फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Prof Laxmidhar Behera said How can you be a Sanatani when you dont even know Bhagwat Geeta

Laxmidhar Behera: प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा बोले- कैसे सनातनी, जब भागवत गीता ही नहीं जानते; किया ये आह्वान

Thu, 12 Dec 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी। Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 12 Dec 2024 05:00 AM IST
सार

सनातनी भागवत कथा के एक श्लोक के आगे कुछ नहीं कह पाते हैं। यह दुख की बात है। ये बात आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कही। वे आगे कहते हैं कि भागवत गीता नहीं जानने वाले कैसे सनातनी हो सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Prof Laxmidhar Behera said How can you be a Sanatani when you dont even know Bhagwat Geeta
IIT के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा को सम्मानित करते आयोजक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा है कि मुस्लिम कुरान और क्रिश्चियन बाइबल जानता है, लेकिन हिंदू समाज भागवत गीता से अनभिज्ञ है। सनातनी भागवत कथा के एक श्लोक के आगे कुछ नहीं कह पाते हैं। यह दुख की बात है। भागवत गीता को अलग कर कहते हैं कि हम सनातनी हैं। भागवत गीता नहीं जानने वाले कैसे सनातनी हो सकते हैं।

विज्ञापन

वह बुधवार को एसवीएम मंडी में गीता जयंती समारोह में संबोधित कर रहे थे। प्रो. बेहरा ने कहा कि हिंदू समाज भागवत गीता को ही पहचान नहीं पा रहा है कि आखिर यह है क्या? जबकि यही हिंदू समाज की पहचान है। यदि हमारे बच्चे भागवत गीता पकड़ लें तो माता-पिता कहते हैं कि साधु बनने को किसने बोला। उन्होंने साफ किया कि सनातनी वह है जो भागवत गीता को जानता हो। हिंदू समाज के भागवत गीता की अनदेखी पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भागवत गीता को लेकर गलतफहती है। इसमें विज्ञान तत्व से लेकर ऐसी चीजें हैं जिन्हें विज्ञानी तक नहीं जानते हैं। इन्हें जानने का सामर्थ्य हम में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

भागवत गीता के कई श्लोक संस्कृत में बोलते हुए उन्होंने गीता का भाव समझाया। चिंता जताई कि सनातनी यह नहीं समझ पाते हैं कि आखिर सनातन क्या है? उन्होंने कहा कि भागवत गीता सनातन का ज्ञान है। एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को ज्ञान प्राप्त हो रहा है। लेकिन अब यह ज्ञान समाप्त हो चुका है। पीढ़ी दर पीढ़ी बांटे जा रहा ज्ञान ही सनातन है। कर्म करने का तरीका भागवत गीता में है। जानवर भी कर्म करता है। कृष्ण की वाणी को जीवन में उतारकर कर्म करें। कर्म कर फल की आशा रखने पर धोखा करोगे। उन्होंने हर दिन गीता पाठ करने का आह्वान भी किया।

विज्ञापन

धोती पहनकर समारोह में पहुंचे प्रो. बेहरा
कार्यक्रम के मुख्यातिथि प्रो. बेहरा धोती पहनकर समारोह में पहुंचे। उनके संबोधन से पहले महाभारत के अंश दर्शाए गए, जिन्हें प्रो. बेहरा ने अपने कैमरे में कैद किया और तालियों से विद्यार्थियों का प्रोत्साहन किया। अपने संबोधन के दौरान भी उन्होंने विद्यार्थियों के श्लोक का जिक्र किए और इनकी विस्तार से जानकारी दी।

भागवत गीता की शिक्षा दें, आईआईटी से भेजेंगे जानकार
प्रो. बेहरा ने कार्यक्रम के दौरान स्कूल प्रबंधन के प्रयासों का सराहा। उन्होंने कहा कि स्कूल में भागवत गीता की शिक्षा दें। इसके लिए वह आईआईटी से गीता के जानकार भेज सकते हैं। साप्ताहिक तौर पर यह किया जाना चाहिए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed