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ताजा बर्फबारी और बारिश से किसान-बागवानों के चेहरे खिले
Updated Wed, 12 Dec 2018 09:39 PM IST
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ताजा बर्फबारी और बारिश से किसान-बागवानों के चेहरे खिले
दिसंबर माह में हिमपात का होना कृषि-बागवानी के लिए वरदान
अमर उजाला ब्यूरो
डंसा (रामपुर बुशहर)। सूबे के सेब बाहुल क्षेत्रों में दिसंबर माह की बर्फबारी बागवानी और कृषि के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने से किसान-बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। यदि आगामी दिनों में और बर्फबारी होती है तो यह कृषि और बागवानी के लिए संजीवनी का काम करेगी।
गौरतलब है कि दिसंबर माह की बर्फबारी व बारिश कृषि एवं बागवानी के लिए वरदान साबित होती है। इस माह में हिमपात होने से लंबे समय तक खेतों में नमी बरकरार रहती है। वहीं सेब के पौधों में लगने वाली बीमारियां भी खत्म हो जाती है। सूखे केे चलते सेब के पौधों में वूली एफिड सहित अन्य कीटों के संक्रमण का खतरा मंडराता है। ऐसे में दिसंबर माह मेें बर्फबारी और बारिश होना जहां सेब के पौधों को संक्रमण से बचाता है, वहीं सेब की बेहतर फसल के लिए चिलिंग ऑवर भी प्राप्त होते हैं। इलाके के बागवानों को बगीचों में तौलिये, खाद और प्रूनिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को जल्द निपटाने में मदद मिलती है। बागवानी विशेषज्ञ भी दिसंबर माह में बर्फबारी और बारिश का होना कृषि-बागवानी के लिए फायदेमंद मानते हैं।
सेब बाहुल क्षेत्रों में इन दिनों बागवान प्रूनिंग और तौलिए आदि कार्य में जुटे हुए हैं। इलाके के प्रगतिशील बागवान पवन हुड्डन, बंसी लाल, छतर सिंह, गोविंद कायथ, सुंदर सिंह, दिनेश कायथ, सूरज नेगी, लायक राम, कमल चाई, हिम्मत सिंह और दुष्यंत मेहता के अनुसार दिसंबर माह में यदि पर्याप्त बर्फबारी होती है तो सेब की फसल की पैदावार बंपर होने के आसार बढ़ जाते हैं। वहीं सेब के पौधों में लगने वाली अधिकांश बीमारियों से बागवानों को निजात मिलती है।
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दिसंबर माह में हिमपात का होना कृषि-बागवानी के लिए वरदान
अमर उजाला ब्यूरो
डंसा (रामपुर बुशहर)। सूबे के सेब बाहुल क्षेत्रों में दिसंबर माह की बर्फबारी बागवानी और कृषि के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने से किसान-बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। यदि आगामी दिनों में और बर्फबारी होती है तो यह कृषि और बागवानी के लिए संजीवनी का काम करेगी।
गौरतलब है कि दिसंबर माह की बर्फबारी व बारिश कृषि एवं बागवानी के लिए वरदान साबित होती है। इस माह में हिमपात होने से लंबे समय तक खेतों में नमी बरकरार रहती है। वहीं सेब के पौधों में लगने वाली बीमारियां भी खत्म हो जाती है। सूखे केे चलते सेब के पौधों में वूली एफिड सहित अन्य कीटों के संक्रमण का खतरा मंडराता है। ऐसे में दिसंबर माह मेें बर्फबारी और बारिश होना जहां सेब के पौधों को संक्रमण से बचाता है, वहीं सेब की बेहतर फसल के लिए चिलिंग ऑवर भी प्राप्त होते हैं। इलाके के बागवानों को बगीचों में तौलिये, खाद और प्रूनिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को जल्द निपटाने में मदद मिलती है। बागवानी विशेषज्ञ भी दिसंबर माह में बर्फबारी और बारिश का होना कृषि-बागवानी के लिए फायदेमंद मानते हैं।
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सेब बाहुल क्षेत्रों में इन दिनों बागवान प्रूनिंग और तौलिए आदि कार्य में जुटे हुए हैं। इलाके के प्रगतिशील बागवान पवन हुड्डन, बंसी लाल, छतर सिंह, गोविंद कायथ, सुंदर सिंह, दिनेश कायथ, सूरज नेगी, लायक राम, कमल चाई, हिम्मत सिंह और दुष्यंत मेहता के अनुसार दिसंबर माह में यदि पर्याप्त बर्फबारी होती है तो सेब की फसल की पैदावार बंपर होने के आसार बढ़ जाते हैं। वहीं सेब के पौधों में लगने वाली अधिकांश बीमारियों से बागवानों को निजात मिलती है।
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