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शिशु और महिलाएं विटामिन ए और आईएफए की दवा से वंचित
Updated Fri, 13 Jul 2018 09:08 PM IST
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आंगनबाड़ी केंद्रों में दवाइयों का अभाव
शिशु और महिलाएं विटामिन ए और आईएफए की दवा से वंचित
उपमंडल के 253 आंगनबाड़ी केंद्रों में एक वर्ष नहीं पहुंची खेप
17 को बैठक के बाद केंद्रों को भेजी जाएगी सप्लाई : विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों में बीते करीब एक वर्ष से शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली दवाओं की खेप नहीं पहुंच पाई है। इसके चलते महिलाओं, किशोरियों और शिशुओं को इन दवाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग बीते एक वर्ष से उपमंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों में विटामिन ए और आईएफए दवा मुहैया करवाने में पूरी तरह से विफल साबित हुआ है।
उल्लेखनीय है कि नौ माह की आयु पूरा करने के बाद शिशु को पांच वर्ष तक छह माह में एक बार विटामिन ए की खुराक दी जाती है। शिशुओं के शरीर में बीमारियों से लड़ने के लिए प्रतिरोधी क्षमता विकसित हो इसके लिए शिशु को विटामिन ए की खुराक 0 से 5 वर्ष तक दी जाती है। वहीं आईएफए दवा गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को रक्त की कमी से बचाने के लिए दी जाती है। वर्तमान समय में रामपुर उपमंडल के 253 आंगनबाड़ी केंद्रों में 3896 शिशुओं के नाम दर्ज हैं, जिन्हें बीते एक वर्ष से विटामिन ए की खुराक नहीं मिल पाई है। इसके अलावा उपमंडल में 33 गर्भवती महिलाएं और 68 किशोरियां ऐसी हैं, जिन्हें आईएफए की दवा नहीं मिल पा रही। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों में एचबी टेस्ट, कैल्शियम, विटामिन ए और खाद्यान्नों का नमूना लेने की कोई सुविधा नहीं है, जिसके चलते आंगनबाड़ी केंद्रों में शिशुओं की जांच भी नहीं हो पा रही।
बाल विकास परियोजना अधिकारी रामपुर अजय बदरेल ने बताया कि बीते लंबे समय से उपमंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों में विटामिन ए और आईएफए की दवा नहीं पहुंची है। स्वास्थ्य विभाग से इन दवाओं की खेप नहीं पहुंचने के कारण शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को नहीं दी जा रही है। 17 जुलाई को शिमला में होने वाली स्वास्थ्य विभाग की बैठक के बाद सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ये दवाएं उपलब्ध करवा दी जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के पास दवाओं का स्टॉक पहुंच चुका है। जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्रों में दवाओं की सप्लाई पहुंच जाएगी।
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शिशु और महिलाएं विटामिन ए और आईएफए की दवा से वंचित
उपमंडल के 253 आंगनबाड़ी केंद्रों में एक वर्ष नहीं पहुंची खेप
17 को बैठक के बाद केंद्रों को भेजी जाएगी सप्लाई : विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों में बीते करीब एक वर्ष से शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली दवाओं की खेप नहीं पहुंच पाई है। इसके चलते महिलाओं, किशोरियों और शिशुओं को इन दवाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग बीते एक वर्ष से उपमंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों में विटामिन ए और आईएफए दवा मुहैया करवाने में पूरी तरह से विफल साबित हुआ है।
उल्लेखनीय है कि नौ माह की आयु पूरा करने के बाद शिशु को पांच वर्ष तक छह माह में एक बार विटामिन ए की खुराक दी जाती है। शिशुओं के शरीर में बीमारियों से लड़ने के लिए प्रतिरोधी क्षमता विकसित हो इसके लिए शिशु को विटामिन ए की खुराक 0 से 5 वर्ष तक दी जाती है। वहीं आईएफए दवा गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को रक्त की कमी से बचाने के लिए दी जाती है। वर्तमान समय में रामपुर उपमंडल के 253 आंगनबाड़ी केंद्रों में 3896 शिशुओं के नाम दर्ज हैं, जिन्हें बीते एक वर्ष से विटामिन ए की खुराक नहीं मिल पाई है। इसके अलावा उपमंडल में 33 गर्भवती महिलाएं और 68 किशोरियां ऐसी हैं, जिन्हें आईएफए की दवा नहीं मिल पा रही। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों में एचबी टेस्ट, कैल्शियम, विटामिन ए और खाद्यान्नों का नमूना लेने की कोई सुविधा नहीं है, जिसके चलते आंगनबाड़ी केंद्रों में शिशुओं की जांच भी नहीं हो पा रही।
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बाल विकास परियोजना अधिकारी रामपुर अजय बदरेल ने बताया कि बीते लंबे समय से उपमंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों में विटामिन ए और आईएफए की दवा नहीं पहुंची है। स्वास्थ्य विभाग से इन दवाओं की खेप नहीं पहुंचने के कारण शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को नहीं दी जा रही है। 17 जुलाई को शिमला में होने वाली स्वास्थ्य विभाग की बैठक के बाद सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ये दवाएं उपलब्ध करवा दी जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के पास दवाओं का स्टॉक पहुंच चुका है। जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्रों में दवाओं की सप्लाई पहुंच जाएगी।
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