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Rampur Bushahar News: 22 वर्षीय मानव शर्मा 43 दिन की साधना में लीन
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युवाओं को नशा छोड़ने और सनातन धर्म अपनाने का दे रहा संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर से करीब किलोमीटर दूर स्थित सिद्धवरकूट बाबा बालक नाथ शिव शक्ति मंदिर नीरथ आश्रम में 22 वर्ष के मानव शर्मा 43 दिन की साधना में लीन हो गए हैं। साधना के माध्यम से मानव कल्याण और युवाओं को नशा छोड़ने व सनातन धर्म अपनाने का संदेश दे रहे हैं।
मंदिर के महंत और मानव शर्मा के पिता सुदर्शन गिरी महाराज ने बताया कि मानव ने पांच साल दिल्ली में सुधांशु महाराज के आश्रम में लगाने के बाद उनका जीवन बदल गया और मानव आध्यात्म की ओर निकल पड़ा। बीते 27 दिनों से मानव बाबा बालक नाथ के अखंड धुने के आगे 40 डिग्री तापमान वाले बंद कमरे में कड़ी तपस्या कर कुछ सिद्धियां हासिल करने का प्रयास कर रहा है। दिन में 18 घंटे कड़ी तपस्या में लीन रहता है। जिस कमरे में वह साधना कर रहा है, उसे पूरी तरह से बंद किया गया है। केवल एक समय का भोजन देने के लिए एक छोटा सा स्थान दरवाजा बनाया गया है। सुदर्शन गिरी ने बताया कि मानव ने आचार्य में भी डिग्री हासिल कर ली है और आगामी जीवन में पढ़ाई और शिक्षा-दीक्षा के लिए प्रयास करता रहेगा। उन्होंने बताया कि 16 जून को बाबा बालक नाथ मंदिर दयोट सिद्ध से मुख्य महंत बाबा बालक नाथ मंदिर नीरथ पहुंच रहे हैं और उनके आने के बाद ही मानव शर्मा को बाहर लाया जाएगा। 16 जून को मंदिर परिसर में कार्यक्रम का आयोजन होगा। उन्हें मंदिर के महंत की गद्दी पर मानव को आसीन किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर से करीब किलोमीटर दूर स्थित सिद्धवरकूट बाबा बालक नाथ शिव शक्ति मंदिर नीरथ आश्रम में 22 वर्ष के मानव शर्मा 43 दिन की साधना में लीन हो गए हैं। साधना के माध्यम से मानव कल्याण और युवाओं को नशा छोड़ने व सनातन धर्म अपनाने का संदेश दे रहे हैं।
मंदिर के महंत और मानव शर्मा के पिता सुदर्शन गिरी महाराज ने बताया कि मानव ने पांच साल दिल्ली में सुधांशु महाराज के आश्रम में लगाने के बाद उनका जीवन बदल गया और मानव आध्यात्म की ओर निकल पड़ा। बीते 27 दिनों से मानव बाबा बालक नाथ के अखंड धुने के आगे 40 डिग्री तापमान वाले बंद कमरे में कड़ी तपस्या कर कुछ सिद्धियां हासिल करने का प्रयास कर रहा है। दिन में 18 घंटे कड़ी तपस्या में लीन रहता है। जिस कमरे में वह साधना कर रहा है, उसे पूरी तरह से बंद किया गया है। केवल एक समय का भोजन देने के लिए एक छोटा सा स्थान दरवाजा बनाया गया है। सुदर्शन गिरी ने बताया कि मानव ने आचार्य में भी डिग्री हासिल कर ली है और आगामी जीवन में पढ़ाई और शिक्षा-दीक्षा के लिए प्रयास करता रहेगा। उन्होंने बताया कि 16 जून को बाबा बालक नाथ मंदिर दयोट सिद्ध से मुख्य महंत बाबा बालक नाथ मंदिर नीरथ पहुंच रहे हैं और उनके आने के बाद ही मानव शर्मा को बाहर लाया जाएगा। 16 जून को मंदिर परिसर में कार्यक्रम का आयोजन होगा। उन्हें मंदिर के महंत की गद्दी पर मानव को आसीन किया जाएगा।
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