डकोलढ़ से चुनकर आई पार्षद को अध्यक्ष मनोनीत किया गया, लेकिन कुछ वर्ष बाद ही राजनीति का शिकार होकर उन्हें अध्यक्ष पद गंवाना पड़ा। काफी समय तक नगर परिषद बिना अध्यक्ष और कार्यकारी अधिकारी के चलता रहा। अंतिम समय में वार्ड तीन से अध्यक्ष चुनी गईं। ऐसे में पांच वर्षों तक नगर परिषद में केवल उठापठक ही चलती रही, जबकि विकास कार्यों को नाममात्र ही गति मिल पाई। अभी भी नगर परिषद रामपुर कई सुविधाओं से महरूम है, लेकिन अब आगामी अध्यक्ष और नप टीम क्या करेगी, इसका पता चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता लग पाएगा।