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Shimla News: रेन शेल्टर तोड़ने पर भिड़ गईं कांग्रेस पार्षद, हंगामा, मेयर ने हाथ जोड़े तो शांत हुआ मामला

Mon, 29 Sep 2025 09:31 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 29 Sep 2025 09:31 PM IST
सार

नगर निगम की मासिक बैठक में सोमवार को खूब हंगामा बरपा। दो पार्षदों में करीब 50 मिनट तक तीखी नोंकझोंक हुई। पढ़ें पूरी खबर...

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monthly meeting of the MC Shimla was held in Bachat Bhawan Mayor Surendra Chauhan
शिमला में नगर निगम की मासिक बैठक में उलझे कांग्रेस पार्षद। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

नगर निगम सदन में सोमवार को टुटू चौक पर बने पुराने रेन शेल्टर को तोड़ने को लेकर खूब हंगामा बरपा। दोपहर 2:30 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई कि मज्याठ से कांग्रेस पार्षद अनिता शर्मा अपनी सीट पर खड़ी हो गईं। पूछा कि उनके वार्ड में बना रेन शेल्टर किसके कहने पर तोड़ा गया।

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कहा कि जब पिछले सदन में फैसला लिया गया था कि इसकी निशानदेही होगी तो उस पर अमल क्यों नहीं किया गया। कहा कि नगर निगम इसे तोड़ रहा था लेकिन जब आपत्ति की तो यह काम रोका गया। पूछा कि जब निगम की टीमें वापस लौट चुकी थी तो फिर इसे किसने तोड़ दिया।
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टुटू से कांग्रेस पार्षद मोनिका भारद्वाज ने कहा कि यह रेन शेल्टर उनके वार्ड में आता है। यहां नया रेन शेल्टर बनना था, साथ ही यातायात सुचारू करने के लिए भी इसे गिराना जरूरी था। दोनों पार्षदों में करीब 50 मिनट तक तीखी नोंकझोंक हुई। मज्याठ पार्षद जांच करने के लिए समिति बनाने पर अड़ गई।
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महापौर सुरेंद्र चौहान ने हाथ जोड़कर मामला शांत करने का प्रयास किया लेकिन पार्षद नहीं मानी। बाद में खुद सीट पर जाकर पार्षद को बिठाया। कहा कि पार्षद जहां भी कहेंगी, उनके वार्ड में नया रेन शेल्टर बना दिया जाएगा। उधर, भाजपा पार्षद कमलेश मेहता, सरोज ठाकुर ने सदन के फैसले लागू न होने पर सवाल उठाए। कहा कि संबंधित पार्षद से पूछकर ही वार्डाें में काम होने चाहिए। पार्षद चमनप्रकाश ने वार्ड सीमाएं स्पष्ट न करने पर सवाल उठाए।

अब नगर निगम ही उठाएगा निर्माण कार्यों का मलबा
राजधानी में सरकारी और निजी निर्माण कार्यों से निकलने वाला मलबा अब सिर्फ नगर निगम ही उठाएगा। निजी वाहनों में मलबा उठाने पर पाबंदी लगेगी। शहर के जंगलों, नालों और सड़क किनारे हो रही अवैध डंपिंग को रोकने के लिए नगर निगम सदन ने यह फैसला लिया है।

महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को बचत भवन में हुई नगर निगम की मासिक बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मलबा उठाने के एवज में शुल्क वसूला जाएगा। इसकी दरें भी तय कर ली हैं। शहर से मलबा निगम अपनी डंपिंग साइट तक पहुंचाएगा, इसका किराया दूरी और मात्रा के हिसाब से 1500 से 4500 रुपये तय किया गया है। इसी तरह डंपिंग साइट पर मलबा ठिकाने लगाने का शुल्क 2500 से 4500 रुपये प्रति वाहन तक रहेगा। हालांकि दरों पर अगले सदन में ही अंतिम मुहर लगेगी। निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि शहर के जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध डंपिंग की जा रही है। इसे रोकना जरूरी है। इसके लिए निगम ने तय किया है कि शहर में अब नगर निगम की गाड़ियां ही मलबा उठाएंगी। इस काम के लिए निगम गाड़ियां किराये पर लेगा। मलबा उठाने के काम में लगने वाली गाड़ियां अलग रंग में रंगी जाएंगी। लोग नगर निगम में कॉल कर इनकी सुविधा ले सकेंगे। जल्द ही इस सुविधा को शुरू करने की तैयारी है। बैठक में उप महापौर उमा कौशल भी मौजूद रहीं।

आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा
नगर निगम की इस योजना के शुरू होने से शहर में अवैध डंपिंग रुकेगी। साथ ही लोगों को भी एक कॉल पर वाहन सुविधा घरद्वार पर मिल जाएगी। निजी भवन मालिकों के अलावा सरकारी महकमों जैसे लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग और वन विभाग पर भी यह नियम लागू होंगे। जो लोग गुपचुप निजी वाहनों से मलबा फेंकते पकड़े जाएंगे, उन पर जुर्माना लगेगा। साथ ही वाहन भी जब्त किया जाएगा।

पैसा देने पर ही रोपवे स्टेशन बनाने की मंजूरी देगा निगम
नगर निगम रोपवे से होने वाली कमाई से कुछ हिस्सा मिलने पर ही इसके स्टेशन अपनी जमीन पर बनाने की अनुमति देगा। सदन में प्रस्ताव रखा गया कि शहर में बनने वाले रोपवे के 13 स्टेशन नगर निगम की जमीन पर बनने हैं। रोपवे कार्पोरेशन ने यहां इनके निर्माण के लिए एनओसी मांगी है। सदन ने फैसला लिया कि पहले रोपवे कार्पोरेशन को समझौता कर बताना होगा कि इसकी कमाई का कितना हिस्सा नगर निगम को मिलेगा। पार्षदों ने कहा कि लिफ्ट निर्माण के लिए भी नगर निगम ने जमीन दी थी लेकिन समझौता न होने के कारण आज तक इसकी कमाई का हिस्सा निगम को नहीं मिला है।

बरसात से हुए नुकसान की होगी भरपाई सामुदायिक केंद्र, एंबुलेंस रोड भी बनेगा
राजधानी में बरसात से हुए नुकसान की भरपाई जल्द होगी। नगर निगम सदन ने 1.79 करोड़ रुपये की लागत वाले 11 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इनमें टूटी सड़कों को बहाल करने के लिए बजट जारी किया जाएगा। शहर की पीएनटी कालोनी, भट्ठाकुफर, पांजड़ी सड़क, मैहली में पैदल रास्ते, पंथाघाटी, विकासनगर, खलीनी, न्यू शिमला और परिमहल में सड़क, ईदगाह काॅलोनी में हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी।

शहर के मज्याठ वार्ड में 33.17 लाख रुपये से ब्रह्मी देवी निवास से फोरमैन हाउस तक एंबुलेंस सड़क का निर्माण किया जाएगा। टुटीकंडी के जंगली मैदान में बन रहे सामुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य 29.58 लाख से पूरा किया जाएगा। उपमहापौर उमा कौशल ने बताया कि इसका काम अब अंतिम दौर में है। जल्द ही वार्ड के लोगों को इसकी सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। पार्षद मीना चौहान के प्रस्ताव पर कैलस्टन में निगम के खाली आवास में सफाई कर्मचारियों के चेंजिंग रूम बनाने, पार्षद चमन प्रकाश के खलीनी बाजार में क्योंथल कांप्लेक्स के पास स्पीड ब्रेकर लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। पार्षद रामरत्न वर्मा ने निगम की संपत्तियां कंपनी को न सौंपने का प्रस्ताव लगाया। पार्षद कल्याण धीमान ने जन्म मृत्यु जैसे मौकों पर पानी की जरूरत पड़ने पर लोगों को निशुल्क टैंकर सुविधा देने का मामला उठाया।

सदन के फैसले जो देंगे राहत
शहर में येलो लाइन के लिए निगम करेगा सर्वे, हाईकोर्ट की समिति देगी मंजूरी
चाबा में महिला मंडल के भवन निर्माण के लिए लीज पर जमीन देगा निगम
हिमऊर्जा विभाग को एसडीए कसुम्पटी में देंगे येलो लाइन पार्किंग, लेंगे शुल्क
बैनमोर के ओकओवर पार्क में सेजिस संस्था लगाएगी फूल-पौधे, दी मंजूरी
नगर निगम के 340 कर्मचारियों को दीवाली पर मिलेगी 30 हजार की अग्रिम राशि
 
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