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बेटियां शिक्षित और सशक्त बनें, अधिकारों की रखें पूरी जानकारी
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रोहड़ू। बेटियों को सशक्त बनने के लिए शिक्षित होना अनिवार्य है। इसके लिए सरकार की ओर से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम भी चलाई गई है। शिक्षित होने के बाद ही महिलाएं अपने अधिकारों के बारे में जागरूक हो सकेंगी। समाज में बेटियोें व महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिल सके। इसके लिए भी सरकार ने विभिन्न हेल्पलाइन नंबर चलाए हैं। बेटियों की सुरक्षा के लिए ही गुड़िया हेल्पलाइन नंबर हिमाचल में शुरू किया गया है। शिक्षा के साथ साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी अनिवार्य है। यह बात एसडीएम रोहड़ू बीआर शर्मा ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल दशालनी में आयोजित अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान दी।
स्कूल प्रधानाचार्य सुभाष चंद संघेल ने बताया कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। आज महिलाएं राजनीति, खेलों व शिक्षा से लेकर हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। एक शिक्षित महिला समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ साथ छात्राओं को अपने अधिकारों के बारे में भी जानना आवश्यक है।
राजनीति शास्त्र की प्रवक्ता सुजाता नेगी ने कहा कि भारत के संविधान में महिलाओं को समानता का अधिकार दिया गया है। केंद्र सरकार ने 17वीं लोकसभा में पहली बार छह महिलाओं को मंत्री का दर्जा दिया।
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महत्वपूर्ण जानकारी मिली : तमन्ना
छात्रा तमन्ना ने बताया कि अमर उजाला का यह अभियान महिला सशक्तीकरण में काफी सराहनीय प्रयास है। कार्यक्रम के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
बेटा-बेटी में नहीं है कोई अंतर
सेजल ने बताया कि आज के युग में बेटा-बेटी में कोई भी अंतर नहीं है। लेकिन फिर भी कई क्षेत्रों में ज्ञान के अभाव में बेटियों को बेटों से कम समझा जाता है। जिसके लिए महिलाओं को सशक्त होना जरूरी है।
हेल्पलाइन नंबरों की मिली जानकारी
इक्षिता ने बताया कि अपराजिता कार्यक्रम से छात्राएं जागरूक हुई हैं। बेटियां असुरक्षा महसूस न करे इसके इसके लिए चलाई गई हेल्पलाइन नंबरों की उन्हें जानकारी नहीं थी। अपराजिता कार्यक्रम से उन्हें इसकी जानकारी मिली।
जानकारी करेंगे साझा
पारुल ने बताया कि अपराजिता कार्यक्रम में उनको जो भी जानकारी मिली है, उसे वह अन्य छात्राओं के साथ भी साझा करेगी। सभी लड़कियों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देंगे।
आगे भी आयोजित हो जागरूकता कार्यक्रम
वंदना ने बताया कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समय समय पर आयोजित होने चाहिए ताकि महिलाएं अपने अधिकारों के बारे में जागरूक हो सकें ।
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स्कूल प्रधानाचार्य सुभाष चंद संघेल ने बताया कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। आज महिलाएं राजनीति, खेलों व शिक्षा से लेकर हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। एक शिक्षित महिला समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ साथ छात्राओं को अपने अधिकारों के बारे में भी जानना आवश्यक है।
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राजनीति शास्त्र की प्रवक्ता सुजाता नेगी ने कहा कि भारत के संविधान में महिलाओं को समानता का अधिकार दिया गया है। केंद्र सरकार ने 17वीं लोकसभा में पहली बार छह महिलाओं को मंत्री का दर्जा दिया।
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महत्वपूर्ण जानकारी मिली : तमन्ना
छात्रा तमन्ना ने बताया कि अमर उजाला का यह अभियान महिला सशक्तीकरण में काफी सराहनीय प्रयास है। कार्यक्रम के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
बेटा-बेटी में नहीं है कोई अंतर
सेजल ने बताया कि आज के युग में बेटा-बेटी में कोई भी अंतर नहीं है। लेकिन फिर भी कई क्षेत्रों में ज्ञान के अभाव में बेटियों को बेटों से कम समझा जाता है। जिसके लिए महिलाओं को सशक्त होना जरूरी है।
हेल्पलाइन नंबरों की मिली जानकारी
इक्षिता ने बताया कि अपराजिता कार्यक्रम से छात्राएं जागरूक हुई हैं। बेटियां असुरक्षा महसूस न करे इसके इसके लिए चलाई गई हेल्पलाइन नंबरों की उन्हें जानकारी नहीं थी। अपराजिता कार्यक्रम से उन्हें इसकी जानकारी मिली।
जानकारी करेंगे साझा
पारुल ने बताया कि अपराजिता कार्यक्रम में उनको जो भी जानकारी मिली है, उसे वह अन्य छात्राओं के साथ भी साझा करेगी। सभी लड़कियों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देंगे।
आगे भी आयोजित हो जागरूकता कार्यक्रम
वंदना ने बताया कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समय समय पर आयोजित होने चाहिए ताकि महिलाएं अपने अधिकारों के बारे में जागरूक हो सकें ।