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निचार में 106 बच्चों ने प्रवेश परीक्षा
Updated Sun, 06 May 2018 10:03 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भावानगर (किन्नौर)।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय निचार में छठी कक्षा के लिए प्रवेश परीक्षा रविवार को हुई। छठी कक्षा में प्रवेश के लिए निचार खंड से 106 बच्चों ने परीक्षा में भाग लिया। पूरे जिले के तीनों खंडों में यह आंकड़ा 299 रहा, जबकि परीक्षा के लिए 321 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। निचार खंड में छह, कल्पा में 13 और पूह खंड में तीन बच्चों ने परीक्षा में भाग नहीं लिया।
प्रधानाचार्य विपिन कुमार शर्मा ने बताया कि केंद्रीय जनजातीय विकास मंत्रालय की ओर से वर्ष 2005 में पूरे हिमाचल प्रदेश में जनजातीय क्षेत्र के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए किन्नौर जिले में तीन विद्यालय खोलने की घोषणा की गई थी। लेकिन अभी तक केवल जिला किन्नौर के निचार में ही यह स्कूल खुल पाया है। इस विद्यालय का पूरा खर्च केंद्र की ओर से वहन किया जाता है। विद्यालय में बच्चों को वर्दियां, किताबें-कॉपियां और खाने की व्यवस्था निशुल्क है। इसके लिए बजट का प्रावधान केंद्रीय जनजातीय विकास मंत्रालय की ओर से किया जाता है। हर वर्ष 15 छात्र और 15 छात्राओं को प्रवेश परीक्षा के माध्यम से मेरिट के आधार पर छठी कक्षा में दाखिला दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और सभी केंद्रों में परीक्षा की वीडियोग्राफी भी करवाई गई है।
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भावानगर (किन्नौर)।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय निचार में छठी कक्षा के लिए प्रवेश परीक्षा रविवार को हुई। छठी कक्षा में प्रवेश के लिए निचार खंड से 106 बच्चों ने परीक्षा में भाग लिया। पूरे जिले के तीनों खंडों में यह आंकड़ा 299 रहा, जबकि परीक्षा के लिए 321 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। निचार खंड में छह, कल्पा में 13 और पूह खंड में तीन बच्चों ने परीक्षा में भाग नहीं लिया।
प्रधानाचार्य विपिन कुमार शर्मा ने बताया कि केंद्रीय जनजातीय विकास मंत्रालय की ओर से वर्ष 2005 में पूरे हिमाचल प्रदेश में जनजातीय क्षेत्र के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए किन्नौर जिले में तीन विद्यालय खोलने की घोषणा की गई थी। लेकिन अभी तक केवल जिला किन्नौर के निचार में ही यह स्कूल खुल पाया है। इस विद्यालय का पूरा खर्च केंद्र की ओर से वहन किया जाता है। विद्यालय में बच्चों को वर्दियां, किताबें-कॉपियां और खाने की व्यवस्था निशुल्क है। इसके लिए बजट का प्रावधान केंद्रीय जनजातीय विकास मंत्रालय की ओर से किया जाता है। हर वर्ष 15 छात्र और 15 छात्राओं को प्रवेश परीक्षा के माध्यम से मेरिट के आधार पर छठी कक्षा में दाखिला दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और सभी केंद्रों में परीक्षा की वीडियोग्राफी भी करवाई गई है।
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