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Rampur Bushahar News: किन्नौर में दो माह में 1,108 प्रवासी मजदूरों का हुआ पंजीकरण
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जिले के ठेकेदार, जन प्रतिनिधि और ग्रामीण सुनिश्चित करें प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण : अभिषेक एस
आपराधिक गतिविधियों में पाई जा चुकी है प्रवासी मजदूरों की संलिप्तता
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में प्रवासी मजदूरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में प्रवासी मजदूरों की संलिप्तता पाई गई है। इसको देखते हुए प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण पुलिस थानों में किया जाना चाहिए। यह बात रिकांगपिओ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक किन्नौर अभिषेक एस ने कही। उन्होंने जिले में कार्य करने वाले ठेकेदारों, जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की है कि उनके पास आने वाले प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना होने पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
रिकांगपिओ में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस ने कहा कि बीते दो माह से किन्नौर जिले में बाहरी राज्यों के कुल 1108 प्रवासी मजदूरों का छह पुलिस थानों में पंजीकरण किया गया है। जिले में बाहरी राज्यों जिनमें विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और अधिकतर नेपाली मूल के व्यक्ति विद्युत परियोजना, सेब के बगीचों और स्थानीय ठेकेदारों के पास अपनी आजीविका कमाने के लिए आते हैं। इनमें से कुछ व्यक्तियों की जिले के पूर्व आपराधिक आंकड़ों के अनुसार आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्तता होनी पाई गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण करने और उनके स्थायी पते से पूर्व आपराधिक सत्यापन करवाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जो इस विशेष अभियान के तहत अब तक 1108 प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण किया जा चुका है। उनका पूर्व आपराधिक चरित्र सत्यापन उनके स्थायी पते से करवाया जा रहा है। प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण के संदर्भ में उपायुक्त जिला किन्नौर ने भी धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम के अनुसार आदेश जारी किए हैं। जब भी कोई प्रवासी मजदूर किसी के पास अपनी आजीविका कमाने के लिए आता है तो उस ठेकेदार, मालिक का भी यह कर्तव्य बनता है कि वह अपने मजदूरों का पंजीकरण स्थानीय पुलिस के पास करवाएं। जिला पुलिस द्वारा प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण के लिए चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के लिए जिला पुलिस को स्थानीय लोगों, ठेकेदारों, स्थानीय ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग की आवश्यकता है। जिला पुलिस सभी से अपील करती है कि वह अपने अधीनस्थ कार्य कर रहे समस्त प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण बिना देरी के संबंधित पुलिस थानों में करवाएं। दो माह में थाना रिकांगपिओ में 147, पुलिस थाना मूरंग में 207, पुलिस थाना पूह में 146, पुलिस थाना टापरी में 316, पुलिस थाना भावानगर में 92, पुलिस थाना सांगला में 200 प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण किया गया है।
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आपराधिक गतिविधियों में पाई जा चुकी है प्रवासी मजदूरों की संलिप्तता
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में प्रवासी मजदूरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में प्रवासी मजदूरों की संलिप्तता पाई गई है। इसको देखते हुए प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण पुलिस थानों में किया जाना चाहिए। यह बात रिकांगपिओ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक किन्नौर अभिषेक एस ने कही। उन्होंने जिले में कार्य करने वाले ठेकेदारों, जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की है कि उनके पास आने वाले प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना होने पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
रिकांगपिओ में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस ने कहा कि बीते दो माह से किन्नौर जिले में बाहरी राज्यों के कुल 1108 प्रवासी मजदूरों का छह पुलिस थानों में पंजीकरण किया गया है। जिले में बाहरी राज्यों जिनमें विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और अधिकतर नेपाली मूल के व्यक्ति विद्युत परियोजना, सेब के बगीचों और स्थानीय ठेकेदारों के पास अपनी आजीविका कमाने के लिए आते हैं। इनमें से कुछ व्यक्तियों की जिले के पूर्व आपराधिक आंकड़ों के अनुसार आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्तता होनी पाई गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण करने और उनके स्थायी पते से पूर्व आपराधिक सत्यापन करवाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जो इस विशेष अभियान के तहत अब तक 1108 प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण किया जा चुका है। उनका पूर्व आपराधिक चरित्र सत्यापन उनके स्थायी पते से करवाया जा रहा है। प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण के संदर्भ में उपायुक्त जिला किन्नौर ने भी धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम के अनुसार आदेश जारी किए हैं। जब भी कोई प्रवासी मजदूर किसी के पास अपनी आजीविका कमाने के लिए आता है तो उस ठेकेदार, मालिक का भी यह कर्तव्य बनता है कि वह अपने मजदूरों का पंजीकरण स्थानीय पुलिस के पास करवाएं। जिला पुलिस द्वारा प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण के लिए चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के लिए जिला पुलिस को स्थानीय लोगों, ठेकेदारों, स्थानीय ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग की आवश्यकता है। जिला पुलिस सभी से अपील करती है कि वह अपने अधीनस्थ कार्य कर रहे समस्त प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण बिना देरी के संबंधित पुलिस थानों में करवाएं। दो माह में थाना रिकांगपिओ में 147, पुलिस थाना मूरंग में 207, पुलिस थाना पूह में 146, पुलिस थाना टापरी में 316, पुलिस थाना भावानगर में 92, पुलिस थाना सांगला में 200 प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण किया गया है।
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