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निरमंड में सर्किट कोर्ट लगाया जाए
Updated Sun, 03 Jun 2018 07:25 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ब्रौ (रामपुर बुशहर)।
निरमंड में सर्किट कोर्ट लगाने की वर्षों पुरानी मांग पूरी नहीं हो रही है। इससे निरमंड के लोगों को सैकड़ों किलोमीटर का सफर कर आनी कोर्ट आना पड़ रहा है। इस संबंध में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं ने प्रदेश हाईकोर्ट के सिविल जज अजय मोहन गोयल को एक पत्र सौंपा। उन्होंने निरमंड विकास खंड के लोगों को निरमंड में सर्किट कोर्ट लगाने की मांग की है।
गौर हो कि वर्ष 1996 से वर्ष 2000 तक सर्किट कोर्ट निरमंड में लगता था। वर्ष 2000 में बाढ़ आने के बाद इस सर्किट कोर्ट के न लगने से वकीलों और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने इस संबंध में प्रदेश हाईकोर्ट से कई बार इस मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए निरमंड सर्किट कोर्ट लगाने की मांग की थी। लेकिन अभी तक मांग लंबित पड़ी है। पूर्व जिला परिषद सदस्य वकील दिलसुख ठाकुर, पंचायत समिति उप प्रधान नंद लाल, सरघा पंचायत प्रधान राकेश ठाकुर, तुनन प्रधान देविका, बाड़ी प्रधान उत्तरा देवी, पोशना प्रधान इंद्रा देवी, बाहवा प्रधान राम चंद्र, निरमंड प्रधान जनका देवी, गढ़ेज प्रधान पाला राम, नोर प्रधान अशोक ठाकुर, चायल प्रधान जगदीश चंद, सराहन प्रधान टिक्कम राम, रंजीत ठाकुर, अधिवक्ता दिवान सिंह, चुन्नी लाल, सुरेश कुमार ने मांग उठाई है। निरमंड खंड की 26 पंचायतों के लोगों को आनी कोर्ट पहुंचने के लिए करीब 150 से 200 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। बर्फबारी और बरसात के दौरान अन्य समस्याओं से भी जूझना पड़ता है। आनी कोर्ट में निरमंड क्षेत्र के करीब 900 मामले विचाराधीन हैं, जबकि आनी के भी कई मामले हैं।
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ब्रौ (रामपुर बुशहर)।
निरमंड में सर्किट कोर्ट लगाने की वर्षों पुरानी मांग पूरी नहीं हो रही है। इससे निरमंड के लोगों को सैकड़ों किलोमीटर का सफर कर आनी कोर्ट आना पड़ रहा है। इस संबंध में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं ने प्रदेश हाईकोर्ट के सिविल जज अजय मोहन गोयल को एक पत्र सौंपा। उन्होंने निरमंड विकास खंड के लोगों को निरमंड में सर्किट कोर्ट लगाने की मांग की है।
गौर हो कि वर्ष 1996 से वर्ष 2000 तक सर्किट कोर्ट निरमंड में लगता था। वर्ष 2000 में बाढ़ आने के बाद इस सर्किट कोर्ट के न लगने से वकीलों और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने इस संबंध में प्रदेश हाईकोर्ट से कई बार इस मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए निरमंड सर्किट कोर्ट लगाने की मांग की थी। लेकिन अभी तक मांग लंबित पड़ी है। पूर्व जिला परिषद सदस्य वकील दिलसुख ठाकुर, पंचायत समिति उप प्रधान नंद लाल, सरघा पंचायत प्रधान राकेश ठाकुर, तुनन प्रधान देविका, बाड़ी प्रधान उत्तरा देवी, पोशना प्रधान इंद्रा देवी, बाहवा प्रधान राम चंद्र, निरमंड प्रधान जनका देवी, गढ़ेज प्रधान पाला राम, नोर प्रधान अशोक ठाकुर, चायल प्रधान जगदीश चंद, सराहन प्रधान टिक्कम राम, रंजीत ठाकुर, अधिवक्ता दिवान सिंह, चुन्नी लाल, सुरेश कुमार ने मांग उठाई है। निरमंड खंड की 26 पंचायतों के लोगों को आनी कोर्ट पहुंचने के लिए करीब 150 से 200 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। बर्फबारी और बरसात के दौरान अन्य समस्याओं से भी जूझना पड़ता है। आनी कोर्ट में निरमंड क्षेत्र के करीब 900 मामले विचाराधीन हैं, जबकि आनी के भी कई मामले हैं।
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