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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   210 MW Luhri Project, strike, demonstration of affected people, Rampur Bushahr

Rampur Bushahar News: खातों में 13 मई तक मुआवजा राशि, 20 जुलाई तक पूरी होगी नुकसान की आकलन प्रक्रिया

Fri, 10 May 2024 11:30 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 10 May 2024 11:30 PM IST
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तीसरे दिन थमा लूहरी परियोजना प्रभावितों का विरोध
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प्रशासन, परियोजना प्रबंधन और किसान सभा की ने की समझौता बैठक
प्रभावितों की कुछ मांगों पर समझौता होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त


संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट लूहरी परियोजना प्रभावितों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन समाप्त हो गई। प्रशासन, परियोजना प्रबंधन और किसान सभा की समझौता बैठक में विभिन्न मांगों पर सहमति बनने के बाद किसान सभा ने विरोध प्रदर्शन समाप्त किया। समझौता बैठक में परियोजना प्रभावितों को मिलने वाली राहत और मुआवजे की राशि 13 मई तक प्रभावितों के खातों आ जाएगी, वहीं परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में फसलों, जमीनों और घरों को पहुंचे नुकसान की आकलन प्रक्रिया 20 जुलाई तक पूरी कर दी जाएगी।
बीते मंगलवार से किसान सभा के बैनर तले लूहरी परियोजना प्रभावित अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। इस कारण परियोजना का निर्माण कार्य थम गया था। वीरवार देर शाम को हिमाचल किसान सभा, सतलुज जल विद्युत निगम और प्रशासन के बीच परियोजना प्रभावितों और किसानों की मांगों को लेकर बैठक हुई। बैठक में किसान सभा के दिए मांग पत्र पर बातचीत के बाद कुछ मांगों पर लिखित समझौता हुआ और कुछ मांगों को सरकार के साथ बातचीत के बाद हल करने को लेकर लिखित समझौता हुआ। बैठक में अधिकारियों ने अनुमोदित और एसजेवीएनएल की ओर से सरकार को जमा की गई राहत और मुआवजा राशि लाभार्थी के खाते में 13 मई को जमा करने, जिला शिमला और कुल्लू के प्रभावित क्षेत्रों में कृषि और बागवानी फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट 10 जुलाई तक देने और निजी संपत्ति की क्षति की रिपोर्ट 20 जुलाई तक तैयार करने का आश्वासन दिया।
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इसके अलावा भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास में उचित मुआवजे और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की अनुसूची-2 के अनुसार भूमि खोने वालों को रोजगार के वैधानिक अधिकार की विफलता को लेकर किसान सभा ने रोष जताया। हिमाचल किसान सभा ने सभी छूटे हुए परिवारों को एक अप्रैल, 2024 से उनके कौशल के अनुसार मजदूरी प्रदान की जाए, जो निर्माण कंपनी को स्वीकार्य नहीं है। इस मामले को समझौते और समाधान के लिए सरकार को भेजने की मांग की। वहीं, नरौला गांव के ऊपरी हिस्से को मजबूत करने के लिए 30 सितंबर से पहले कार्य शुरू करने की मांग की।
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प्रभावितों ने उठाई मांगें
प्रभावितों ने परियोजना के सामाजिक उत्तरदायित्व की धनराशि को प्राथमिकता के आधार पर नित्थर, नीरथ, भद्राश और दत्तनगर की टाउनशिप में सीवरेज प्रणाली का निर्माण करने, मोईन में स्थापित क्रशर प्लांट का मुद्दे का निपटारा करने, शनाह गांव में नदी पर पुल के मुद्दे के साथ-साथ बांध के पानी से लिफ्ट सिंचाई का मामला एक नीतिगत मामले के रूप में सरकार को भेजने की मांग उठाई। प्रभावितों की विभिन्न मांगों में से कुछ मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद प्रभावितों का प्रदर्शन थम गया। इस बैठक में एसडीएम निरमंड, तहसीलदार रामपुर, परियोजना प्रमुख सुनील चौधरी, राजेंद्र चौहान, किसान सभा राज्य सचिव राकेश सिंघा, किसान सभा लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट कमेटी अध्यक्ष कृष्णा राणा, सचिव देवकी नंद सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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