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देवढांक में 15 हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
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देवढांक गुफा मंदिर में महादेव का दर्शन के लिए जाते।
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर ऊपरी शिमला और आऊटर सिराज के शिव मंदिर भोले के जयकारों से गूंज उठे। मंगलवार को पर्व के उपलक्ष पर शिव मंदिरों में आस्था का जनसैलाब उमड़ा। श्रद्धालु सुबह से ही शिव मंदिरों में पहुंचने शुरू हुए।
श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में दिन भर बम-बम भोलेे के जयकारे लगाए। गौर हो कि शिवरात्रि पर्व पर ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के लजीज व्यंजन बनाए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग घरों में आटे का रोट और बकरे सहित कई अन्य पांरपरिक पकवान बनाकर शिव की पूजा-अर्चना करते हैं।
निरमंड खंड के बायल स्थित देवढांक मंदिर में शिवरात्रि पर्व पर मंगलवार को आस्था का सैलाब खूब देखने को मिला। करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में शीश नवाया। विभिन्न स्थानों से दूर-दूर से श्रद्धालु सुबह से ही शिव गुफा के दर्शनों के लिए पहुंचे। संकरी गुफा में अंदर प्रवेश कर भक्तों नेे शिव के दर्शन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देवढांक मंदिर में श्रद्धालुओं को शिव के दर्शन करने के लिए खासा इंतजार करना पड़ा। सुबह चार बजे से ही भक्तों की लंबी लंबी कतारें दिनभर लगी रहीं।
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देवढांक मंदिर की गुफा का प्रवेश द्वार बहुत संकरा है। कई श्रद्धालु इस गुफा के प्रवेश द्वार से अंदर जाने से कतरातें हैं, लेकिन मान्यता है कि इस गुफा में चाहे कितना भी मोटा इंसान हो, वो भी आसानी से प्रवेश कर लेता है। यहां पर भगवान शिव की प्राकृतिक पिंडी है, जिसके दर्शन के लिए भक्त दूर दूर से पहुंचते हैं। यहां पर शिव भक्तों को प्रसाद के रूप में घोटा भी खूब परोसा जाता है।
वहीं, डंकेश्वर महादेव कमेटी प्रधान सुरेंद्र शर्मा, सचिव टेक सिंह भंडारी, मंगल वर्मा, भास्कर शर्मा, राजेश नेगी, प्रीतम वर्मा, दलीप भंडारी और हैप्पी ने बताया कि सुबह चार बजे से मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ और करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका।
इसके अलावा भूतेश्वर महादेव मंदिर रामपुर, महिषासुर मंदिर खोपड़ी, शिव मंदिर पदम नगर और सत्यनारायण मंदिर सहित अन्य आसपास के शिव मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे। स्थानीय शिव मंदिरों में दिन भर शिव भक्तों का आना जाना लगा रहा और शिवलिंग पर जल, दूध और फल आदि चढ़ा कर शिव की आराधना की।
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श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में दिन भर बम-बम भोलेे के जयकारे लगाए। गौर हो कि शिवरात्रि पर्व पर ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के लजीज व्यंजन बनाए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग घरों में आटे का रोट और बकरे सहित कई अन्य पांरपरिक पकवान बनाकर शिव की पूजा-अर्चना करते हैं।
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निरमंड खंड के बायल स्थित देवढांक मंदिर में शिवरात्रि पर्व पर मंगलवार को आस्था का सैलाब खूब देखने को मिला। करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में शीश नवाया। विभिन्न स्थानों से दूर-दूर से श्रद्धालु सुबह से ही शिव गुफा के दर्शनों के लिए पहुंचे। संकरी गुफा में अंदर प्रवेश कर भक्तों नेे शिव के दर्शन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देवढांक मंदिर में श्रद्धालुओं को शिव के दर्शन करने के लिए खासा इंतजार करना पड़ा। सुबह चार बजे से ही भक्तों की लंबी लंबी कतारें दिनभर लगी रहीं।
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देवढांक मंदिर की गुफा का प्रवेश द्वार बहुत संकरा है। कई श्रद्धालु इस गुफा के प्रवेश द्वार से अंदर जाने से कतरातें हैं, लेकिन मान्यता है कि इस गुफा में चाहे कितना भी मोटा इंसान हो, वो भी आसानी से प्रवेश कर लेता है। यहां पर भगवान शिव की प्राकृतिक पिंडी है, जिसके दर्शन के लिए भक्त दूर दूर से पहुंचते हैं। यहां पर शिव भक्तों को प्रसाद के रूप में घोटा भी खूब परोसा जाता है।
वहीं, डंकेश्वर महादेव कमेटी प्रधान सुरेंद्र शर्मा, सचिव टेक सिंह भंडारी, मंगल वर्मा, भास्कर शर्मा, राजेश नेगी, प्रीतम वर्मा, दलीप भंडारी और हैप्पी ने बताया कि सुबह चार बजे से मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ और करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका।
इसके अलावा भूतेश्वर महादेव मंदिर रामपुर, महिषासुर मंदिर खोपड़ी, शिव मंदिर पदम नगर और सत्यनारायण मंदिर सहित अन्य आसपास के शिव मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे। स्थानीय शिव मंदिरों में दिन भर शिव भक्तों का आना जाना लगा रहा और शिवलिंग पर जल, दूध और फल आदि चढ़ा कर शिव की आराधना की।

देवढांक शिव मंदिर में लोग भोलेनाथ का दर्शन करते हुए।- फोटो : RAMPUR-HP