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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका

Fri, 15 Feb 2013 11:42 AM IST
शिमला/ब्यूरो
शिमला/ब्यूरो Updated Fri, 15 Feb 2013 11:42 AM IST
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method of studying will be changed in himachal govt schools

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आने वाले सालों में पढ़ाई के तरीके से लेकर पाठ्यक्रम को पूरी तरह बदलने की योजना है। सरकार ने विभाग को दीर्घकालीन और अल्पकालीन योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने तीन चरणों का विस्तृत प्लान बनाने का फैसला किया है। इसमें तीन साल, पांच साल और बीस साल का प्लान शामिल है।

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अल्पकालीन प्लान में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली किताबें पूरी तरह बदली जा सकती हैं। साथ ही शिक्षकों को रूटीन में देने वाले प्रशिक्षण को सभी के लिए अनिवार्य और मजबूत बनाया जाएगा। बच्चों को आकर्षक तरीके से पढ़ाकर कैसे बेहतर रिजल्ट दिए जा सकते हैं, इस पर काम किया जाना है। पांच साल के दूसरे प्लान में शिक्षक बनने को करवाए जाने वाले कोर्सों का खाका बदला जाएगा। जेबीटी, बीएड से लेकर अन्य कोर्स काफी बेहतर बनाए जाएंगे। इसके लिए विभाग की डाइटों और एससीईआरटी को काम सौंपा जाएगा।
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दीर्घकालीन प्लान में सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने, बेहतर रिजल्ट लाने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने जैसे कार्यक्रमों पर विचार होगा। निजी स्कूलों से सरकारी स्कूल के बच्चे कैसे प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं, इसका खाका तैयार करना शुरू किया जा सकता है। इसमें कुछ प्रोजेक्ट तैयार कर केंद्र के पास भी मंजूरी को भेजे जा सकते हैं।
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शिक्षा सचिव के संजय मूर्ति की अध्यक्षता में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को हुई बैठक में एलीमेंटरी और उच्च शिक्षा निदेशक को प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशक एलीमेंटरी हंसराज शर्मा ने बताया कि सरकार के निर्देशों के बाद शिक्षा के स्तर में सुधार को तीन चरणों की योजना बनाई जानी है। इस पर काम चल रहा है।

संभावित बदलाव
- किताबों में होगा भारी फेरबदल
- शिक्षकों के प्रशिक्षण का माडयूल बदलेगा
- शिक्षक बनाने को प्रशिक्षण का तरीका बदलेगा
- पढ़ाई का तरीका प्रायोगिक बनाना होगा
- अभिभावकों की भागीदारी बढ़ेगी
- कम्युनिकेशन स्किल पर जोर देगा विभाग
- ग्रुप डिस्कशन का कल्चर शुरू करने की बनेगी योजना
- विषयवार प्रोजेक्ट तैयार करवाने का काम होगा शुरू

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