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Rampur Bushahar News: ई-फार्मेसी के विरोध में उतरे रामपुर, निरमंड के केमिस्ट
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रामपुर में केमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल के चलते बंद पड़ी दवा दुकान। संवाद
खनेरी, रामपुर और निरमंड क्षेत्र के दवा विक्रेताओं ने दुकानें बंद रखकर जताया रोष
मरीजों के घातक साबित हो सकती हैं ऑनलाइन मंगवाई गई दवाएं : एसोसिएशन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
दवा बाजार के क्षेत्र में ऑनलाइन दवाओं की बिक्री को लेकर प्रदेश के केमिस्ट और ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने विरोध जताया है। बुधवार को रामपुर, खनेरी और निरमंड उपमंडल की दवा दुकानें विरोध स्वरूप बंद रहीं। निजी दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए दुकानें बंद रखकर रोष जताया। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर रामपुर केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने भी एक दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया। ई-फार्मेसी से उपभोक्ताओं को दवाओं की बिक्री को लेकर एसोसिएशन ने रोष जताया और केंद्र सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग उठाई। रामपुर के खनेरी अस्पताल के आसपास, मुख्य बाजार और निरमंड बाजार में सभी दवा दुकानें विरोध स्वरूप बंद रहीं। ऐसे में अस्पताल पहुंचे मरीजों को दवा न मिलने से परेशानी झेलनी पड़ी। दवा विक्रेताओं ने ई-फार्मेसी के विरोध में हड़ताल का समर्थन किया। रामपुर केमिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, उप प्रधान सुदेश शर्मा, सदस्य सुरेश कुमार, ध्रुव गोयल, नवीन भलूनी, शिव क्रांति, मोनू कुमार, राजीव चौहान सहित अन्य ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री मरीजों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है, क्योंकि ऑनलाइन दवा बिक्री का व्यवसाय बिना पर्याप्त नियंत्रण के संचालित हो रहा है और इसकी कोई पकड़ नहीं हो पाती। ई-फार्मेसी कंपनियां बिना डॉक्टर की पर्ची और सत्यापन के दवाइयों की बिक्री कर रही हैं। ऐसे में मरीजों के लिए ये दवाएं घातक साबित हो सकती हैं। दवाइयों की बिक्री संवेदनशीलता से जुड़ी हुई हैं और इसकी बिक्री तय मानकों और नियमों के तहत होनी चाहिए। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर कड़े नियम लागू किए जाएं और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। एसोसिएशन ने चेताया है कि यदि जल्द उनकी मांगों को लेकर कोई उचित निर्णय नहीं लिया जाता है, तो वे आगामी समय में आंदोलन में तेजी लाई जाएगी। जनहित और दवा विक्रेताओं के हितों को देखते हुए ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई जानी चाहिए।
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मरीजों के घातक साबित हो सकती हैं ऑनलाइन मंगवाई गई दवाएं : एसोसिएशन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
दवा बाजार के क्षेत्र में ऑनलाइन दवाओं की बिक्री को लेकर प्रदेश के केमिस्ट और ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने विरोध जताया है। बुधवार को रामपुर, खनेरी और निरमंड उपमंडल की दवा दुकानें विरोध स्वरूप बंद रहीं। निजी दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए दुकानें बंद रखकर रोष जताया। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर रामपुर केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने भी एक दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया। ई-फार्मेसी से उपभोक्ताओं को दवाओं की बिक्री को लेकर एसोसिएशन ने रोष जताया और केंद्र सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग उठाई। रामपुर के खनेरी अस्पताल के आसपास, मुख्य बाजार और निरमंड बाजार में सभी दवा दुकानें विरोध स्वरूप बंद रहीं। ऐसे में अस्पताल पहुंचे मरीजों को दवा न मिलने से परेशानी झेलनी पड़ी। दवा विक्रेताओं ने ई-फार्मेसी के विरोध में हड़ताल का समर्थन किया। रामपुर केमिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, उप प्रधान सुदेश शर्मा, सदस्य सुरेश कुमार, ध्रुव गोयल, नवीन भलूनी, शिव क्रांति, मोनू कुमार, राजीव चौहान सहित अन्य ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री मरीजों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है, क्योंकि ऑनलाइन दवा बिक्री का व्यवसाय बिना पर्याप्त नियंत्रण के संचालित हो रहा है और इसकी कोई पकड़ नहीं हो पाती। ई-फार्मेसी कंपनियां बिना डॉक्टर की पर्ची और सत्यापन के दवाइयों की बिक्री कर रही हैं। ऐसे में मरीजों के लिए ये दवाएं घातक साबित हो सकती हैं। दवाइयों की बिक्री संवेदनशीलता से जुड़ी हुई हैं और इसकी बिक्री तय मानकों और नियमों के तहत होनी चाहिए। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर कड़े नियम लागू किए जाएं और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। एसोसिएशन ने चेताया है कि यदि जल्द उनकी मांगों को लेकर कोई उचित निर्णय नहीं लिया जाता है, तो वे आगामी समय में आंदोलन में तेजी लाई जाएगी। जनहित और दवा विक्रेताओं के हितों को देखते हुए ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई जानी चाहिए।

रामपुर में केमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल के चलते बंद पड़ी दवा दुकान। संवाद