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Rampur Bushahar News: चरस तस्कर को दस साल की कैद और एक लाख जुर्माना
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने बुधवार को चरस तस्करी में संलिप्त एक नेपाली मूल के दोषी को दस साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने आरोपी 22 वर्षीय नेपाल के नरेश थापा को मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दस साल कठोर कारावास और एक लाख रुपये की सजा सुनाई है। जिला न्यायवादी एलएम शर्मा ने बताया कि 29 सितंबर, 2021 को एसआईयू जिला शिमला की टीम एएसआई अम्बी लाल के नेतृत्व में ढली, ठियोग, नारकंडा, कुमारसैन और सैंज आदि इलाकों में गश्त पर थी। सुबह करीब 10:30 बजे एनएच-पांच मुकाम जाबली, नव दुर्गा माता मंदिर के पास वाहनों की तलाशी ली जा रही थी। इस दौरान शिमला की ओर से एचआरटीसी की एक बस एचपी 03बी-6161 आई। बस को तलाशी के लिए रोका। तलाशी के दौरान सीट नंबर 38 में बैठी सवारी ने अपनी गोद में एक पीठू बैग पकड़ा हुआ था, जिसे चेक करवाने के लिए कहा गया तो वह आनाकानी करने लगा। पुलिस को बैग में संदेह जनक वस्तु होने का शक हुआ और बस परिचालक व एक अन्य स्वतंत्र गवाह के सामने इसका नाम पता पूछा गया। आरोपी ने अपना नाम नरेश थापा, गांव बनीडाडा, वार्ड नंबर 09, जिला जाजरकोट, आंचल भैरी, नेपाल बताया। गवाहों के सामने नरेश थापा के गोद से उठाये बैग की तलाश ली तो उसके अंदर 1.290 किलोग्राम चरस पाई गई। पुलिस थाना कुमारसैन में मामला दर्ज किया गया और जांच पूरी होने पर चालान अदालत में पेश किया। अदालत में 13 गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी नरेश थापा को दोषी करार दिया और 10 साल कठोर कारावास और एक लाख रुपये की सजा सुनाई। सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी जिला न्यायवादी एलएम शर्मा ने की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने बुधवार को चरस तस्करी में संलिप्त एक नेपाली मूल के दोषी को दस साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने आरोपी 22 वर्षीय नेपाल के नरेश थापा को मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दस साल कठोर कारावास और एक लाख रुपये की सजा सुनाई है। जिला न्यायवादी एलएम शर्मा ने बताया कि 29 सितंबर, 2021 को एसआईयू जिला शिमला की टीम एएसआई अम्बी लाल के नेतृत्व में ढली, ठियोग, नारकंडा, कुमारसैन और सैंज आदि इलाकों में गश्त पर थी। सुबह करीब 10:30 बजे एनएच-पांच मुकाम जाबली, नव दुर्गा माता मंदिर के पास वाहनों की तलाशी ली जा रही थी। इस दौरान शिमला की ओर से एचआरटीसी की एक बस एचपी 03बी-6161 आई। बस को तलाशी के लिए रोका। तलाशी के दौरान सीट नंबर 38 में बैठी सवारी ने अपनी गोद में एक पीठू बैग पकड़ा हुआ था, जिसे चेक करवाने के लिए कहा गया तो वह आनाकानी करने लगा। पुलिस को बैग में संदेह जनक वस्तु होने का शक हुआ और बस परिचालक व एक अन्य स्वतंत्र गवाह के सामने इसका नाम पता पूछा गया। आरोपी ने अपना नाम नरेश थापा, गांव बनीडाडा, वार्ड नंबर 09, जिला जाजरकोट, आंचल भैरी, नेपाल बताया। गवाहों के सामने नरेश थापा के गोद से उठाये बैग की तलाश ली तो उसके अंदर 1.290 किलोग्राम चरस पाई गई। पुलिस थाना कुमारसैन में मामला दर्ज किया गया और जांच पूरी होने पर चालान अदालत में पेश किया। अदालत में 13 गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी नरेश थापा को दोषी करार दिया और 10 साल कठोर कारावास और एक लाख रुपये की सजा सुनाई। सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी जिला न्यायवादी एलएम शर्मा ने की।
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