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उन्नू महादेव को श्रीखंड महादेव से जोड़ने की आस
Updated Sun, 14 Jan 2018 09:14 PM IST
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ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। ज्यूरी के ऐतिहासिक तीर्थ स्थल उन्नू महादेव में जयराम सरकार से विकास की उम्मीद है। उन्नू मंदिर कमेटी के प्रयासों को सरकार की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल रहा। इससे मंदिर स्थल को विकसित करने में दिक्कत हो रही है। उन्नू महादेव मंदिर में गर्म पानी के प्राकृतिक चश्मे हैं। इसे तत्तापानी की तरह विकसित किया जा सकता है। उन्नू महादेव को श्रीखंड महादेव से जोड़ने के लिए उन्नू महादेव कमेटी ने कई बार आवाज उठाई। सरकार से ज्यूरी से वाया फांचा श्रीखंड महादेव के रास्ते को सरकारी ट्रैक घोषित कर सुधारने की मांग बार-बार उठती रही, जो पूरी नहीं हो रही। अब यह मांग भी पूरी होने की उम्मीद जगी है।
लोगों की आस्था का केंद्र होने के बावजूद प्रदेश सरकारें इस स्थान की अनदेखी करती रही हैं। यहां पर पर्व के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मकर संक्रांति के दौरान भी यहां श्रद्धालु हर साल स्नान करने को पहुंचते हैं। यहां पर गर्म पानी से नहाने के लिए श्रद्धालुओं को उचित सुविधा नहीं है। महिलाओं के लिए अलग से स्नान करने की उचित व्यवस्था नहीं है। स्नान के लिए बने स्नानागारों के रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं है। सुन्नी के तत्तापानी के बाद ज्यादा श्रद्धालु ज्यूरी के उन्नू पहुंचते हैं। उन्नू महादेव के महंत बाबा मस्तगिरी बताया कि जनता के सहयोग से इस पवित्र स्थल को विकसित कर ख्याति दिलाने की कोशिश की जा रही है। सरकार के सहयोग के बिना इस ऐतिहासिक तीर्थ स्थल से श्रीखंड महादेव को शुरू की गई श्रीखंड महादेव यात्रा भी बंद करनी पड़ी। ज्यूरी से वाया फांचा श्रीखंड महादेव की दूरी काफी कम है। एक ऐतिहासिक तीर्थ स्थल से यात्रा शुरू होकर वहीं समाप्त होती है। महंत बाबा मस्त गिरी ने बताया कि अब वे जल्द ही इस तीर्थ स्थल के विकास को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलेंगे।
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लोगों की आस्था का केंद्र होने के बावजूद प्रदेश सरकारें इस स्थान की अनदेखी करती रही हैं। यहां पर पर्व के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मकर संक्रांति के दौरान भी यहां श्रद्धालु हर साल स्नान करने को पहुंचते हैं। यहां पर गर्म पानी से नहाने के लिए श्रद्धालुओं को उचित सुविधा नहीं है। महिलाओं के लिए अलग से स्नान करने की उचित व्यवस्था नहीं है। स्नान के लिए बने स्नानागारों के रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं है। सुन्नी के तत्तापानी के बाद ज्यादा श्रद्धालु ज्यूरी के उन्नू पहुंचते हैं। उन्नू महादेव के महंत बाबा मस्तगिरी बताया कि जनता के सहयोग से इस पवित्र स्थल को विकसित कर ख्याति दिलाने की कोशिश की जा रही है। सरकार के सहयोग के बिना इस ऐतिहासिक तीर्थ स्थल से श्रीखंड महादेव को शुरू की गई श्रीखंड महादेव यात्रा भी बंद करनी पड़ी। ज्यूरी से वाया फांचा श्रीखंड महादेव की दूरी काफी कम है। एक ऐतिहासिक तीर्थ स्थल से यात्रा शुरू होकर वहीं समाप्त होती है। महंत बाबा मस्त गिरी ने बताया कि अब वे जल्द ही इस तीर्थ स्थल के विकास को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलेंगे।
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