फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   स्वास्थ्य केंद्र तो खुले, लेकिन मरीजों के नब्ज कौन टटोले?

स्वास्थ्य केंद्र तो खुले, लेकिन मरीजों के नब्ज कौन टटोले?

Wed, 27 Feb 2019 10:37 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Feb 2019 10:37 PM IST
विज्ञापन
स्वास्थ्य केंद्र खुले, स्टाफ की नहीं हुई तैनाती
विज्ञापन

रामपुर उपमंडल में चरमराई स्वास्थ्य सुविधाएं, लोगों में रोष
स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के दर्जनों पद रिक्त
उपमंडल की 31 पंचायतों के लोगों को झेलनी पड़ रही दिक्कतें
गुलजारी लाल डमालू
डंसा (रामपुर बुशहर)। भले की केंद्र और प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे करे, लेकिन धरातल पर स्वास्थ्य सुविधाओं का आलम ही बिगड़ा हुआ है। रामपुर उपमंडल की 31 पंचायतों में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य केंद्र तो खोले गए हैं, लेकिन कहीं डॉक्टर, तो कहीं फार्मासिस्टों के पद रिक्त होने से ग्रामीणों को मामूली सी बीमारी होने पर भी कई किलोमीटर दूर रामपुर खनेरी अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। सरकार के दावों की पोल यहां स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त पड़े दर्जनों पद खोल रहे हैं।
रामपुर उपमंडल की 31 पंचायतों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गानवीं, धारगौरा और तकलेच में खोले गए हैं। इसके अलावा फांचा, ज्यूरी, लालसा, गोपालपुर, समेज, देवठी, बाहली और रामपुर में आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों के कुल 23 पद स्वीकृत हैं, इसमें से वर्तमान समय में 11 डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े हैं। इसी तरह इन स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्टों के 11 में से 9 पद रिक्त चल रहे हैं। बाहली, लालसा, ज्यूरी सहित कई अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर न होने के कारण लोगों को स्वास्थ्य जांच के लिए भी कई किलोमीटर दूर रामपुर पहुंचना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानियां दुर्गम क्षेत्र 15/20, काशापाट, देवठी, किन्नू, नरैण और बाहली क्षेत्र के ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही हैं। सरकार द्वारा नामात्र के स्टाफ तैनात कर ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है, यदि क्षेत्र में टीकाकरण हो तो स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लटक जाते हैं।
विज्ञापन

क्षेत्र के पूज्य देव शर्मा, बिहारी लाल, घनश्याम, डोरी लाल, राजेंद्र शर्मा, जगदीश कुमार, तारा चंद, रोशन लाल शर्मा, तिलक राज सहित अन्य ग्रामीणों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग की है। वहीं इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके नेगी के अनुसार अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के पद रिक्त पड़े हैं। रिक्त पदों के बारे में समय-समय पर विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जाता है। उम्मीद है जल्द ही स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed