फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   सर्दी के लिए नहीं पहुंचा लकड़ी का पूरा कोटा

सर्दी के लिए नहीं पहुंचा लकड़ी का पूरा कोटा

Tue, 21 Nov 2017 10:15 PM IST
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:15 PM IST
विज्ञापन
सर्दी के लिए नहीं पहुंचा लकड़ी का पूरा कोटा
लकड़ी - फोटो : अमर उजाला
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के आधा दर्जन से अधिक लकड़ी के डिपुओं में बालन की कमी है। उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार बालन की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। सर्दियों से पहले दुर्गम क्षेत्रों में लकड़ी की सप्लाई की जाती है। किन्नौर जिले में हर साल तीन हजार क्विंटल लकड़ी की मांग रहती है। अभी तक 1200 क्विंटल लकड़ी की ही आपूर्ति हो पाई है। किन्नौर और काजा के लोगों ने लकड़ी की पर्याप्त सप्लाई समय पर देने की मांग की है।
विज्ञापन

किन्नौर जिले के आधा दर्जन से अधिक लकड़ी डिपुओं और काजा के एक दर्जन से अधिक डिपुओं में अभी तक पर्याप्त मात्रा में लकड़ी की खेप नहीं पहुंच सकी है। जिले के जियालाल नेगी, शांता नेगी, अर्जुन नेगी, कृष्ण गोपाल नेगी, बद्री नेगी, त्रिलोक सिंह नेगी, प्रताप सिंह नेगी, कर्ण लोक्टस नेगी, रमेश ठाकुर, राजेंद्र लामा, विक्रांत नेगी, दिव्या नेगी, दीपक नेगी, राजेश नेगी, सुरेंद्र नेगी, वीरेंद्र नेगी, अणु नेगी, मायूम नेगी, चंद्रपाल नेगी ने जिला प्रशासन और वन विभाग से समय रहते लकड़ी डिपुओं में लकड़ी की सप्लाई भेजने की मांग की है, ताकि बर्फ से प्रभावित क्षेत्रों लोगों को परेशानी न हो। वन विभाग किन्नौर के डीएफओ एंजल चौहान ने कहा कि गाड़ियों की कमी होने के कारण दिक्कतें पेश आ रही थी। जल्द ही सप्लाई नियमित कर दी जाएगी।
विज्ञापन


जिले में रहती है इतनी मांग
जिला मुख्यालय रिकांगपिओ डिपो में हर वर्ष तीन हजार क्विंटल की जरूरत होती है। लेकिन अभी तक यहां 1200 क्विंटल लकड़ी ही उपलब्ध हो पाई है। जिले के लियो में 1500 क्विंटल लकड़ी की आवश्यकता रहती है, जबकि अभी तक केवल 200 क्विंटल लकड़ी ही उपलब्ध है। चांगो में हर वर्ष 2000 क्विंटल लकड़ी की जरूरत रहती है। लेकिन वर्तमान में केवल 800 क्विंटल लकड़ी उपलब्ध है। 1200 क्विंटल लकड़ी की और मांग है। स्पीलो में हर साल 400 क्विंटल लकड़ी की जरूरत थी और 85 क्विंटल ही उपलब्ध है। ज्ञाबुंग में 500 क्विंटल लकड़ी की जरूरत होती है और 250 क्विंटल उपलब्ध है। पूह में 800 क्विंटल लकड़ी की जरूरत होती है और 200 क्विंटल ही उपलब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed