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Rampur Bushahar News: माघी पर्व मनाने घर आ रहे कुपवी के दस अभागों का बना अंतिम सफर
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बौहरा गांव के दंपत्ती की मौत से घर में अकेला रहेगा दो साल का बेटा
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा(राेहड़ू)।
सिरमौर जिले के हरिपुरधार में हुए बस हादसे ने कुपवी के भी दस लोगों का जीवन छीन लिया है। माघी पर्व मनाने के लिए घर आ रहे अभागों को क्या पता था कि यह उनका अंतिम सफर होगा। शिमला से कुपवी वाया सोलन आ रही बस का यह सफर कुपवी के दस लोगों का आखिरी सफर रहा। बस में सवार अधिकांश लोग चौपाल विधानसभा क्षेत्र के कुपवी उपमंडल के रहने वाले थे। मृतकों में जुड़ू-शिलाल निवासी बिलम सिंह ने शिमला में होटल लीज पर ले रखा था। वह शिमला में काॅलेज में पढ़ रही बेटी निकिता के साथ माघी का पर्व मनाने घर आ रहे थे। निकिता भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुईं हैं। उनका क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में इलाज चल रहा है। बिलम सिंह घर के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। अब घर में दो बेटियां और पत्नी रह गईं हैं। वहीं, मृतकों में शामिल दोची गांव की 28 वर्षीय सुमन लोअर बाजार शिमला की एक कपड़े की दुकान में नौकरी करती थीं। हादसे में बौहरा गांव के चार लोग एक साथ काल का ग्रास बने। इसमें एक दंपत्ती रमेश, उनकी पत्नी साक्षी, रियांशी और कियान शामिल हैं। चारों के शव जब शनिवार को गांव पहुंचे तो हर ग्रामीण सदमे में आ गया। परिजनों के रुदन से लोगों का मानो कलेजा बाहर आ गया हो। इस मंजर को देखकर सभी की आंखें नम थीं। दंपत्ती की मौत के बाद घर में दो वर्षीय बेटा ही बचा है। जो आज अपने मां-बाप को ढूंढ रहा है। इसी हादसे में चंजाह गांव की 6 वर्षीय हिमांशी, 21 वर्षीय प्रोमिला, धौलत की 50 वर्षीय हिमा और 60 वर्षीय सूरत सिंह ने भी अपनी जान गंवाई है।
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मेडिकल कॉलेज, संगड़ाह और राजगढ़ अस्पताल से 13 मरीज डिस्चार्ज
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हादसे में कुपवी के बोरा निवासी रमेश व उसकी पत्नी साक्षी की एक साथ मौत हो गई। शनिवार को उनके गांव में दोनों की चिताएं भी एक साथ जली। बताया जा रहा है कि दोनों का विवाह कुछ ही साल पहले हुआ था। एक हादसे ने इस हंसते खेलते परिवार की खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसरा है। बताया जा रहा है कि इनके पास एक बेटा है, जिसके सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा(राेहड़ू)।
सिरमौर जिले के हरिपुरधार में हुए बस हादसे ने कुपवी के भी दस लोगों का जीवन छीन लिया है। माघी पर्व मनाने के लिए घर आ रहे अभागों को क्या पता था कि यह उनका अंतिम सफर होगा। शिमला से कुपवी वाया सोलन आ रही बस का यह सफर कुपवी के दस लोगों का आखिरी सफर रहा। बस में सवार अधिकांश लोग चौपाल विधानसभा क्षेत्र के कुपवी उपमंडल के रहने वाले थे। मृतकों में जुड़ू-शिलाल निवासी बिलम सिंह ने शिमला में होटल लीज पर ले रखा था। वह शिमला में काॅलेज में पढ़ रही बेटी निकिता के साथ माघी का पर्व मनाने घर आ रहे थे। निकिता भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुईं हैं। उनका क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में इलाज चल रहा है। बिलम सिंह घर के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। अब घर में दो बेटियां और पत्नी रह गईं हैं। वहीं, मृतकों में शामिल दोची गांव की 28 वर्षीय सुमन लोअर बाजार शिमला की एक कपड़े की दुकान में नौकरी करती थीं। हादसे में बौहरा गांव के चार लोग एक साथ काल का ग्रास बने। इसमें एक दंपत्ती रमेश, उनकी पत्नी साक्षी, रियांशी और कियान शामिल हैं। चारों के शव जब शनिवार को गांव पहुंचे तो हर ग्रामीण सदमे में आ गया। परिजनों के रुदन से लोगों का मानो कलेजा बाहर आ गया हो। इस मंजर को देखकर सभी की आंखें नम थीं। दंपत्ती की मौत के बाद घर में दो वर्षीय बेटा ही बचा है। जो आज अपने मां-बाप को ढूंढ रहा है। इसी हादसे में चंजाह गांव की 6 वर्षीय हिमांशी, 21 वर्षीय प्रोमिला, धौलत की 50 वर्षीय हिमा और 60 वर्षीय सूरत सिंह ने भी अपनी जान गंवाई है।
मेडिकल कॉलेज, संगड़ाह और राजगढ़ अस्पताल से 13 मरीज डिस्चार्ज
हादसे में कुपवी के बोरा निवासी रमेश व उसकी पत्नी साक्षी की एक साथ मौत हो गई। शनिवार को उनके गांव में दोनों की चिताएं भी एक साथ जली। बताया जा रहा है कि दोनों का विवाह कुछ ही साल पहले हुआ था। एक हादसे ने इस हंसते खेलते परिवार की खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसरा है। बताया जा रहा है कि इनके पास एक बेटा है, जिसके सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
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