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Mandi News: सैण और मट में सातवें दिन जलापूर्ति बहाल, कई क्षेत्रों में अब भी इंतजार
Mon, 04 Aug 2025 11:11 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 04 Aug 2025 11:11 PM IST
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मंडी। आपदा के सातवें दिन सोमवार को मंडी शहर के सैण और मट क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई, जबकि अन्य कई इलाकों में अब भी लोग बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। हालांकि जलशक्ति विभाग का दावा है कि पेयजल योजनाओं के बहाल करने का तक 85 फीसदी पूरा हो चुका है अब 15 फीसदी शेष है।
अस्पताल क्षेत्र में भी सप्लाई बहाल करने का प्रयास जारी है, लेकिन शाम से हो रही बारिश ने काम में बाधा डाली है। वहीं, पैलेस क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने को लेकर रविवार शाम और सोमवार सुबह हंगामा हुआ। स्थानीय पार्षद सुमन ठाकुर के हस्तक्षेप के बाद लोगों ने सहमति दी और कार्य शुरू हुआ। जल शक्ति विभाग के कर्मी चोटिल हालत में भी जलापूर्ति की बहाली में जुटे हैं।
तुंगल कॉलोनी और कल्याणधाम क्षेत्र में सोमवार को भी जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। यहां पाइपों को दुरुस्त करने का कार्य जारी है, जबकि शहर के अन्य इलाकों में सप्लाई सुचारू हो चुकी है।
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व्यक्तिगत कनेक्शन और मीटर भी क्षतिग्रस्त
आपदा के दौरान कई घरों के व्यक्तिगत कनेक्शन और मीटर टूट गए हैं, जिससे बहाली में दिक्कत आ रही है। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता रोहित गुप्ता के अनुसार अब तक 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बाकी बचे क्षेत्रों में एक-दो दिन में सप्लाई बहाल करने का लक्ष्य है। जिन क्षेत्रों में अब भी पानी नहीं पहुंच पाया है, वहां करीब 40 टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति की जा रही है। विभाग ने 200 से ज्यादा कर्मचारियों को फील्ड में तैनात किया है जो आपदा से क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में जुटे हैं।
बारिश बनी सबसे बड़ी चुनौती
अधिकतर जलापूर्ति पाइपें नालों के किनारों से होकर गुजरती हैं। ऐसे में लगातार बारिश और उफनते नाले विभाग की परेशानी को और बढ़ा रहे हैं। सप्लाई बहाली के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन मौसम और स्थानीय सहयोग की कमी सबसे बड़ी बाधा बन रही है।
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अस्पताल क्षेत्र में भी सप्लाई बहाल करने का प्रयास जारी है, लेकिन शाम से हो रही बारिश ने काम में बाधा डाली है। वहीं, पैलेस क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने को लेकर रविवार शाम और सोमवार सुबह हंगामा हुआ। स्थानीय पार्षद सुमन ठाकुर के हस्तक्षेप के बाद लोगों ने सहमति दी और कार्य शुरू हुआ। जल शक्ति विभाग के कर्मी चोटिल हालत में भी जलापूर्ति की बहाली में जुटे हैं।
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तुंगल कॉलोनी और कल्याणधाम क्षेत्र में सोमवार को भी जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। यहां पाइपों को दुरुस्त करने का कार्य जारी है, जबकि शहर के अन्य इलाकों में सप्लाई सुचारू हो चुकी है।
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व्यक्तिगत कनेक्शन और मीटर भी क्षतिग्रस्त
आपदा के दौरान कई घरों के व्यक्तिगत कनेक्शन और मीटर टूट गए हैं, जिससे बहाली में दिक्कत आ रही है। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता रोहित गुप्ता के अनुसार अब तक 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बाकी बचे क्षेत्रों में एक-दो दिन में सप्लाई बहाल करने का लक्ष्य है। जिन क्षेत्रों में अब भी पानी नहीं पहुंच पाया है, वहां करीब 40 टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति की जा रही है। विभाग ने 200 से ज्यादा कर्मचारियों को फील्ड में तैनात किया है जो आपदा से क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में जुटे हैं।
बारिश बनी सबसे बड़ी चुनौती
अधिकतर जलापूर्ति पाइपें नालों के किनारों से होकर गुजरती हैं। ऐसे में लगातार बारिश और उफनते नाले विभाग की परेशानी को और बढ़ा रहे हैं। सप्लाई बहाली के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन मौसम और स्थानीय सहयोग की कमी सबसे बड़ी बाधा बन रही है।