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रामपुर डिपो में कलपुर्जों की कमी से खड़ी हुई 19 सरकारी बसें
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रामपुर बुशहर। कोरोनाकाल में सबसे अधिक चपत परिवहन निगम को लगी है। हालत बसों की समय पर मरम्मत नहीं होने से रामपुर डिपो की 19 बसें खड़ी हो गई हैं। इस कारण कई रूटों पर बसें भेजना एचआरटीसी प्रबंधन के लिए चुनौती हो गया है। इसकी वजह से क्षेत्र के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे एचआरटीसी को समय पर टायर और कलपुर्जे तक नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उनके लिए बसों को चलाना मुश्किल हो गया है। अगर समय रहते स्थिति को नहीं संभाला गया निगम प्रबंधन को आने वाले समय में बसों का संचालन करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में बसों को खड़ा करने के सिवाय एचआरटीसी प्रबंधन के पास कोई और विकल्प नहीं है।
जुगाड़ से चलाई जा रही छह बसें
एचआरटीसी के पास 25 बसें ऐसी हैं, जो खड़ी हैं लेकिन निगम ने 6 बसों को जैसे तैसे जुगाड़ के सहारे चलाया रहा है। कोरोनाकाल में पहले ही एचआरटीसी प्रबंधन को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा है। वहीं रामपुर डिपो में न तो वर्क मैनेजर है और न ही फोरमैन है। तकनीकी कर्मचारी नहीं होने से भी बसों के संचालन में खासी दिक्कतें पेश आ रही हैं। अगर समय रहते प्रबंधन की ओर से पर्याप्त कलपुर्जे और सामान उपलब्ध नहीं करवाया गया तो कई रूटों को बंद करने की नौबत आ सकती है।
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परिवहन निगम रामपुर डिपो के आरएम प्रेमचंद कश्यप ने कहा कि रामपुर डिपो की 19 बसों की सर्विस नहीं हो पाई है। सभी बसें मेजर फॉल्ट के कारण खड़ी हैं। जैसे ही मरम्मत का सामान पहुंच जाएगा, बसों की मरम्मत कर दी जाएगी। बसों की कमी होने के कारण परेशानियां पेश आ रही हैं।
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आर्थिक तंगी से जूझ रहे एचआरटीसी को समय पर टायर और कलपुर्जे तक नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उनके लिए बसों को चलाना मुश्किल हो गया है। अगर समय रहते स्थिति को नहीं संभाला गया निगम प्रबंधन को आने वाले समय में बसों का संचालन करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में बसों को खड़ा करने के सिवाय एचआरटीसी प्रबंधन के पास कोई और विकल्प नहीं है।
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जुगाड़ से चलाई जा रही छह बसें
एचआरटीसी के पास 25 बसें ऐसी हैं, जो खड़ी हैं लेकिन निगम ने 6 बसों को जैसे तैसे जुगाड़ के सहारे चलाया रहा है। कोरोनाकाल में पहले ही एचआरटीसी प्रबंधन को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा है। वहीं रामपुर डिपो में न तो वर्क मैनेजर है और न ही फोरमैन है। तकनीकी कर्मचारी नहीं होने से भी बसों के संचालन में खासी दिक्कतें पेश आ रही हैं। अगर समय रहते प्रबंधन की ओर से पर्याप्त कलपुर्जे और सामान उपलब्ध नहीं करवाया गया तो कई रूटों को बंद करने की नौबत आ सकती है।
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परिवहन निगम रामपुर डिपो के आरएम प्रेमचंद कश्यप ने कहा कि रामपुर डिपो की 19 बसों की सर्विस नहीं हो पाई है। सभी बसें मेजर फॉल्ट के कारण खड़ी हैं। जैसे ही मरम्मत का सामान पहुंच जाएगा, बसों की मरम्मत कर दी जाएगी। बसों की कमी होने के कारण परेशानियां पेश आ रही हैं।