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आंगनबाड़ी को खत्म करने की साजिश : विजेंद्र
Updated Wed, 17 Jan 2018 07:19 PM IST
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ठियोग (रामपुर बुशहर)। आंगनबाड़ी, मिड-डे मील और आशा वर्करों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बुधवार को हड़ताल की। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। स्कूलों में दोपहर का भोजन नहीं बना। जिले के शिमला, ठियोग और रामपुर में जोरदार प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों में सैकड़ों आंगनबाड़ी, मिड-डे मील और आशा वर्करों ने भाग लिया।
सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा ने कहा कि केंद्र सरकार आंगनबाड़ी को खत्म करने की साजिश रच रही है। साथ ही आंगनबाड़ी के बजट में कटौती कर रही है। एक निजी कंपनी वेदांता के हवाले 11 हजार आंगनबाड़ी केंद्र कर दिए गए हैं। उन्हें 45वें और 46वें राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी, मिड-डे मील और आशा वर्करों को पक्का किया जाए। केरल की तर्ज पर वेतन दिया जाए। ठियोग के पोटेटो ग्राउंड से सैकड़ों आंगनबाड़ी और मिड-डे मील वर्करों ने बाजार से होते हुए जोरदार रैली निकाली। बस स्टैंड ठियोग में जनसभा का आयोजन किया गया, जिसे सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा, डीवाईएफआई राज्य सचिव कपिल भारद्वाज, हिमाचल किसान सभा सचिव जगदीश, आंगनबाड़ी की शकुंतला, सुलोचना, आरती और मिड-डे मील नेता ध्यान चंद कालटा ने संबोधित किया। डीवाईएफआई के राज्य सचिव कपिल भारद्वाज ने कहा है कि केंद्र सरकार मिड-डे मील स्कीम को लगातार कमजोर कर रही है। मिड-डे मील वर्करों को साल में केवल 10 महीनों का वेतन दिया जा रहा है। इस दौरान कला, संगीता, सत्या, पूनम, ममता, निर्मला, लता, ऊषा, गंगेश्वरी, निशा, आशा, सुनीता, वृंदा, रणजीत, कपिल, सुरेंद्र और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा ने कहा कि केंद्र सरकार आंगनबाड़ी को खत्म करने की साजिश रच रही है। साथ ही आंगनबाड़ी के बजट में कटौती कर रही है। एक निजी कंपनी वेदांता के हवाले 11 हजार आंगनबाड़ी केंद्र कर दिए गए हैं। उन्हें 45वें और 46वें राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी, मिड-डे मील और आशा वर्करों को पक्का किया जाए। केरल की तर्ज पर वेतन दिया जाए। ठियोग के पोटेटो ग्राउंड से सैकड़ों आंगनबाड़ी और मिड-डे मील वर्करों ने बाजार से होते हुए जोरदार रैली निकाली। बस स्टैंड ठियोग में जनसभा का आयोजन किया गया, जिसे सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा, डीवाईएफआई राज्य सचिव कपिल भारद्वाज, हिमाचल किसान सभा सचिव जगदीश, आंगनबाड़ी की शकुंतला, सुलोचना, आरती और मिड-डे मील नेता ध्यान चंद कालटा ने संबोधित किया। डीवाईएफआई के राज्य सचिव कपिल भारद्वाज ने कहा है कि केंद्र सरकार मिड-डे मील स्कीम को लगातार कमजोर कर रही है। मिड-डे मील वर्करों को साल में केवल 10 महीनों का वेतन दिया जा रहा है। इस दौरान कला, संगीता, सत्या, पूनम, ममता, निर्मला, लता, ऊषा, गंगेश्वरी, निशा, आशा, सुनीता, वृंदा, रणजीत, कपिल, सुरेंद्र और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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