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Rampur Bushahar News: चिट्टा बरामदगी मामले में आरोपी को एक साल बाद मिली जमानत
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चिट्टा बरामदगी मामले में आरोपी को एक साल बाद मिली जमानत संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
चिट्टा बरामदगी मामले में आरोपी को एक साल बाद जमानत मिली है। विशेष न्यायाधीश रोहड़ू की अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो स्थानीय जमानतियों पर जमानत मिली है। आरोपी प्रथम को रोहड़ू पुलिस ने 18 सितंबर 2025 को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 और 29 के तहत गिरफ्तार किया था। पुलिस ने होटल के कमरा से 6.74 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। बाद में, पुलिस रिमांड के दौरान, प्रथम गुप्ता की निशानदेही पर 16.62 ग्राम चिट्टा और बरामद किया गया। अदालत ने कहा कि आरोपी को अनिश्चित काल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि मामले में 14 गवाहों की जांच हो चुकी है। अदालत ने कहा कि जमानत का उद्देश्य आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करना है, न कि उसे दंडित करना। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो अन्य लंबित एफआईआर का उल्लेख किया। हालांकि, अदालत ने कहा कि उन मामलों में अभी तक दोषसिद्धि नहीं हुई है। अदालत ने यह भी नोट किया कि सह-आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अदालत ने जमानत के लिए कई शर्तें लगाईं, जिनमें सबूतों से छेड़छाड़ न करना, हर सुनवाई पर अदालत में पेश होना और अदालत की अनुमति के बिना देश न छोड़ना शामिल है। संवाद
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रोहड़ू।
चिट्टा बरामदगी मामले में आरोपी को एक साल बाद जमानत मिली है। विशेष न्यायाधीश रोहड़ू की अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो स्थानीय जमानतियों पर जमानत मिली है। आरोपी प्रथम को रोहड़ू पुलिस ने 18 सितंबर 2025 को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 और 29 के तहत गिरफ्तार किया था। पुलिस ने होटल के कमरा से 6.74 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। बाद में, पुलिस रिमांड के दौरान, प्रथम गुप्ता की निशानदेही पर 16.62 ग्राम चिट्टा और बरामद किया गया। अदालत ने कहा कि आरोपी को अनिश्चित काल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि मामले में 14 गवाहों की जांच हो चुकी है। अदालत ने कहा कि जमानत का उद्देश्य आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करना है, न कि उसे दंडित करना। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो अन्य लंबित एफआईआर का उल्लेख किया। हालांकि, अदालत ने कहा कि उन मामलों में अभी तक दोषसिद्धि नहीं हुई है। अदालत ने यह भी नोट किया कि सह-आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अदालत ने जमानत के लिए कई शर्तें लगाईं, जिनमें सबूतों से छेड़छाड़ न करना, हर सुनवाई पर अदालत में पेश होना और अदालत की अनुमति के बिना देश न छोड़ना शामिल है। संवाद