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स्वास्थ्य केंद्र तो खुले, लेकिन मरीजों के नब्ज कौन टटोले?
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स्वास्थ्य केंद्र खुले, स्टाफ की नहीं हुई तैनाती
रामपुर उपमंडल में चरमराई स्वास्थ्य सुविधाएं, लोगों में रोष
स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के दर्जनों पद रिक्त
उपमंडल की 31 पंचायतों के लोगों को झेलनी पड़ रही दिक्कतें
गुलजारी लाल डमालू
डंसा (रामपुर बुशहर)। भले की केंद्र और प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे करे, लेकिन धरातल पर स्वास्थ्य सुविधाओं का आलम ही बिगड़ा हुआ है। रामपुर उपमंडल की 31 पंचायतों में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य केंद्र तो खोले गए हैं, लेकिन कहीं डॉक्टर, तो कहीं फार्मासिस्टों के पद रिक्त होने से ग्रामीणों को मामूली सी बीमारी होने पर भी कई किलोमीटर दूर रामपुर खनेरी अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। सरकार के दावों की पोल यहां स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त पड़े दर्जनों पद खोल रहे हैं।
रामपुर उपमंडल की 31 पंचायतों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गानवीं, धारगौरा और तकलेच में खोले गए हैं। इसके अलावा फांचा, ज्यूरी, लालसा, गोपालपुर, समेज, देवठी, बाहली और रामपुर में आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों के कुल 23 पद स्वीकृत हैं, इसमें से वर्तमान समय में 11 डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े हैं। इसी तरह इन स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्टों के 11 में से 9 पद रिक्त चल रहे हैं। बाहली, लालसा, ज्यूरी सहित कई अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर न होने के कारण लोगों को स्वास्थ्य जांच के लिए भी कई किलोमीटर दूर रामपुर पहुंचना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानियां दुर्गम क्षेत्र 15/20, काशापाट, देवठी, किन्नू, नरैण और बाहली क्षेत्र के ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही हैं। सरकार द्वारा नामात्र के स्टाफ तैनात कर ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है, यदि क्षेत्र में टीकाकरण हो तो स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लटक जाते हैं।
क्षेत्र के पूज्य देव शर्मा, बिहारी लाल, घनश्याम, डोरी लाल, राजेंद्र शर्मा, जगदीश कुमार, तारा चंद, रोशन लाल शर्मा, तिलक राज सहित अन्य ग्रामीणों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग की है। वहीं इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके नेगी के अनुसार अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के पद रिक्त पड़े हैं। रिक्त पदों के बारे में समय-समय पर विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जाता है। उम्मीद है जल्द ही स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
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रामपुर उपमंडल में चरमराई स्वास्थ्य सुविधाएं, लोगों में रोष
स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के दर्जनों पद रिक्त
उपमंडल की 31 पंचायतों के लोगों को झेलनी पड़ रही दिक्कतें
गुलजारी लाल डमालू
डंसा (रामपुर बुशहर)। भले की केंद्र और प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे करे, लेकिन धरातल पर स्वास्थ्य सुविधाओं का आलम ही बिगड़ा हुआ है। रामपुर उपमंडल की 31 पंचायतों में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य केंद्र तो खोले गए हैं, लेकिन कहीं डॉक्टर, तो कहीं फार्मासिस्टों के पद रिक्त होने से ग्रामीणों को मामूली सी बीमारी होने पर भी कई किलोमीटर दूर रामपुर खनेरी अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। सरकार के दावों की पोल यहां स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त पड़े दर्जनों पद खोल रहे हैं।
रामपुर उपमंडल की 31 पंचायतों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गानवीं, धारगौरा और तकलेच में खोले गए हैं। इसके अलावा फांचा, ज्यूरी, लालसा, गोपालपुर, समेज, देवठी, बाहली और रामपुर में आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों के कुल 23 पद स्वीकृत हैं, इसमें से वर्तमान समय में 11 डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े हैं। इसी तरह इन स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्टों के 11 में से 9 पद रिक्त चल रहे हैं। बाहली, लालसा, ज्यूरी सहित कई अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर न होने के कारण लोगों को स्वास्थ्य जांच के लिए भी कई किलोमीटर दूर रामपुर पहुंचना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानियां दुर्गम क्षेत्र 15/20, काशापाट, देवठी, किन्नू, नरैण और बाहली क्षेत्र के ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही हैं। सरकार द्वारा नामात्र के स्टाफ तैनात कर ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है, यदि क्षेत्र में टीकाकरण हो तो स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लटक जाते हैं।
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क्षेत्र के पूज्य देव शर्मा, बिहारी लाल, घनश्याम, डोरी लाल, राजेंद्र शर्मा, जगदीश कुमार, तारा चंद, रोशन लाल शर्मा, तिलक राज सहित अन्य ग्रामीणों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग की है। वहीं इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके नेगी के अनुसार अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के पद रिक्त पड़े हैं। रिक्त पदों के बारे में समय-समय पर विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जाता है। उम्मीद है जल्द ही स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
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