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बस किराया बढ़ोतरी का सीटू और कांग्रेस ने किया विरोध
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रामपुर/आनी। सीटू क्षेत्रीय समन्वय समिति रामपुर ने जिला कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को सरकार द्वारा बस किराये की बढ़ोतरी पर जोरदार प्रदर्शन किया। सीटू ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर बस किराया वृद्धि को वापस न लिया गया तो सीटू जनता और मजदूर वर्ग को लामबंद करके प्रदेश व्यापी आंदोलन छेड़ेगी और सड़कों पर उतरकर इस जन विरोधी निर्णय का विरोध करेंगे।
सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप और राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि बस किराया वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि यह सरकार लगातार जनता पर बोझ डालने का कार्य कर रही है। भाजपा सरकार के सत्तासीन होने के बाद बस किरायों में पचास प्रतिशत वृद्धि हो चुकी है। न्यूनतम किराये में दो सौ प्रतिशत से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल के भारी दामों की आड़ में बस किराया वृद्धि की है। दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले सालों की अपेक्षा भारी गिरावट है, परंतु पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं। यह सब केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई भारी एक्साइज ड्यूटी और प्रदेश सरकार के भारी भरकम वैट के कारण है। केंद्र और प्रदेश सरकार की बड़ी बड़ी निजी तेल कंपनियों से मिलीभगत का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
वहीं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रकेश शर्मा ने बसों का 25 फीसदी किराया बढ़ाने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बसों का किराया बढ़ाने का फैसला कर जनता के साथ धोखा किया है। चंद्रकेश शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में जहां जनता आर्थिक तंगी से जूझ रही है और आम लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा है। वहीं सरकार के इस फैसले से जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से आग्रह किया है कि इस फैसले को तुरंत वापस लें, अन्यथा कांग्रेस पार्टी जन आंदोलन करने से भी परहेज नहीं करेगी।
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सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप और राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि बस किराया वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि यह सरकार लगातार जनता पर बोझ डालने का कार्य कर रही है। भाजपा सरकार के सत्तासीन होने के बाद बस किरायों में पचास प्रतिशत वृद्धि हो चुकी है। न्यूनतम किराये में दो सौ प्रतिशत से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल के भारी दामों की आड़ में बस किराया वृद्धि की है। दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले सालों की अपेक्षा भारी गिरावट है, परंतु पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं। यह सब केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई भारी एक्साइज ड्यूटी और प्रदेश सरकार के भारी भरकम वैट के कारण है। केंद्र और प्रदेश सरकार की बड़ी बड़ी निजी तेल कंपनियों से मिलीभगत का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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वहीं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रकेश शर्मा ने बसों का 25 फीसदी किराया बढ़ाने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बसों का किराया बढ़ाने का फैसला कर जनता के साथ धोखा किया है। चंद्रकेश शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में जहां जनता आर्थिक तंगी से जूझ रही है और आम लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा है। वहीं सरकार के इस फैसले से जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से आग्रह किया है कि इस फैसले को तुरंत वापस लें, अन्यथा कांग्रेस पार्टी जन आंदोलन करने से भी परहेज नहीं करेगी।
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