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Rampur Bushahar News: बहुमत भाजपा का, बाजी मार गई कांग्रेस
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करसोग पंचायत समिति में कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष-उपाध्यक्ष काबिज
इशरा अध्यक्ष और कली चौहान बनीं उपाध्यक्ष, एक-एक वोट से मिली जीत
15 सदस्यीय समिति में भाजपा समर्थित 10 सदस्य होने के बावजूद कांग्रेस ने मारी बाजी
परिणाम के बाद क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी असंतोष की चर्चाएं तेज
हार के कारणों पर भाजपा मंथन में जुटी, कांग्रेस ने रणनीति को बताया जीत की वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
करसोग (मंडी)। पंचायत समिति करसोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव ने मंडी जिले की राजनीति में नया संदेश दिया है। स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद भाजपा समर्थित खेमा पंचायत समिति की दोनों शीर्ष कुर्सियां बचाने में असफल रहा, जबकि कांग्रेस ने संख्या बल में पिछड़ने के बावजूद दोनों पद अपने नाम कर लिए। चुनाव परिणाम के बाद क्षेत्र में क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी असंतोष को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
अध्यक्ष पद पर कांग्रेस समर्थित इशरा मेहता और उपाध्यक्ष पद पर कली चौहान ने एक-एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की। परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे रणनीतिक सफलता और बेहतर राजनीतिक प्रबंधन का परिणाम बताया। उधर भाजपा ने हार के कारणों को लेकर मंथन शुरू कर दिया है।
करसोग पंचायत समिति के 15 सदस्यीय सदन में भाजपा समर्थित 10 सदस्य, कांग्रेस समर्थित चार सदस्य और एक निर्दलीय सदस्य निर्वाचित हुआ था। ऐसे में दोनों पदों पर भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन मतदान के दौरान बदले समीकरणों ने परिणाम पूरी तरह बदल दिए। एक-एक वोट के अंतर से मिली कांग्रेस की जीत ने भाजपा समर्थित खेमे में संभावित क्रॉस वोटिंग या अंदरूनी असंतोष की चर्चाओं को भी हवा दे दी है।
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सूत्रों के अनुसार मतदान से पहले दोनों दलों ने अपने-अपने समर्थित सदस्यों को एकजुट रखने के लिए लगातार प्रयास किए। भाजपा ने टूट रोकने की कोशिश की, लेकिन अंतिम समय में बने राजनीतिक समीकरण उसके पक्ष में नहीं रहे। दूसरी ओर, कांग्रेस ने सीमित संख्या बल के बावजूद प्रभावी रणनीति के सहारे पंचायत समिति के दोनों प्रमुख पदों पर कब्जा कर लिया।
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इशरा अध्यक्ष और कली चौहान बनीं उपाध्यक्ष, एक-एक वोट से मिली जीत
15 सदस्यीय समिति में भाजपा समर्थित 10 सदस्य होने के बावजूद कांग्रेस ने मारी बाजी
परिणाम के बाद क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी असंतोष की चर्चाएं तेज
हार के कारणों पर भाजपा मंथन में जुटी, कांग्रेस ने रणनीति को बताया जीत की वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
करसोग (मंडी)। पंचायत समिति करसोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव ने मंडी जिले की राजनीति में नया संदेश दिया है। स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद भाजपा समर्थित खेमा पंचायत समिति की दोनों शीर्ष कुर्सियां बचाने में असफल रहा, जबकि कांग्रेस ने संख्या बल में पिछड़ने के बावजूद दोनों पद अपने नाम कर लिए। चुनाव परिणाम के बाद क्षेत्र में क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी असंतोष को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
अध्यक्ष पद पर कांग्रेस समर्थित इशरा मेहता और उपाध्यक्ष पद पर कली चौहान ने एक-एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की। परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे रणनीतिक सफलता और बेहतर राजनीतिक प्रबंधन का परिणाम बताया। उधर भाजपा ने हार के कारणों को लेकर मंथन शुरू कर दिया है।
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करसोग पंचायत समिति के 15 सदस्यीय सदन में भाजपा समर्थित 10 सदस्य, कांग्रेस समर्थित चार सदस्य और एक निर्दलीय सदस्य निर्वाचित हुआ था। ऐसे में दोनों पदों पर भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन मतदान के दौरान बदले समीकरणों ने परिणाम पूरी तरह बदल दिए। एक-एक वोट के अंतर से मिली कांग्रेस की जीत ने भाजपा समर्थित खेमे में संभावित क्रॉस वोटिंग या अंदरूनी असंतोष की चर्चाओं को भी हवा दे दी है।
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सूत्रों के अनुसार मतदान से पहले दोनों दलों ने अपने-अपने समर्थित सदस्यों को एकजुट रखने के लिए लगातार प्रयास किए। भाजपा ने टूट रोकने की कोशिश की, लेकिन अंतिम समय में बने राजनीतिक समीकरण उसके पक्ष में नहीं रहे। दूसरी ओर, कांग्रेस ने सीमित संख्या बल के बावजूद प्रभावी रणनीति के सहारे पंचायत समिति के दोनों प्रमुख पदों पर कब्जा कर लिया।