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Rampur Bushahar News: आपदा में व्यवस्था पस्त, ग्रामीणों के हौसले से खुली सड़क
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किन्नौर की चौरा-रूपी सडक़ को बहाल करने में जुटे ग्रामीण। स्रोत : जागरूक पाठक
भूस्खलन से रात को बंद हुई चौरा-रूपी सड़क, नहीं पहुंचे विभाग के कर्मी
10 घंटे सुबह तक ग्रामीणों ने किया इंतजार, 12 घंटे बाद ग्रामीणों ने खुद सड़क की बहाल
मंगलवार देर रात को पोशपा के पास पहाड़ी से हुआ भारी भूस्खलन
. यात्रियों को कई घंटों तक दिक्कतें झेलनी पड़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। किन्नौर जिले के दुर्गम रूपी क्षेत्र को जोड़ने वाली चौरा-रूपी सड़क रात को भूस्खलन के कारण बंद हो गई। ग्रामीणों की सूचना के बाद भी विभाग के कर्मी नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने दस घंटे तक इंतजार किया। इसके बाद सुबह ग्रामीणों ने मिलकर खुद दो घंटे कड़ी मशक्कत की और 12 घंटे बाद सड़क को बहाल किया। आपदा के दौरान लोक निर्माण विभाग की व्यवस्था पस्त नजर आई। ग्रामीणों के हौसले से बुधवार सुबह सड़क यातायात के लिए बहाल हो पाई। सड़क के बहाल होने से वाहनों समेत फंसे कई लोगों ने राहत की सांस ली। जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात पोशपा के पास पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ। रात करीब 9:30 बजे ऊपर की सड़क का डंगा ढह गया। इससे सड़क पर भारी मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आ गिरे। रूपी और शिगारचा पंचायतों को जोड़ने वाली यह सड़क पूरी तरह बाधित हो गई। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग को सूचित कर सड़क को बहाल करने की मांग की। विभाग की मशीनें और मजदूर मौके पर नहीं पहुंचे। रातभर सड़क बंद रही। इस दौरान कई वाहन और लोग फंसे रहे। दस घंटे सुबह तक विभाग की ओर से राहत का इंतजार करने के बाद आखिरकार बुधवार सुबह 7:30 बजे ग्रामीण स्वयं सड़क को बहाल करने के लिए जुट गए। उन्होंने सड़क पर गिरा मलबा और बड़े-बड़े पत्थर हटाए। सुबह 9:30 बजे तक सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया। सड़क के बहाल होने से लोगों को राहत मिली। साथ ही आसपास के गांवों के ग्रामीणों, कर्मचारी वर्ग और स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत मिली। ग्रामीणों ने कहा कि चौरा-रूपी सड़क पर आए दिन ऐसी समस्या रहती है। उन्होंने विभागीय अनदेखी पर चिंता जताई और दो पंचायतों के लिए पुख्ता इंतजाम की मांग की।
इस सड़क की मेटलिंग और टारिंग का कार्य प्रस्तावित है। सड़क का मरम्मत कार्य कर रहे ठेकेदार को सड़क को बहाल रखने के लिए पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। अभी भी इस क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। - रफीक मोहम्मद, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग भावानगर
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10 घंटे सुबह तक ग्रामीणों ने किया इंतजार, 12 घंटे बाद ग्रामीणों ने खुद सड़क की बहाल
मंगलवार देर रात को पोशपा के पास पहाड़ी से हुआ भारी भूस्खलन
. यात्रियों को कई घंटों तक दिक्कतें झेलनी पड़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। किन्नौर जिले के दुर्गम रूपी क्षेत्र को जोड़ने वाली चौरा-रूपी सड़क रात को भूस्खलन के कारण बंद हो गई। ग्रामीणों की सूचना के बाद भी विभाग के कर्मी नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने दस घंटे तक इंतजार किया। इसके बाद सुबह ग्रामीणों ने मिलकर खुद दो घंटे कड़ी मशक्कत की और 12 घंटे बाद सड़क को बहाल किया। आपदा के दौरान लोक निर्माण विभाग की व्यवस्था पस्त नजर आई। ग्रामीणों के हौसले से बुधवार सुबह सड़क यातायात के लिए बहाल हो पाई। सड़क के बहाल होने से वाहनों समेत फंसे कई लोगों ने राहत की सांस ली। जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात पोशपा के पास पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ। रात करीब 9:30 बजे ऊपर की सड़क का डंगा ढह गया। इससे सड़क पर भारी मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आ गिरे। रूपी और शिगारचा पंचायतों को जोड़ने वाली यह सड़क पूरी तरह बाधित हो गई। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग को सूचित कर सड़क को बहाल करने की मांग की। विभाग की मशीनें और मजदूर मौके पर नहीं पहुंचे। रातभर सड़क बंद रही। इस दौरान कई वाहन और लोग फंसे रहे। दस घंटे सुबह तक विभाग की ओर से राहत का इंतजार करने के बाद आखिरकार बुधवार सुबह 7:30 बजे ग्रामीण स्वयं सड़क को बहाल करने के लिए जुट गए। उन्होंने सड़क पर गिरा मलबा और बड़े-बड़े पत्थर हटाए। सुबह 9:30 बजे तक सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया। सड़क के बहाल होने से लोगों को राहत मिली। साथ ही आसपास के गांवों के ग्रामीणों, कर्मचारी वर्ग और स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत मिली। ग्रामीणों ने कहा कि चौरा-रूपी सड़क पर आए दिन ऐसी समस्या रहती है। उन्होंने विभागीय अनदेखी पर चिंता जताई और दो पंचायतों के लिए पुख्ता इंतजाम की मांग की।
इस सड़क की मेटलिंग और टारिंग का कार्य प्रस्तावित है। सड़क का मरम्मत कार्य कर रहे ठेकेदार को सड़क को बहाल रखने के लिए पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। अभी भी इस क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। - रफीक मोहम्मद, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग भावानगर

किन्नौर की चौरा-रूपी सडक़ को बहाल करने में जुटे ग्रामीण। स्रोत : जागरूक पाठक
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