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अपनी ही जमीन पर पौधे लगाओ, इन्सेंटिव पाओ
अमर उजाला,शिमला
Updated Tue, 05 Nov 2013 01:45 PM IST
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हिमाचल सरकार पौधरोपण और हरित आवरण को बढ़ाने के लिए एक नई योजना पर काम कर रही है। इसके तहत अपनी निजी भूमि यानी मलकीयत में पेड़ लगाने पर लोगों को इनाम या इन्सेंटिव दिया जाएगा।
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यह इन्सेंटिव कितना होगा? इस पर चर्चा जारी है। वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी कहते हैं कि आमतौर पर वन विभाग ग्रीन कवर को बढ़ाने के लिए बरसात के दिनों में पौधारोपण करता है। यह पौधरोपण केवल वन भूमि पर होता है। लेकिन इसमें लोगों की भागीदारी भी हो, इसके लिए निजी भूमि को भी शामिल किया जाएगा।
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हिमाचल में पहली पंचवर्षीय योजना से ही प्रदेश में वनीकरण पर काम हो रहा है। इन्हीं प्रयासों से राज्य के लगभग 10,385 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अब तक पौधरोपण के अधीन लाने का दावा वन विभाग कर रहा है।
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वन भूमि पर 1100 पौधे प्रति हेक्टेयर के मानक से 16,000 हेक्टेयर क्षेत्र पर वनीकरण हो रहा है। 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
वन मंत्री भरमौरी कहते हैं कि भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2011 के अनुसार राज्य का 3224 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र सघन वन के अंतर्गत आता है तथा 6381 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र मध्यम सघन वन तथा 5074 वर्ग किलोमीटर खुला वन क्षेत्र है। अभी तक कुल 14679 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र वनों के अधीन है। लेकिन आम लोगों को प्रेरित करने के लिए अब इसमें निजी भूमि को भी शामिल किया जाएगा।
11 वर्ग किलोमीटर बढ़ा वन क्षेत्र
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 1991 में प्रदेश के वन आवरण 11,780 वर्ग किलोमीटर के मुकाबले वर्ष 2011 में बढ़कर 14,679 वर्ग किलोमीटर हो गया। इस प्रकार प्रदेश के वन आवरण में 2899 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई। भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2009 में प्रदेश के वन आवरण में 11 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।