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Rampur Bushahar News: रामपुर के खनेरी अस्पताल में शुरू हुई कीमोथेरेपी
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चार जिले के कैंसर पीड़ितों को मिलेगा उपचार, रामपुर से 130 किलोमीटर दूर शिमला नहीं जाना पड़ेगा
-विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. सुचिता
पाल्मो
कर रही 141 कैंसर पीड़ितों
का उपचार
-खनेरी अस्पताल की ओपीडी नंबर 20 में जांच और उपचार प्राप्त कर सकते हैं मरीज
तिलक राज कायथ
रामपुर बुशहर। प्रदेश के चार जिलों के कैंसर के मरीजों को उपचार के लिए राहत की खबर आई है। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में कीमोथेरेपी शुरू हो गई है। कैंसर के मरीजों को अब तक शिमला स्थित कैंसर अस्पताल में कीमोथेरेपी करवानी पड़ती थी, वहीं अब इन मरीजों को घरद्वार पर कीमोथेरेपी करवाने की सुविधा मिलेगी। कैंसर के मरीजों को 130 किलोमीटर दूर शिमला नहीं जाना पड़ेगा। खासकर, आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिली है। रामपुर के महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में ऊपरी हिमाचल के शिमला, कुल्लू, किन्नौर और मंडी जिलों के हजारों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कैंसर से मरीजों को कीमोथेरेपी करवाने के लिए शिमला जाना पड़ता था। ऐेसे में मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। खासकर, दुर्गम क्षेत्र के कैंसर पीड़ितों को अधिक परेशानी होती थी। अब खनेरी अस्पताल में कीमोथेरेपी शुरू हो गई है। कैंसर के मरीज खनेरी अस्पताल की ओपीडी नंबर 20 में जांच और उपचार प्राप्त कर सकते हैं। अस्पताल में तैनात विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. सुचिता पाल्मो कैंसर रोगियों का उपचार कर रही हैं, जबकि उनके साथ प्रशिक्षण प्राप्त स्टाफ नर्स पुष्पा वर्मा मरीजों के उपचार में सहयोग कर रही हैं। डॉ. सुचिता ने बीते वर्ष फरीदाबाद और उज्जैन में कैंसर के उपचार का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वर्तमान में उनके पास शिमला, कुल्लू और मंडी जिले के 141 मरीज उपचार करवा रहे हैं। दिसंबर से अब तक अस्पताल में 59 कैंसर पीड़ितों की कीमोथेरेपी हो चुकी है। अस्पताल में कैंसर पीड़ितों के लिए डे केयर के आधार पर चार बैड स्थापित किए गए हैं।
मरीजों को अब कीमोथेरेपी के लिए शिमला और चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा। कैंसर के मरीज अस्पताल की 20 नंबर ओपीडी में अपनी जांच और उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अब तक 59 कैंसर पीड़ितों की कीमोथेरेपी हो चुकी है, जबकि 141 मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। - डॉ. सुचिता पाल्मो
यह है कीमो थेरेपी
कीमोथेरेपी कैंसर मरीजों की एक उपचार प्रक्रिया है। इसमें विशेष दवाओं का उपयोग कर कैंसर कोशिकाओं को मारकर उनकी वृद्धि को धीमा किया जाता है। कीमोथेरेपी के दौरान दी जाने वाली दवाएं रक्तप्रवाह में प्रवेश करती हैं और शरीर के विभिन्न हिस्सों में फैलती हैं, जिससे कैंसर कोशिकाओं पर प्रभावी होती हैं। कीमोथेरेपी के बाद रोगियों को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। ऐसे में मरीजों की नियमित जांच भी अहम रहती है, ताकि दुष्प्रभावों का प्रबंधन किया जा सके और उपचार की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
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- संवाद
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-विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. सुचिता
पाल्मो
कर रही 141 कैंसर पीड़ितों
का उपचार
-खनेरी अस्पताल की ओपीडी नंबर 20 में जांच और उपचार प्राप्त कर सकते हैं मरीज
तिलक राज कायथ
रामपुर बुशहर। प्रदेश के चार जिलों के कैंसर के मरीजों को उपचार के लिए राहत की खबर आई है। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में कीमोथेरेपी शुरू हो गई है। कैंसर के मरीजों को अब तक शिमला स्थित कैंसर अस्पताल में कीमोथेरेपी करवानी पड़ती थी, वहीं अब इन मरीजों को घरद्वार पर कीमोथेरेपी करवाने की सुविधा मिलेगी। कैंसर के मरीजों को 130 किलोमीटर दूर शिमला नहीं जाना पड़ेगा। खासकर, आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिली है। रामपुर के महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में ऊपरी हिमाचल के शिमला, कुल्लू, किन्नौर और मंडी जिलों के हजारों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कैंसर से मरीजों को कीमोथेरेपी करवाने के लिए शिमला जाना पड़ता था। ऐेसे में मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। खासकर, दुर्गम क्षेत्र के कैंसर पीड़ितों को अधिक परेशानी होती थी। अब खनेरी अस्पताल में कीमोथेरेपी शुरू हो गई है। कैंसर के मरीज खनेरी अस्पताल की ओपीडी नंबर 20 में जांच और उपचार प्राप्त कर सकते हैं। अस्पताल में तैनात विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. सुचिता पाल्मो कैंसर रोगियों का उपचार कर रही हैं, जबकि उनके साथ प्रशिक्षण प्राप्त स्टाफ नर्स पुष्पा वर्मा मरीजों के उपचार में सहयोग कर रही हैं। डॉ. सुचिता ने बीते वर्ष फरीदाबाद और उज्जैन में कैंसर के उपचार का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वर्तमान में उनके पास शिमला, कुल्लू और मंडी जिले के 141 मरीज उपचार करवा रहे हैं। दिसंबर से अब तक अस्पताल में 59 कैंसर पीड़ितों की कीमोथेरेपी हो चुकी है। अस्पताल में कैंसर पीड़ितों के लिए डे केयर के आधार पर चार बैड स्थापित किए गए हैं।
मरीजों को अब कीमोथेरेपी के लिए शिमला और चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा। कैंसर के मरीज अस्पताल की 20 नंबर ओपीडी में अपनी जांच और उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अब तक 59 कैंसर पीड़ितों की कीमोथेरेपी हो चुकी है, जबकि 141 मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। - डॉ. सुचिता पाल्मो
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यह है कीमो थेरेपी
कीमोथेरेपी कैंसर मरीजों की एक उपचार प्रक्रिया है। इसमें विशेष दवाओं का उपयोग कर कैंसर कोशिकाओं को मारकर उनकी वृद्धि को धीमा किया जाता है। कीमोथेरेपी के दौरान दी जाने वाली दवाएं रक्तप्रवाह में प्रवेश करती हैं और शरीर के विभिन्न हिस्सों में फैलती हैं, जिससे कैंसर कोशिकाओं पर प्रभावी होती हैं। कीमोथेरेपी के बाद रोगियों को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। ऐसे में मरीजों की नियमित जांच भी अहम रहती है, ताकि दुष्प्रभावों का प्रबंधन किया जा सके और उपचार की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
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- संवाद