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Rampur Bushahar News: ड्रॉप सेब की खरीद छह लाख से घटकर 44 हजार बोरियों तक सिमटी
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बगवानों को अभी भी पिछले साल के भुगतान का इंतजार
एक हजार बागवानों के दस्तावेज सत्यापन के लिए भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
चिड़गांव (रोहड़ू)। सेब की कम पैदावार के चलते इस वर्ष चिड़गांव और रोहड़ू क्षेत्र में ड्रॉप सेब की खरीद में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल जहां करीब छह लाख बोरियों की खरीद हुई थी, वहीं इस बार यह आंकड़ा घटकर करीब 44 हजार बोरियों तक सिमट गया है। सेब सीजन समाप्त होने के बाद अब खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अधिकांश खरीद केंद्र बंद हो चुके हैं, जबकि क्वार और पुजारली केंद्रों में अभी भी बागवान ड्रॉप सेब लेकर पहुंच रहे हैं।
दूसरी ओर पिछले वर्ष खरीदे गए ड्रॉप सेब का भुगतान अब तक पूरी तरह नहीं हुआ है। करीब एक हजार बागवानों के दस्तावेज सत्यापन के लिए भेजे गए हैं, जबकि 225 बागवानों को भुगतान किया जा चुका है। शेष बागवानों को राशि जारी करने की प्रक्रिया जारी है।
एचपीएमसी प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि लंबित भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जल्द ही शेष बागवानों को राशि जारी होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बागवानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन आईडी बनाई जा रही हैं। इसके माध्यम से बागवान घर बैठे खरीदी गई बोरियों की संख्या और भुगतान की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस वर्ष खरीदे गए ड्रॉप सेब का भुगतान सीधे बागवानों के पंजीकृत बैंक खातों में किया जाएगा।
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बागवान सुनील और बॉबी सूर्यान ने कहा कि पिछले वर्ष की उपज का भुगतान लंबित रहने से बागवानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और बागवानों को अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी।
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एक हजार बागवानों के दस्तावेज सत्यापन के लिए भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
चिड़गांव (रोहड़ू)। सेब की कम पैदावार के चलते इस वर्ष चिड़गांव और रोहड़ू क्षेत्र में ड्रॉप सेब की खरीद में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल जहां करीब छह लाख बोरियों की खरीद हुई थी, वहीं इस बार यह आंकड़ा घटकर करीब 44 हजार बोरियों तक सिमट गया है। सेब सीजन समाप्त होने के बाद अब खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अधिकांश खरीद केंद्र बंद हो चुके हैं, जबकि क्वार और पुजारली केंद्रों में अभी भी बागवान ड्रॉप सेब लेकर पहुंच रहे हैं।
दूसरी ओर पिछले वर्ष खरीदे गए ड्रॉप सेब का भुगतान अब तक पूरी तरह नहीं हुआ है। करीब एक हजार बागवानों के दस्तावेज सत्यापन के लिए भेजे गए हैं, जबकि 225 बागवानों को भुगतान किया जा चुका है। शेष बागवानों को राशि जारी करने की प्रक्रिया जारी है।
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एचपीएमसी प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि लंबित भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जल्द ही शेष बागवानों को राशि जारी होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बागवानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन आईडी बनाई जा रही हैं। इसके माध्यम से बागवान घर बैठे खरीदी गई बोरियों की संख्या और भुगतान की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस वर्ष खरीदे गए ड्रॉप सेब का भुगतान सीधे बागवानों के पंजीकृत बैंक खातों में किया जाएगा।
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बागवान सुनील और बॉबी सूर्यान ने कहा कि पिछले वर्ष की उपज का भुगतान लंबित रहने से बागवानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और बागवानों को अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी।