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ठेका मजदूर यूनियन उतरी सड़क पर
Updated Mon, 18 Jun 2018 09:23 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। घर-घर से कूड़ा उठाने वाले ठेका मजदूरों ने सोमवार को श्रम कानूनों को लागू न करने और मानदेय न मिलने को लेकर नप के खिलाफ मोर्चा खोला। नगर परिषद ठेका मजदूर यूनियन संबंधित सीटू ने रोष रैली निकाली और नप कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। सीटू क्षेत्रीय कमेटी अध्यक्ष राम दास और सचिव कुलदीप ने कहा कि रामपुर नगर परिषद में जिन मजदूरों को ठेकेदार के माध्यम से कूड़ा उठाने के काम के लिए रखा है, उनका ठेकेदार शोषण कर रहा है। नगर परिषद प्रबंधन और श्रम विभाग मूकदर्शक बनकर बैठे हैं।
मजदूरों को न तो कोई पहचान पत्र दिया गया है और न ही उन्हें न्यूनतम वेतन की अदायगी की जा रही है। मजदूरों को अभी तक मई माह का मानदेय भी नहीं मिला है। मजदूरों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। गंदगी का काम करने वाले किसी भी मजदूर को उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर कोई टीका भी नहीं लगाया गया है। मजदूरों को कोई मानदेय स्लिप नहीं मिलती। इससे पहले यूनियन की तरफ से मार्च 2017 को नगर परिषद प्रबंधन अवगत करवाया गया। लेकिन नप प्रबंधन और ठेकेदार ने उचित कार्रवाई नहीं की। मजदूरों को पिछला एरियर भी नहीं मिल पाया है। मजदूरों को किसी प्रकार की छुट्टी नहीं दी जाती है। यूनियन ने कहा कि ठेकेदार सरकार की ओर से तय 6750 रुपये मानदेय देना सुनिश्चित करे। मजदूरों को समय पर मानदेय दिया जाए। इस दौरान सीटू नेता आशु भारती, नगर परिषद यूनियन सचिव ललित, रजनीश, मंजू, बंधेईन, ललित, मीना, जयवंती सहित अन्य मौजूद रहे।
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रामपुर बुशहर। घर-घर से कूड़ा उठाने वाले ठेका मजदूरों ने सोमवार को श्रम कानूनों को लागू न करने और मानदेय न मिलने को लेकर नप के खिलाफ मोर्चा खोला। नगर परिषद ठेका मजदूर यूनियन संबंधित सीटू ने रोष रैली निकाली और नप कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। सीटू क्षेत्रीय कमेटी अध्यक्ष राम दास और सचिव कुलदीप ने कहा कि रामपुर नगर परिषद में जिन मजदूरों को ठेकेदार के माध्यम से कूड़ा उठाने के काम के लिए रखा है, उनका ठेकेदार शोषण कर रहा है। नगर परिषद प्रबंधन और श्रम विभाग मूकदर्शक बनकर बैठे हैं।
मजदूरों को न तो कोई पहचान पत्र दिया गया है और न ही उन्हें न्यूनतम वेतन की अदायगी की जा रही है। मजदूरों को अभी तक मई माह का मानदेय भी नहीं मिला है। मजदूरों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। गंदगी का काम करने वाले किसी भी मजदूर को उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर कोई टीका भी नहीं लगाया गया है। मजदूरों को कोई मानदेय स्लिप नहीं मिलती। इससे पहले यूनियन की तरफ से मार्च 2017 को नगर परिषद प्रबंधन अवगत करवाया गया। लेकिन नप प्रबंधन और ठेकेदार ने उचित कार्रवाई नहीं की। मजदूरों को पिछला एरियर भी नहीं मिल पाया है। मजदूरों को किसी प्रकार की छुट्टी नहीं दी जाती है। यूनियन ने कहा कि ठेकेदार सरकार की ओर से तय 6750 रुपये मानदेय देना सुनिश्चित करे। मजदूरों को समय पर मानदेय दिया जाए। इस दौरान सीटू नेता आशु भारती, नगर परिषद यूनियन सचिव ललित, रजनीश, मंजू, बंधेईन, ललित, मीना, जयवंती सहित अन्य मौजूद रहे।
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