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स्टेट सीआईडी के छापों से आनी झोलाछाप डाक्टरों में हडक़ंप
Updated Thu, 25 Oct 2018 10:49 PM IST
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बिना डिग्री लोगों का इलाज
कर रहे दो डॉक्टर हिरासत में
लोगों की शिकायतों पर स्टेट सीआईडी ने की छापामारी
आरोपी डॉक्टरों को लिया हिरासत में, जमानत पर छूटे
नियम तोड़ने वालों पर जारी रहेगी कार्रवाई : राहुल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)। प्रदेश सरकार ने बिना डिग्री के दुकानें चला रहे झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वीरवार को स्वास्थ्य खंड आनी के अंतर्गत आनी कस्बे और दलाश में स्टेट सीआईडी ने छापामारी की। स्टेट विंग के डीएसपी राहुल शर्मा की अगुवाई में स्टेट सीआईडी के सब इंस्पेक्टर रमेश चंद, हेड कांस्टेबल राजेंद्र, कांस्टेबल राकेश कुमार और आनी थाना के एचएचसी गुरदयाल हेड कांस्टेबल कुशल कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है। डीएसपी राहुल शर्मा ने इस छापामारी को अंजाम देकर दोनों डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया है।
स्टेट सीआईडी के डीएसपी राहुल शर्मा ने बताया कि स्टेट सीआईडी को जानकारी मिली थी कि आनी इलाके में विभिन्न जगहों पर बिना डिग्री, पंजीकरण और जरूरी दस्तावेजों के कुछ क्लीनिक चल रहे हैं, जिनमें लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और मशवरे के ही लोगों का इलाज किया जा रहा है और दवाएं दी जा रही हैं।
वीरवार को आनी कस्बे के किरन बाजार में मोनिका क्लीनिकल सेंटर में सीआईडी ने छापा मारा और इस क्लीनिक को चला रहे दविंदर पाठक के दस्तावेज खंगाले। करीब 4 घंटे चली इस छानबीन के दौरान पाया गया कि न तो इनका स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण है, न ही इन्होंने सीएमओ, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी या ड्रग इंस्पेक्टर से अनुमति या पंजीकरण करवाया है, जो कि किसी भी क्लीनिक को चलाने और इलाज करने के लिए अनिवार्य है।
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वहीं दलाश के ग्रामीण बैंक के पास किराये की दुकान में क्लीनिक चलाकर आशीष मजूमदार के तथाकथित क्लीनिक पर भी छापामारी की गई और कोई भी अनिवार्य दस्तावेज नहीं मिला। जिस पर स्टेट सीआईडी ने दोनों को गिरफ्तार कर इनके खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जबकि बाद में दोनों को जमानत पर छोड़ दिया गया। प्रदेश सीआईडी डीएसपी राहुल शर्मा ने कहा कि आनी क्षेत्र में बिना डिग्री के कुछ डॉक्टर साल से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। छापामारी के दौरान पाया गया कि सूचना सही है। आनी और दलाश में दोनों क्लीनिकों पर छापामारी की गई और दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दोनों को जमानत पर छोड़ा गया है।
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कर रहे दो डॉक्टर हिरासत में
लोगों की शिकायतों पर स्टेट सीआईडी ने की छापामारी
आरोपी डॉक्टरों को लिया हिरासत में, जमानत पर छूटे
नियम तोड़ने वालों पर जारी रहेगी कार्रवाई : राहुल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)। प्रदेश सरकार ने बिना डिग्री के दुकानें चला रहे झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वीरवार को स्वास्थ्य खंड आनी के अंतर्गत आनी कस्बे और दलाश में स्टेट सीआईडी ने छापामारी की। स्टेट विंग के डीएसपी राहुल शर्मा की अगुवाई में स्टेट सीआईडी के सब इंस्पेक्टर रमेश चंद, हेड कांस्टेबल राजेंद्र, कांस्टेबल राकेश कुमार और आनी थाना के एचएचसी गुरदयाल हेड कांस्टेबल कुशल कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है। डीएसपी राहुल शर्मा ने इस छापामारी को अंजाम देकर दोनों डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया है।
स्टेट सीआईडी के डीएसपी राहुल शर्मा ने बताया कि स्टेट सीआईडी को जानकारी मिली थी कि आनी इलाके में विभिन्न जगहों पर बिना डिग्री, पंजीकरण और जरूरी दस्तावेजों के कुछ क्लीनिक चल रहे हैं, जिनमें लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और मशवरे के ही लोगों का इलाज किया जा रहा है और दवाएं दी जा रही हैं।
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वीरवार को आनी कस्बे के किरन बाजार में मोनिका क्लीनिकल सेंटर में सीआईडी ने छापा मारा और इस क्लीनिक को चला रहे दविंदर पाठक के दस्तावेज खंगाले। करीब 4 घंटे चली इस छानबीन के दौरान पाया गया कि न तो इनका स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण है, न ही इन्होंने सीएमओ, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी या ड्रग इंस्पेक्टर से अनुमति या पंजीकरण करवाया है, जो कि किसी भी क्लीनिक को चलाने और इलाज करने के लिए अनिवार्य है।
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वहीं दलाश के ग्रामीण बैंक के पास किराये की दुकान में क्लीनिक चलाकर आशीष मजूमदार के तथाकथित क्लीनिक पर भी छापामारी की गई और कोई भी अनिवार्य दस्तावेज नहीं मिला। जिस पर स्टेट सीआईडी ने दोनों को गिरफ्तार कर इनके खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जबकि बाद में दोनों को जमानत पर छोड़ दिया गया। प्रदेश सीआईडी डीएसपी राहुल शर्मा ने कहा कि आनी क्षेत्र में बिना डिग्री के कुछ डॉक्टर साल से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। छापामारी के दौरान पाया गया कि सूचना सही है। आनी और दलाश में दोनों क्लीनिकों पर छापामारी की गई और दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दोनों को जमानत पर छोड़ा गया है।