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लाभदायक नहीं है असंतुलित खादों का इस्तेमाल 16-05-27
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बगीचों में मिश्रित खादों का इस्तेमाल न करें बागवान
मिश्रित खाद मेें होती है नाइट्रोजन, सुपर फोस्फेट, पोटाश की असंतुलित मात्रा
बगीचों में नाइट्रोजन खाद डालने के लिए सबसे उपयुक्त समय : विशेषज्ञ
अमर उजाला ब्यूरो
रोहडू। अनुकूल मौसम के चलते बागवानों ने इन दिनों बगीचों में खाद डालने का कार्य आरंभ कर दिया है। वहीं विशेषज्ञों ने बागवानों को सही मात्रा में खाद डालने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार सेब के बगीचों में खादों के गलत इस्तेमाल से पेड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सेब के बागीचों में मिश्रित खादों का इस्तेमाल लाभदायक नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार मिश्रित खादों में नाईट्रोजन, सुपर फोस्फेट और पोटाश की असंतुलित मात्रा होती है। जो सेब के पौधे के लिए लाभदायक नहीं है। सेब के पौधों को पर्याप्त मात्रा में व सही समय पर खाद मिलनी आवश्यक है। असंतुलित खाद डालकर बागीचों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सेब के फलदार पौधें को दो किलो सुपर फोस्फेट, एक किलो पोटाश और 2800 ग्राम नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है। जबकि मिश्रित खादों में यह संतुलन नहीं होता है।
बागवानी विशेषज्ञ और उद्यान विकास अधिकारी डॉ. कुशाल मेहता के अनुसार मिश्रित खाद असंतुलित होती है। खाद की मात्रा सही ढंग से डालनी आवश्यक है। खाद का इस्तेमाल विशेषज्ञों की सलाह से ही करें। इस समय बगीचों में नाईट्रोजन खाद डालने के लिए सबसे उपयुक्त समय चल रहा है। बागवान को 1400 ग्राम नाइट्रोजन युक्त खाद फ्लावरिंग से करीब बीस दिन पहले डालनी आवश्यक है। अप्रैल माह में फ्रूट सेटिंग के तुरंत बाद 1400 ग्राम नाइट्रोजन प्रति पौधा फिर से देनी चाहिए। अगर फ्रूट सेटिंग के बाद सूखा पड़े तो नाइट्रोजन का छिड़काव करके भी मात्रा पूरी की जा सकती है। बगीचों के विकास के लिए बागवानों को खादों का सही इस्तेमाल करना आवश्यक है। अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जा सकती है।
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मिश्रित खाद मेें होती है नाइट्रोजन, सुपर फोस्फेट, पोटाश की असंतुलित मात्रा
बगीचों में नाइट्रोजन खाद डालने के लिए सबसे उपयुक्त समय : विशेषज्ञ
अमर उजाला ब्यूरो
रोहडू। अनुकूल मौसम के चलते बागवानों ने इन दिनों बगीचों में खाद डालने का कार्य आरंभ कर दिया है। वहीं विशेषज्ञों ने बागवानों को सही मात्रा में खाद डालने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार सेब के बगीचों में खादों के गलत इस्तेमाल से पेड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सेब के बागीचों में मिश्रित खादों का इस्तेमाल लाभदायक नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार मिश्रित खादों में नाईट्रोजन, सुपर फोस्फेट और पोटाश की असंतुलित मात्रा होती है। जो सेब के पौधे के लिए लाभदायक नहीं है। सेब के पौधों को पर्याप्त मात्रा में व सही समय पर खाद मिलनी आवश्यक है। असंतुलित खाद डालकर बागीचों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सेब के फलदार पौधें को दो किलो सुपर फोस्फेट, एक किलो पोटाश और 2800 ग्राम नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है। जबकि मिश्रित खादों में यह संतुलन नहीं होता है।
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बागवानी विशेषज्ञ और उद्यान विकास अधिकारी डॉ. कुशाल मेहता के अनुसार मिश्रित खाद असंतुलित होती है। खाद की मात्रा सही ढंग से डालनी आवश्यक है। खाद का इस्तेमाल विशेषज्ञों की सलाह से ही करें। इस समय बगीचों में नाईट्रोजन खाद डालने के लिए सबसे उपयुक्त समय चल रहा है। बागवान को 1400 ग्राम नाइट्रोजन युक्त खाद फ्लावरिंग से करीब बीस दिन पहले डालनी आवश्यक है। अप्रैल माह में फ्रूट सेटिंग के तुरंत बाद 1400 ग्राम नाइट्रोजन प्रति पौधा फिर से देनी चाहिए। अगर फ्रूट सेटिंग के बाद सूखा पड़े तो नाइट्रोजन का छिड़काव करके भी मात्रा पूरी की जा सकती है। बगीचों के विकास के लिए बागवानों को खादों का सही इस्तेमाल करना आवश्यक है। अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जा सकती है।
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