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Rampur Bushahar News: जुब्बल में बीएमएस का प्रदर्शन, न्यूनतम वेतन 30 हजार करने की मांग

Mon, 17 Aug 2026 11:49 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:49 PM IST
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BMS protest in Jubbal
एसडीएम जुब्बल गुरमीत नेगी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजते भारतीय मजदूर संघ(बीएमएस) के
आशा, आंगनबाड़ी और मिड-डे मील वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
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संवाद न्यूज़ एजेंसी

रोहड़ू ।
भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के आह्वान पर सोमवार को जुब्बल में कर्मचारियों और विभिन्न श्रमिक संगठनों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद एसडीएम गुरमीत नेगी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। प्रदर्शन में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्युत, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग सहित विभिन्न विभागों और यूनियनों से जुड़े सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुष्पा मानटा ने की। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ के वरिष्ठ नेता विपन डोगरा, बृजलाल शर्मा, अनु ठाकुर, पूनम, किरण छाजटा, शर्मिला झौटा और ममता झगटा सहित विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे। ज्ञापन में भारतीय मजदूर संघ ने न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रति माह करने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके अलावा आशा, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील और अन्य स्कीम वर्करों के लिए नियमितीकरण की नीति बनाने की मांग की गई। संघ ने ईएसआईसी की वेतन सीमा को 21 हजार से बढ़ाकर 41 हजार रुपये करने और ईपीएस-95 पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। पेंशनरों को मेडिकल सुविधा और महंगाई भत्ता (डीए) देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। बीएमएस ने आशा, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील, एनएचएम और अन्य स्कीम वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करने की मांग उठाई। साथ ही देशभर में कर्मचारियों के लिए समान वेतनमान, पुरानी पेंशन योजना, डीए और सेवानिवृत्ति आयु को एक समान करने की मांग भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखी गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों पर केंद्र सरकार को गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेना चाहिए।
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