{"_id":"696241a28c47290398092ec2","slug":"buses-on-rural-routes-in-rampur-are-breaking-down-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-151946-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: खस्ताहाल सड़कों पर खटारा बसें, महीने में ही \nतीन बार आधे रास्ते में हुआ सेवा का ब्रेक डाउन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: खस्ताहाल सड़कों पर खटारा बसें, महीने में ही तीन बार आधे रास्ते में हुआ सेवा का ब्रेक डाउन
विज्ञापन
लालसा पंचायत प्रधान मोहन लाल जीपटा। संवाद
एसाइनमेंट : छह साल में 20 बसें कंडम, ग्रामीण रूटों के लिए नहीं मिली एक भी बस
रामपुर उपमंडल में आए दिन ग्रामीण रूटों पर हांफ रही बसों से बढ़ीं यात्रियों की दुश्वारियां
ग्रामीणों ने नौहराधार में पेश आए बस हादसे के बाद की बस सेवाओं सुधार की मांग
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर।
जिला सिरमौर के हरिपुरधार में बस हादसे के बाद रामपुर उपमंडल के ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों में सफर करने वाले लोगों में असुरक्षा का डर पैदा हो गया है। रामपुर के दुर्गम ग्रामीण रूटों की खस्ताहाल सड़कों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की खटारा बसें हर दूसरे दिन लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर देती हैं। कई बार ग्रामीण रूटों पर जाने वालीं बसें आधे रास्ते में हांफ चुकी हैं, जिससे जंगली क्षेत्र की सड़कों से यात्रियों को पैदल या फिर निजी गाड़ियों के जरिये गंतव्य तक जाना पड़ा। हाल यह है कि इस साल के पहले महीने जनवरी में ही तीन बार आधे रास्ते में एचआरटीसी की बस सेवा का ब्रेक डाउन हो चुका, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, बीते छह वर्षों में रामपुर डिपो की करीब 20 बसें कंडम हो चुकी हैं, लेकिन निगम को ग्रामीण रूटों के लिए एक भी नई बस उपलब्ध नहीं हो पाई है। उपमंडल के विभिन्न ग्रामीण रूटों पर आए दिन निगम की बसें बीच रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। कभी ब्रेक डाउन, तो कभी तकनीकी खराबी आने से बसें आधे रास्ते में हांफ जाती हैं। ग्रामीण कई वर्षों से बस सेवाओं में सुधार की मांग उठा रहे हैं। संवाद
ग्रामीण रूटों पर बेहतर बस सेवा के लिए करीब 35 बसों की दरकार
निगम के रामपुर डिपो के तहत ग्रामीण रूटों के लिए छह साल में एक भी नई बस नहीं मिल पाई है। इन छह सालों में निगम की 20 छोटी बसें कंडम हो चुकी हैं। ग्रामीण इलाकों पर 35 सीटर बस सेवाएं चलाई जा रही हैं। रामपुर डिपो के पास 108 रूट हैं। इन रूटों के लिए 150 बसों की जरूरत है, लेकिन उपलब्ध केवल 120 बसें हैं। इस कारण वर्तमान में केवल 91 रूटों पर ही बस सेवाएं चलाई जा रही हैं। इनमें से रोजाना 10 से 15 बसें खराब रहती हैं, जबकि करीब 20 बसें खराब पड़ी हुई हैं। कई रूटों पर तीन-तीन बसें चलाई जा रही हैं और निगम को यातायात सेवाएं बराबर चलाए रखने में परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीण रूटों पर बेहतर बस सेवा के लिए रामपुर डिपो को 30 से 35 बसों की दरकार है।
इन रूटों पर अकसर प्रभावित हुईं सेवाएं
इस साल एक जनवरी को ही रामपुर से देवठी जाने वाली निगम की बस तकलेच के पास खराब होने के बाद बीच सड़क में खड़ी हो गई। इसके बाद बीते बुधवार को रामपुर से नेहरा रूट पर चलने वाली बस आधे रास्ते में खराब हो गई। यही नहीं रामपुर से वाया डंसा लालसा, रामपुर से वाया रचोली जगूणी रूट और 15/20 क्षेत्र के लिए चलने वाली बस सेवाएं अकसर हांफ रही हैं।
विज्ञापन
शनिवार को दोफदा में हांफ गई निगम की बस
शनिवार को रामपुर से लबाना-सदाना रूट पर जा रही बस दोफदा में खड़ी हो गई। बस से अचानक धुआं उठना शुरू हो गया। बस में बैठी सवारियां एकाएक बस से बाहर उतरीं। हर कोई बस की हालत देखकर मायूस और परेशान हुआ। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब बस की हालत सही नहीं है, तो ऐसी बसों को ग्रामीण रूटों पर क्यों चलाया रहा है।
सुधारी जाएं बस सेवाएं
-बाहली पंचायत उप प्रधान कमलेश शर्मा ने कहा कि बाहली पंचायत के लिए चलने वाली बस सेवा आए दिन हांफने से ग्रामीण परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने निगम प्रबंधन से बस सेवाओं में सुधार की मांग उठाई है।
- लालसा पंचायत के प्रधान मोहन लाल जीपटा का कहना है कि हरिपुरधार की ताजा घटना दिल दहलाने वाली है। प्रदेश सरकार की चाहिए कि सुरक्षा के मद्देनजर परिवहन निगम की खटारा बसें जो समय अवधि पूर्ण कर चुकी हैं, उन्हें रूटों पर जबरन न चलाया जाए। बेहतर व्यवस्था वाली बसों को ही रूटों पर भेजा जाए।
- डंसा पंचायत के जगूनी के अजय जोशी ने बताया कि क्षेत्र की सड़कों की दयनीय हालत को देखते हुए हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। परिवहन निगम की खटारा बसें आए दिन आधे रास्ते में दम तोड़ देती हैं। रामपुर-सनेई रूट और रामपुर-लालसा रूट पर चलने वाली बसों की खराबी के मामले हर सप्ताह आते हैं, जिससे इन बसों में यात्रा करना जोखिम भरा रहता है। उन्होंने पुरानी बसों को हटाकर नई बसों को चलाने की मांग की है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित सफर मुहैया हो सके।
बसों की कमी के चलते परेशानी पेश आ रही है। रामपुर डिपो को करीब 150 बसों की दरकार है, जिसमें से केवल 120 बसें ही उपलब्ध हैं। इनमें से 20 बसें खराब पड़ी हैं, जबकि 12 से 15 बसें रोजाना मरम्मत के लिए खड़ी हो रही हैं। उन्होंने बताया कि निगम के 108 रूटों में से केवल 91 रूटों पर ही बस सेवाएं चलाई जा रही हैं। - स्वरूप दीवान,
अड्डा प्रभारी, परिवहन निगम रामपुर
विज्ञापन
रामपुर उपमंडल में आए दिन ग्रामीण रूटों पर हांफ रही बसों से बढ़ीं यात्रियों की दुश्वारियां
ग्रामीणों ने नौहराधार में पेश आए बस हादसे के बाद की बस सेवाओं सुधार की मांग
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर।
जिला सिरमौर के हरिपुरधार में बस हादसे के बाद रामपुर उपमंडल के ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों में सफर करने वाले लोगों में असुरक्षा का डर पैदा हो गया है। रामपुर के दुर्गम ग्रामीण रूटों की खस्ताहाल सड़कों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की खटारा बसें हर दूसरे दिन लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर देती हैं। कई बार ग्रामीण रूटों पर जाने वालीं बसें आधे रास्ते में हांफ चुकी हैं, जिससे जंगली क्षेत्र की सड़कों से यात्रियों को पैदल या फिर निजी गाड़ियों के जरिये गंतव्य तक जाना पड़ा। हाल यह है कि इस साल के पहले महीने जनवरी में ही तीन बार आधे रास्ते में एचआरटीसी की बस सेवा का ब्रेक डाउन हो चुका, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, बीते छह वर्षों में रामपुर डिपो की करीब 20 बसें कंडम हो चुकी हैं, लेकिन निगम को ग्रामीण रूटों के लिए एक भी नई बस उपलब्ध नहीं हो पाई है। उपमंडल के विभिन्न ग्रामीण रूटों पर आए दिन निगम की बसें बीच रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। कभी ब्रेक डाउन, तो कभी तकनीकी खराबी आने से बसें आधे रास्ते में हांफ जाती हैं। ग्रामीण कई वर्षों से बस सेवाओं में सुधार की मांग उठा रहे हैं। संवाद
ग्रामीण रूटों पर बेहतर बस सेवा के लिए करीब 35 बसों की दरकार
निगम के रामपुर डिपो के तहत ग्रामीण रूटों के लिए छह साल में एक भी नई बस नहीं मिल पाई है। इन छह सालों में निगम की 20 छोटी बसें कंडम हो चुकी हैं। ग्रामीण इलाकों पर 35 सीटर बस सेवाएं चलाई जा रही हैं। रामपुर डिपो के पास 108 रूट हैं। इन रूटों के लिए 150 बसों की जरूरत है, लेकिन उपलब्ध केवल 120 बसें हैं। इस कारण वर्तमान में केवल 91 रूटों पर ही बस सेवाएं चलाई जा रही हैं। इनमें से रोजाना 10 से 15 बसें खराब रहती हैं, जबकि करीब 20 बसें खराब पड़ी हुई हैं। कई रूटों पर तीन-तीन बसें चलाई जा रही हैं और निगम को यातायात सेवाएं बराबर चलाए रखने में परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीण रूटों पर बेहतर बस सेवा के लिए रामपुर डिपो को 30 से 35 बसों की दरकार है।
विज्ञापन
इन रूटों पर अकसर प्रभावित हुईं सेवाएं
इस साल एक जनवरी को ही रामपुर से देवठी जाने वाली निगम की बस तकलेच के पास खराब होने के बाद बीच सड़क में खड़ी हो गई। इसके बाद बीते बुधवार को रामपुर से नेहरा रूट पर चलने वाली बस आधे रास्ते में खराब हो गई। यही नहीं रामपुर से वाया डंसा लालसा, रामपुर से वाया रचोली जगूणी रूट और 15/20 क्षेत्र के लिए चलने वाली बस सेवाएं अकसर हांफ रही हैं।
विज्ञापन
शनिवार को दोफदा में हांफ गई निगम की बस
शनिवार को रामपुर से लबाना-सदाना रूट पर जा रही बस दोफदा में खड़ी हो गई। बस से अचानक धुआं उठना शुरू हो गया। बस में बैठी सवारियां एकाएक बस से बाहर उतरीं। हर कोई बस की हालत देखकर मायूस और परेशान हुआ। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब बस की हालत सही नहीं है, तो ऐसी बसों को ग्रामीण रूटों पर क्यों चलाया रहा है।
सुधारी जाएं बस सेवाएं
-बाहली पंचायत उप प्रधान कमलेश शर्मा ने कहा कि बाहली पंचायत के लिए चलने वाली बस सेवा आए दिन हांफने से ग्रामीण परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने निगम प्रबंधन से बस सेवाओं में सुधार की मांग उठाई है।
- लालसा पंचायत के प्रधान मोहन लाल जीपटा का कहना है कि हरिपुरधार की ताजा घटना दिल दहलाने वाली है। प्रदेश सरकार की चाहिए कि सुरक्षा के मद्देनजर परिवहन निगम की खटारा बसें जो समय अवधि पूर्ण कर चुकी हैं, उन्हें रूटों पर जबरन न चलाया जाए। बेहतर व्यवस्था वाली बसों को ही रूटों पर भेजा जाए।
- डंसा पंचायत के जगूनी के अजय जोशी ने बताया कि क्षेत्र की सड़कों की दयनीय हालत को देखते हुए हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। परिवहन निगम की खटारा बसें आए दिन आधे रास्ते में दम तोड़ देती हैं। रामपुर-सनेई रूट और रामपुर-लालसा रूट पर चलने वाली बसों की खराबी के मामले हर सप्ताह आते हैं, जिससे इन बसों में यात्रा करना जोखिम भरा रहता है। उन्होंने पुरानी बसों को हटाकर नई बसों को चलाने की मांग की है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित सफर मुहैया हो सके।
बसों की कमी के चलते परेशानी पेश आ रही है। रामपुर डिपो को करीब 150 बसों की दरकार है, जिसमें से केवल 120 बसें ही उपलब्ध हैं। इनमें से 20 बसें खराब पड़ी हैं, जबकि 12 से 15 बसें रोजाना मरम्मत के लिए खड़ी हो रही हैं। उन्होंने बताया कि निगम के 108 रूटों में से केवल 91 रूटों पर ही बस सेवाएं चलाई जा रही हैं। - स्वरूप दीवान,
अड्डा प्रभारी, परिवहन निगम रामपुर

लालसा पंचायत प्रधान मोहन लाल जीपटा। संवाद

लालसा पंचायत प्रधान मोहन लाल जीपटा। संवाद

लालसा पंचायत प्रधान मोहन लाल जीपटा। संवाद

लालसा पंचायत प्रधान मोहन लाल जीपटा। संवाद