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लवी मेले में इस बार चिलगोजा के दाम बढ़े
Updated Sat, 11 Nov 2017 09:55 PM IST
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dry fruit
- फोटो : dry fruit
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर।
किन्नौर से आने वाले चिलगोजा के दामों में इस बार भारी उछाल है। बीते वर्ष जहां चिलगोजे का दाम 1100 रुपये प्रतिकिलो था वहीं इस बार 1800 से लेकर 2000 रुपये हैं। अन्य ड्राई फ्रूट के दामों में भी उछाल आया है। लवी मेले के पहले दिन मार्केट में लोगों की भीड़ कम ही थी।
हालांकि मेले में दिन भर लोगों ने जमकर खरीदारी की। इस वर्ष चिलगोजा 2000 रुपये प्रतिकिलो रुपये हैं। बीते वर्ष 1100 रुपये था। बीते वर्ष खुमानी जहां 300 रुपये प्रतिकिलो बिक रही थी वहीं इस वर्ष खुमानी 450 रुपये प्रतिकिलो है। सूखा सेब 100 रुपये प्रतिकिलो, बादाम कागजी 900 से लेकर 1200 रुपये है। गिफ्ट पैक सेब रॉयल एक हजार रुपये प्रति पेटी, गोल्डन 700 रुपये, किन्नौरी राजमाह 140 से 160 रुपये, किन्नौरी पट्टी के दाम में भी इजाफा हुआ है।
गत वर्ष किन्नौरी पट्टी 1200 से 1500 रुपये तक थी, इस बार पट्टी के दाम 2000 रुपये हैं। अंगूरा की पट्टी 2600 से शुरू है। तिब्बतियन कारपेट 2500 रुपये बिक रहा है। किन्नौरी मार्केट के व्यापारी छेरिंग रंजीत नेगी, संजीव नेगी का कहना है कि इस बार चिलगोजा के दाम में बढ़ोतरी होने से आम लोगों की पहुंच से बाहर है। इसलिए मार्केट में चिलगोजा का व्यापार इस बार कम ही होगा। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिले में चिलगोजा की पैदावार कम होने से दाम में बढ़ोतरी हुई है। लवी मेले में पहले दिन खास कारोबार नहीं हुआ लेकिन मेले के आखिरी दिनों में जमकर व्यापार होगा।
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रामपुर बुशहर।
किन्नौर से आने वाले चिलगोजा के दामों में इस बार भारी उछाल है। बीते वर्ष जहां चिलगोजे का दाम 1100 रुपये प्रतिकिलो था वहीं इस बार 1800 से लेकर 2000 रुपये हैं। अन्य ड्राई फ्रूट के दामों में भी उछाल आया है। लवी मेले के पहले दिन मार्केट में लोगों की भीड़ कम ही थी।
हालांकि मेले में दिन भर लोगों ने जमकर खरीदारी की। इस वर्ष चिलगोजा 2000 रुपये प्रतिकिलो रुपये हैं। बीते वर्ष 1100 रुपये था। बीते वर्ष खुमानी जहां 300 रुपये प्रतिकिलो बिक रही थी वहीं इस वर्ष खुमानी 450 रुपये प्रतिकिलो है। सूखा सेब 100 रुपये प्रतिकिलो, बादाम कागजी 900 से लेकर 1200 रुपये है। गिफ्ट पैक सेब रॉयल एक हजार रुपये प्रति पेटी, गोल्डन 700 रुपये, किन्नौरी राजमाह 140 से 160 रुपये, किन्नौरी पट्टी के दाम में भी इजाफा हुआ है।
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गत वर्ष किन्नौरी पट्टी 1200 से 1500 रुपये तक थी, इस बार पट्टी के दाम 2000 रुपये हैं। अंगूरा की पट्टी 2600 से शुरू है। तिब्बतियन कारपेट 2500 रुपये बिक रहा है। किन्नौरी मार्केट के व्यापारी छेरिंग रंजीत नेगी, संजीव नेगी का कहना है कि इस बार चिलगोजा के दाम में बढ़ोतरी होने से आम लोगों की पहुंच से बाहर है। इसलिए मार्केट में चिलगोजा का व्यापार इस बार कम ही होगा। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिले में चिलगोजा की पैदावार कम होने से दाम में बढ़ोतरी हुई है। लवी मेले में पहले दिन खास कारोबार नहीं हुआ लेकिन मेले के आखिरी दिनों में जमकर व्यापार होगा।
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