फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   agriculture news rampur

Rampur Bushahar News: सेब के बगीचों में खाद डालने से पहले मिट्टी की जांच करवाएं बागवान

Fri, 30 Oct 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
रोहड़ू। सेब के बगीचों में खाद डालने से पहले बागवान मिट्टी की जांच करवाएं। इससे मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की जानकारी मिलेगी और जरूरत के अनुसार खाद व रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक खर्च घटने के साथ पौधों को संतुलित पोषण मिलेगा और उत्पादन क्षमता बनाए रखने में मदद मिलेगी। कृषि विज्ञान केंद्र की प्रभारी एवं बागवानी विशेषज्ञ डॉ. उषा शर्मा के अनुसार प्रत्येक बगीचे की मिट्टी की प्रकृति और पोषक तत्वों की स्थिति अलग होती है। ऐसे में सभी बगीचों में एक समान मात्रा में खाद डालना उचित नहीं है। मिट्टी में पहले से पर्याप्त पोषक तत्व होने के बावजूद उर्वरकों का इस्तेमाल करने से लागत बढ़ने के साथ पोषक तत्वों का असंतुलन भी पैदा हो सकता है। उन्होंने बताया कि मिट्टी की जांच से पीएच मान, जैविक कार्बन और नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश जैसे प्रमुख पोषक तत्वों की उपलब्धता का पता चलता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद और उर्वरकों की उचित मात्रा निर्धारित की जा सकती है। डॉ. शर्मा ने बागवानों को मिट्टी का नमूना लेते समय बगीचे के अलग-अलग हिस्सों से उचित गहराई पर मिट्टी एकत्र करने की सलाह दी। पेड़ों के तनों के बिल्कुल पास, खाद के ढेर और असामान्य स्थानों से नमूने लेने से बचना चाहिए। अलग-अलग स्थानों से एकत्रित मिट्टी को अच्छी तरह मिलाकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि मिट्टी की जांच के आधार पर संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाने से बगीचों की उत्पादकता बढ़ाने, मिट्टी की सेहत बनाए रखने और बागवानों की लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed