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भादो मेले में दोहड़ू-गाची में नाटी डालेंगी महिलाएं
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परशुराम मंदिर प्रांगण डंसा में आयोजित होगा भादों मेला।
- फोटो : RAMPUR-HP
डंसा (रामपुर बुशहर)। परशुराम की चार ठहरियों में शामिल देवता साहिब दमुख के प्रांगण में शुक्रवार को भादो मेला धूमधाम से मनाया जाएगा। मेले के सफल आयोजन को लेकर मंदिर कमेटी ने तैयारियां पूरी कर ली है। मान्यता है कि देव परंपरा के अनुरूप देवी साहिबा का रथ साल में एक बार भादो मेले के पावन अवसर पर लोगों के दर्शन के लिए सजाया जाता है। देवी साहिबा के दर्शन पाने के लिए दशोटी के अलावा बाहरी क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस अवसर पर देवी-देवता का मिलन भी आकर्षण का केंद्र रहता है।
परशुराम मंदिर समिति के विधान के अनुरूप देव परंपरा का निर्वहन करते हुए देवता साहिब दमुख के साथ ग्रामवार देवलू की जिम्मेदारी सौंपे जाने की प्रथा को भी कायम रखा गया है। इस दिन देवलू ग्रामवासी सनेई को भार मुक्त कर अगले एक साल के लिए पनोली को विधिवत रूप से मंदिर समिति द्वारा जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। भादो मेले पर हर गांव से महिलाएं पहाड़ी पोशाक दोहड्ू-गाची पहनकर नाटी डालेंगी।
इस दौरान वाद्य यंत्रों की धुनों पर दिनभर नाटियों का दौर चलेगा। परशुराम मंदिर समिति प्रधान खेलचंद नेगी, महासचिव जीएल डमालू, उपप्रधान गौरी दत्त नेगी, कोषाध्यक्ष डीडी शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य बीरबल नेगी, केदार ठाकुर, सुरंजन ठाकुर, रूपदास शर्मा, आरएन भारद्वाज, किशोरी लाल मेहता और वीरेंद्र नेगी ने कहा कि प्राचीन समय से चली आ रही देव संस्कृति का बखूबी निर्वहन किया जा रहा है। आधुनिकता के दौर में भी दशोटी के लोगों में देवी-देवताओं के प्रति गहरी आस्था है। समिति ने कहा कि मेले के सफल आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई गई हैं।
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परशुराम मंदिर समिति के विधान के अनुरूप देव परंपरा का निर्वहन करते हुए देवता साहिब दमुख के साथ ग्रामवार देवलू की जिम्मेदारी सौंपे जाने की प्रथा को भी कायम रखा गया है। इस दिन देवलू ग्रामवासी सनेई को भार मुक्त कर अगले एक साल के लिए पनोली को विधिवत रूप से मंदिर समिति द्वारा जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। भादो मेले पर हर गांव से महिलाएं पहाड़ी पोशाक दोहड्ू-गाची पहनकर नाटी डालेंगी।
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इस दौरान वाद्य यंत्रों की धुनों पर दिनभर नाटियों का दौर चलेगा। परशुराम मंदिर समिति प्रधान खेलचंद नेगी, महासचिव जीएल डमालू, उपप्रधान गौरी दत्त नेगी, कोषाध्यक्ष डीडी शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य बीरबल नेगी, केदार ठाकुर, सुरंजन ठाकुर, रूपदास शर्मा, आरएन भारद्वाज, किशोरी लाल मेहता और वीरेंद्र नेगी ने कहा कि प्राचीन समय से चली आ रही देव संस्कृति का बखूबी निर्वहन किया जा रहा है। आधुनिकता के दौर में भी दशोटी के लोगों में देवी-देवताओं के प्रति गहरी आस्था है। समिति ने कहा कि मेले के सफल आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई गई हैं।
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