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बथेरी में आईपीएच की सप्लाई और बावड़ी का पेयजल सैंपल फेल
मंडी।
Updated Tue, 29 Mar 2016 05:48 PM IST
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युवक सुयुवक सुनील कुमार (27) पुत्र नंद लाल होली के दिन नहाने के लिए सतलुज नदी में उतरा था।नील कुमार (27) पुत्र नंद लाल होली के दिन नहाने के लिए सतलुज नदी में उतरा था।
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मंडी। कटौला क्षेत्र के बथेरी गांव में आईपीएच विभाग की सप्लाई और प्राकृतिक जलस्रोत (बावड़ी) का पेयजल सैंपल जांच में फेल पाया गया है। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की पब्लिक हेल्थ लैब में हुआ है।
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लैब रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग आगामी कार्रवाई में जुट गया है। संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बारे में पत्राचार किया जा रहा है।
शिमला में फैले पीलिया के बाद स्वास्थ्य विभाग जिलाभर में निरंतर पेयजल की सैंपलिंग कर रहा है। इसी अभियान के तहत कटौला क्षेत्र के बथेरी गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आईपीएच सप्लाई के एक नल और प्राकृतिक पेयजल स्रोत बावड़ी से सैंपल भरे थे। जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया था। लैब रिपोर्ट में दोनों सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। दोनों पेयजल सैंपल पीने योग्य नहीं पाए गए हैं।
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आईपीएच विभाग की सप्लाई का पानी सैंपल फेल होने से उपभोक्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग सैंपल फेल होने पर आईपीएच विभाग से पत्राचार भी कर रहा है। ताकि सप्लाई को शुद्ध किया जा सके।
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इधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डा. देशराज शर्मा ने बताया कि बथेरी में लिए गए आईपीएच की सप्लाई और बावड़ी का पेयजल सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। संबंधित विभागों को पत्राचार किया जा रहा है।
ग्रामीण स्तर पर आईपीएच के पानी सप्लाई सैंपल हो रहे फेल
जिले में ग्रामीण स्तर पर आईपीएच विभाग की सप्लाई के अधिकतर पेयजल सैंपल फेल हो रहे हैं। जबकि मंडी शहर में आईपीएच की सप्लाई का पानी शुद्ध पाया गया है। ग्रामीण स्तर पर आईपीएच के पानी में दिक्कत पेश आ रही है। जबकि प्राकृतिक पेयजल स्रोतों का पानी भी जांच में सही नहीं पाया जा रहा है।