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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   खौफजदा ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल मिला उपायुक्त किन्नौर से

कभी भी भूस्खलन की जद में आ सकता है नेसंग गांव

Sat, 29 Dec 2018 10:55 AM IST
Arvind Thakur अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 29 Dec 2018 10:55 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो

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रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले का नेसंग गांव स्लाइड जोन में आने से ग्रामीणों में डर का माहौल है। ग्रामीणों में खौफ बना हुआ है कि कभी भी भूस्खलन के कारण नेसंग गांव को क्षति पहुंच सकती है। इस भूस्खलन के लिए ग्रामीण वर्ष 2013 में हुई अत्यधिक बारिश, आईपीएच और लोक निर्माण विभाग को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं। खौफजदा ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से साथ लगती होरिंगपबा चेक स्थित सरकारी जमीन में बसाने का आग्रह किया है।
शुक्रवार को नेसंग ग्राम कमेटी उपाध्यक्ष नामज्ञल छेतन नेगी की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें बताया कि नेसंग गांव में तीनों ओर से भूस्खलन हो रहा है, जिसके कारण गांव के साथ जमीन पर दरारें पड़ रही हैं। इन दरारें धीरे-धीरे बढ़ती ही जा रही हैं। उन्होंने इस भूस्खलन के लिए आईपीएच की ओर से बिछाई गई पेयजल लाइनों और लोक निर्माण विभाग की ओर से यहां हुए सड़क निर्माण में बरती गई अनियमितताओं को ठहराया है।
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उन्होंने बताया कि इस गांव में 135 किसान परिवार रहते हैं। यहां आईपीएच विभाग की तीन मुख्य पेयजल लाईनों के कारण भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। उपाध्यक्ष नामज्ञल छेतन ने कहा कि नेसंग गांव में तीन तरफ से धरती खिसक रही है। जो कि गेमरिक, गोतंगचे, यखुनग और होलडोलोक जो बुद्ध मंदिर के साथ सटा है। इस तरह नेसंग गांव कभी भी ढह सकता है। नेसंग गांव में 135 घर और यहां की जनसंख्या 620 है। होरिंगपबा चेक नामक स्थान पर करीब 20 से 25 बीघा सरकारी जमीन खाली पड़ी है, जिस पर नेसंग गांव को बसाया जा सकता है। यह स्थान नेसंग गांव से नौ किलोमीटर नीचे और उच्च मार्ग से मात्र 2 किलोमीटर दूरी पर है। नेसंग गांव में अत्यधिक ठंड होने से सर्दियों में पालतू और दुधारू पशु भी मर जाते हैं। वही नेसंग गांव का संपर्क भी अकसर प्रभावित रहता है। बीमारी के दौरान इलाज के लिए परेशानियां भी झेलनी पड़ती हैं। नेसंग ग्राम कमेटी के सचिव भजन नेगी, सदस्य रघुनाथ चारस, दलीप कुमार चारस, प्रवीण चारस और एससी नेगी के अनुसार नेसंग गांव में वर्ष 2013 में अत्यधिक बारिश होने से तीन स्थानों से भूस्खलन होने से नेसंग गांव धंसने की समस्या पैदा हुई है।

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