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स्वास्थ्य उप केंद्र बेवठ में दो वर्ष से लटका ताला
Updated Sat, 13 Jan 2018 09:17 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ननखड़ी (रामपुर बुशहर)।
प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य केंद्र तो खोल दिए हैं, लेकिन कई ग्रामीण इलाकों में स्टाफ न होने कारण ये स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से बेकार हो गए हैं। ऐसा ही एक उदाहरण ननखड़ी खंड की करांगला पंचायत का बेवठ स्वास्थ्य उपकेंद्र पेश कर रहा है। यहां दो वर्षों से ताला लटका हुआ है। उपचार के नाम पर ग्रामीणों के साथ छलावा ही किया जा रहा है।
गौरतलब है कि रामपुर उपमंडल के ननखड़ी विकास खंड की ग्राम पंचायत करांगला के स्वास्थ्य उप केंद्र बेवठ में ग्रामीणों को उपचार की सुविधा नहीं मिल रही। स्वास्थ्य केंद्र में बीते दो वर्षों से ताला लटका हुआ है, जिस कारण स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए तीन किलोमीटर दूर देलठ या फिर 30-35 किलोमीटर दूर ननखड़ी जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता का शिकार आज करांगला पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण हो रहे हैं। इस स्वास्थ्य केंद्र से करांगला पंचायत के करांगला, कुंठ, कलमोग और भगेटली गांव के करीब 1200 ग्रामीणों को लाभ मिलता है। इस स्वास्थ्य केंद्र में एक फार्मासिस्ट और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद बीते दो वर्ष से रिक्त पड़े हैं। पंचायत प्रधान करांगला मोहन लाल, रणवीर मेहता, संजीव, ध्यान सिंह, विनोद, धर्मपाल, तीरलोक, राजीव चौहान, भूपेंद्र सहित सैकड़ों ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्ष से ग्रामीणों को स्वास्थ्य उपकेंद्र में उपचार की सुविधा नहीं मिल रही। ग्रामीणों को छोटी मोटी बीमारियां होने पर भी कई किलोमीटर का सफर तय कर इलाज करवाना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की तैनाती करने की मांग की है। उधर, बीएमओ ननखड़ी महेंद्र सिंह पाल ने बताया कि इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है। उम्मीद है कि जल्द चिकित्सकों के खाली पदों को भरा जाएगा।
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ननखड़ी (रामपुर बुशहर)।
प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य केंद्र तो खोल दिए हैं, लेकिन कई ग्रामीण इलाकों में स्टाफ न होने कारण ये स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से बेकार हो गए हैं। ऐसा ही एक उदाहरण ननखड़ी खंड की करांगला पंचायत का बेवठ स्वास्थ्य उपकेंद्र पेश कर रहा है। यहां दो वर्षों से ताला लटका हुआ है। उपचार के नाम पर ग्रामीणों के साथ छलावा ही किया जा रहा है।
गौरतलब है कि रामपुर उपमंडल के ननखड़ी विकास खंड की ग्राम पंचायत करांगला के स्वास्थ्य उप केंद्र बेवठ में ग्रामीणों को उपचार की सुविधा नहीं मिल रही। स्वास्थ्य केंद्र में बीते दो वर्षों से ताला लटका हुआ है, जिस कारण स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए तीन किलोमीटर दूर देलठ या फिर 30-35 किलोमीटर दूर ननखड़ी जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता का शिकार आज करांगला पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण हो रहे हैं। इस स्वास्थ्य केंद्र से करांगला पंचायत के करांगला, कुंठ, कलमोग और भगेटली गांव के करीब 1200 ग्रामीणों को लाभ मिलता है। इस स्वास्थ्य केंद्र में एक फार्मासिस्ट और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद बीते दो वर्ष से रिक्त पड़े हैं। पंचायत प्रधान करांगला मोहन लाल, रणवीर मेहता, संजीव, ध्यान सिंह, विनोद, धर्मपाल, तीरलोक, राजीव चौहान, भूपेंद्र सहित सैकड़ों ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्ष से ग्रामीणों को स्वास्थ्य उपकेंद्र में उपचार की सुविधा नहीं मिल रही। ग्रामीणों को छोटी मोटी बीमारियां होने पर भी कई किलोमीटर का सफर तय कर इलाज करवाना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की तैनाती करने की मांग की है। उधर, बीएमओ ननखड़ी महेंद्र सिंह पाल ने बताया कि इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है। उम्मीद है कि जल्द चिकित्सकों के खाली पदों को भरा जाएगा।
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