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किन्नौर में बारिश और बर्फबारी से 39 करोड़ का नुकसान
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अमर उजाला ब्यूरो
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में सर्दियों में बर्फबारी और बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने केंद्र से तीन सदस्यीय कमेटी की टीम नुकसान का जायजा लेने किन्नौर पहुंची। गत दिनों दौरे पर पहुंची टीम ने किन्नौर में सर्दियों में 39 करोड़ रुपये का नुकसान का आकलन किया। वहीं, 3 दिसंबर 2018 से 20 फरवरी 2019 तक 19 लोगों की मौत हुई। किन्नौर में 21 स्थानों पर ग्लेशियर आने से काफी नुकसान पहुंचा है। शर्मी नाला, बारंग, निचार, रिस्पा और मूरंग सहित कई अन्य क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है।
हिमस्खलन और भूस्खलन के कारण लोक निर्माण विभाग कल्पा की 85 सड़कें और लोक निर्माण विभाग भावानगर की 31 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं, जिसके चलते लोक निर्माण विभाग को करीब 16 करोड़, विद्युत बोर्ड के 171 बिजली पोल पूर्णतया नष्ट हो गए और 398 ट्रांसफार्मरों को क्षति पहुंची है। इससे बिजली बोर्ड को करीब 7 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, आईपीएच विभाग की 373 पेयजल सप्लाई स्कीम को नुकसान पहुंचा है। ग्लेशियर आने से पानी के कई पाइपों को कई जगह नुकसान पहुंचा था, जिससे विभाग को करीब 15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, मछली विभाग का नुकसान करीब एक करोड़ रुपये आंका गया है। केंद्र से आई टीम में शामिल निदेशक बागवानी डॉ. एमएन सिंह निदेशक (व्यय) एमसी मीना और उप निदेशक ग्रामीण विकास मंत्रालय से एसएस मोदी ने किन्नौर के नुकसान वाले क्षेत्रों का दौरा किया था। रुतरंग, बटसेरी और थंगर्नग गांव का नुकसान का जायजा भी लिया गया था। इसके साथ अन्य विभागों का भी नुकसान हुआ है।
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उधर, उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने कहा कि सर्दियों में हिमस्खलन, भूस्खलन और भारी वर्षा से जान माल का नुकसान हुआ है। किन्नौर जिले में केंद्र सरकार की टीम ने 39 करोड़ के नुकसान का आकलन किया है।
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