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Rampur Bushahar News: बुजुर्ग अनुभव और संस्कारों की अमूल्य धरोहर
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चौपाल में विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल। उप मंडलीय विधिक सेवा प्राधिकरण चौपाल ने विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर शिविर लगाया। यह शिविर सहारा वृद्ध आश्रम में लगाया गया। शिविर में अधिवक्ता मनोज गाजटा ने बुजुर्गों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कारों में माता-पिता को देवतुल्य माना गया है। बुजुर्ग अनुभव, ज्ञान और संस्कारों की अमूल्य धरोहर होते हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन परिवार और समाज के निर्माण में लगाया है। आज की प्रगति में उनकी मेहनत और त्याग का महत्वपूर्ण योगदान है। गाजटा ने चिंता व्यक्त की कि आधुनिक जीवनशैली के कारण अनेक बुजुर्ग उपेक्षा और अकेलेपन का सामना कर रहे हैं। उन्हें कई बार सम्मान नहीं मिलता और उनकी भावनाओं को अनदेखा किया जाता है। आर्थिक रूप से भी उनका शोषण किया जाता है, जो मानवता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने जोर दिया कि बुजुर्ग केवल परिवार के नहीं, बल्कि समाज की धरोहर हैं। उनके अनुभव युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक का काम करते हैं। अधिवक्ता गाजटा ने बताया कि बुजुर्गों के साथ होने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक दुर्व्यवहार के प्रति समाज को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक दुर्व्यवहार भी एक बड़ी समस्या है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि उन्हें सम्मान और सुरक्षा मिले। गाजटा ने लोगों से बुजुर्गों के साथ समय बिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी आवश्यकताओं को समझना और उन्हें प्रेम देना महत्वपूर्ण है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल। उप मंडलीय विधिक सेवा प्राधिकरण चौपाल ने विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर शिविर लगाया। यह शिविर सहारा वृद्ध आश्रम में लगाया गया। शिविर में अधिवक्ता मनोज गाजटा ने बुजुर्गों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कारों में माता-पिता को देवतुल्य माना गया है। बुजुर्ग अनुभव, ज्ञान और संस्कारों की अमूल्य धरोहर होते हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन परिवार और समाज के निर्माण में लगाया है। आज की प्रगति में उनकी मेहनत और त्याग का महत्वपूर्ण योगदान है। गाजटा ने चिंता व्यक्त की कि आधुनिक जीवनशैली के कारण अनेक बुजुर्ग उपेक्षा और अकेलेपन का सामना कर रहे हैं। उन्हें कई बार सम्मान नहीं मिलता और उनकी भावनाओं को अनदेखा किया जाता है। आर्थिक रूप से भी उनका शोषण किया जाता है, जो मानवता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने जोर दिया कि बुजुर्ग केवल परिवार के नहीं, बल्कि समाज की धरोहर हैं। उनके अनुभव युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक का काम करते हैं। अधिवक्ता गाजटा ने बताया कि बुजुर्गों के साथ होने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक दुर्व्यवहार के प्रति समाज को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक दुर्व्यवहार भी एक बड़ी समस्या है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि उन्हें सम्मान और सुरक्षा मिले। गाजटा ने लोगों से बुजुर्गों के साथ समय बिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी आवश्यकताओं को समझना और उन्हें प्रेम देना महत्वपूर्ण है।